झारखंड में हर दिन 4 लाख मनरेगा कर्मियों को रोजगार दे रही 90 हजार से अधिक योजनाएं

Jharkhand News (रांची) : झारखंड में मनरेगा में काम करने वालों की संख्या में निरंतर बढ़ोतरी हो रही है. राज्य के सभी जिलों में मनरेगा से इच्छुक परिवारों को जोड़ते हुए ससमय रोजगार उपलब्ध कराया जा रहा है. वर्तमान में हर दिन करीब 4 लाख मजदूरों द्वारा 90 हजार से अधिक योजनाओं पर कार्य किया जा रहा है.
Jharkhand News (रांची) : झारखंड में मनरेगा में काम करने वालों की संख्या में निरंतर बढ़ोतरी हो रही है. हर मजदूर को काम मिलें यह हेमंत सरकार की प्राथमिकता है. इसी लक्ष्य के साथ सभी जिलों में मनरेगा से अधिकतम इच्छुक परिवारों को जोड़ते हुए उन्हें ससमय रोजगार उपलब्ध कराया जा रहा है. वर्तमान में हर दिन करीब 4 लाख मजदूरों द्वारा 90 हजार से अधिक योजनाओं पर कार्य किया जा रहा है. महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम के अंतर्गत चलायी जा रही योजनाओं में काम करने वाले मजदूरों की संख्या में एक बार फिर बढ़ोतरी होने लगी है.
बता दें कि झारखंड में 32.82 लाख परिवार रजिस्टर्ड हैं. इस परिवार में 42.47 लाख सक्रिय मजदूर हैं. साथ ही करीब 8 लाख प्रवासी मजदूरों के वापस अपने राज्य में लौटने से इस कार्यबल में और वृद्धि हुई है. मानव दिवस के सृजन में वित्तीय वर्ष 2020-21 में पूरे राज्य में कुल 3.5 करोड़ मानव दिवस का सृजन किया गया था.
इस वित्तीय वर्ष 2021-22 में अब तक पूरे राज्य में कुल 4.52 करोड़ मानव दिवस का सृजन किया गया. जिसमें से जुलाई 2021 के लिए निर्धारित लक्ष्य 472 लाख के विरुद्ध कुल 452 लाख मानव दिवस का सृजन किया जा चुका है, जो लक्ष्य का 96 प्रतिशत है.
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पिछले दो वित्तीय वर्ष के आंकड़ों पर नजर डालें, तो पता लगता है कि इस वर्ष इसी दिन काम करने वाले मजदूरों की संख्या के मुकाबले इस वर्ष उनकी संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है.
वित्तीय वर्ष : माह : मानव दिवस सृजन
2020-21 : अप्रैल : 24,16,268
: मई : 91,69,499
: जून : 1,40,30,739
: जुलाई : 94,66,666
कुल : 3,50,83,172
वित्तीय वर्ष : माह : मानव दिवस सृजन
2021-22 : अप्रैल : 1,64,32,106
: मई : 1,47,68,236
: जून : 1,17,57,469
: जुलाई : 23,03,086
कुल : 4,52,00,897
इस संबंध में मनरेगा आयुक्त राजेश्वरी बी ने कहा कि कोरोना संक्रमण के इस चुनौतीपूर्ण समय में किसान एवं प्रवासी मजदूरों को आजीविका से जोड़ना राज्य सरकार की प्रतिबद्धता है. अधिक से अधिक लोगों को मनरेगा योजना का लाभ मिले यह हमारा प्रयास है. नीलांबर-पीतांबर जल समृद्धि योजना के माध्यम से बंजर भूमि को उपजाऊ भूमि में तब्दील कर रोजगार सृजन करने के उद्देश्य को पूरा करने के लिए विभाग प्रतिबद्धता के साथ पूरे राज्य में कार्य कर रही है.
Posted By : Samir Ranjan.
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