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भोजन की तलाश में हर साल बंगाल से झारखंड आते 125 हाथी, इसके उत्पात से परेशान हैं लोग

Updated at : 13 Aug 2023 4:40 PM (IST)
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भोजन की तलाश में हर साल बंगाल से झारखंड आते 125 हाथी, इसके उत्पात से परेशान हैं लोग

झारखंड के कई जिलों के ग्रामीण हाथियों के उत्पात से परेशान हैं. भोजन की तलाश में हर साल करीब 125 हाथी बंगाल से राज्य में आते हैं. यहां खेत में लगी फसलों को खाते हैं. घरों में रखे अनाज को खाते हैं, क्षतिग्रस्त करते हैं और चलते बनते हैं.

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  धान की फसल खाने हर साल बंगाल से झारखंड आते हाथियों के झुंड

Jharkhand News: झारखंड में हर साल 100 से 125 हाथी पश्चिम बंगाल से आते हैं. ये धान के मौसम में खाने की तलाश में झारखंड आते हैं. एक हाथी प्रति दिन 150 से 200 किलो खाना खाता है और इसे 200 लीटर पानी की जरूरत होती है. अगर खाना और पानी नहीं मिलता है, तो इसकी तलाश में वह जंगल से बाहर निकल जाता है. उसके खाने का 85 फीसदी हिस्सा घास होता है. 15 फीसदी ही सूखा उत्पाद खाता है. यह जानकारी हाथियों पर अनुसंधान करनेवाली बेंगलुरु की नंदनी सेट्ठी ने दी.

  झारखंड में करीब 700 हाथी

नंदनी सेट्ठी ने बताया कि गर्मी के दिनों में हाथियों के भोजन में कमी हो जाती है. एक सामान्य हाथी प्रति दिन चार से 10 किलोमीटर सामान्य तौर पर विचरण करता है. इसकी आयु 60 से 70 साल होती है. 10 से 11 साल की अवधि में हथिनी गर्भ धारण करने के लायक हो जाती है. सेट्ठी ने कहा कि हाथिनी अपने ग्रुप के साथ 10 से 30 फीसदी तक का समय गुजारती है. यह खाना भी अपने ग्रुप के साथ ही खोजती है. झारखंड में करीब 600 से 700 हाथी हैं. यह राज्य के करीब छह हजार किलोमीटर के दायरे में फैले हुए हैं. इनकी सबसे अधिक आबादी पलामू और सिंहभूम में है.

  हाथियों के संरक्षण पर काम कर रहा है विभाग

इससे पूर्व राज्य के प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्य प्राणी) कुलवंत सिंह ने कहा कि झारखंड में हाथियों के संरक्षण पर बहुत काम हो रहा है. मुख्य वन संरक्षक नटेस ने कहा कि मानव-हाथी द्वंद्व को कम करने के लिए जर्मनी की संस्था जीआइजेड के साथ मिलकर काम हो रहा है. जीआइजेड के रवींद्र सिंह ने मौके पर विचार रखे. कार्यक्रम में अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक विकास एनके सिंह, दीक्षा कुमारी प्रसाद, संजीव कुमार, डॉ पारितोष उपाध्याय भी मौजूद थे.

  पूर्वी सिंहभूम के चाकुलिया में हाथियों का उत्पात

हाथियों को पूर्वी सिंहभूम जिला अंतर्गत चाकुलिया स्थित एफसीआई गोदाम पूरी तरह भा गया है. अनाज से भरे एफसीआई गोदाम को गजराज लगातार निशाना बना रहे हैं. जंगली हाथी ने एफसीआई गोदाम के शटर को तोड़कर चावल के बोरे को सूंड से खींचकर बाहर निकाला. पेट भर खाया, फिर लौट गया. लौटने के दौरान गोदाम के समीप स्थित सुशील शर्मा के बागान की दीवार को तोड़ दिया. यह पहला मौका नहीं है जब गजराज ने एफसीआइ गोदाम पर धावा बोला. इससे पहले भी कई बार गोदाम में घुसकर जंगली हाथियों ने चावल और गेहूं खा चुका है. हाथियों ने वन विभाग एवं एफसीआई प्रबंधन की नींद उड़ा दी है. गोदाम में 15 से 20 हजार मीट्रिक टन अनाज रखे रहते हैं. हाथियों से गोदाम का बचाव जरूरी है. इसके लिए विशेष उपाय करने की जरूरत है. किसी दिन हाथियों का झुंड आ गया, तो गरीबों का निवाला हाथियों के पेट में जाने से कोई नहीं रोक पायेगा.

  चाकुलिया : हाथी से मारे जाने पर मुआवजा 10 लाख करने की मांग

विश्व हाथी दिवस पर ओडिशा के भुवनेश्वर में भारत सरकार की ओर से वन एवं पर्यावरण विभाग की देखरेख में स्टीयरिंग कमेटी की बैठक हुई. बैठक में केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव एवं वन एवं पर्यावरण राज्यमंत्री अश्विनी चौबे उपस्थित थे. बैठक में पद्मश्री जमुना टुडू ने भाग लिया. जमुना टुडू ने दोनों मंत्रियों को अंग वस्त्र देकर सम्मानित किया. जमुना टुडू ने मंत्री को बताया कि राज्य के बहरागोड़ा क्षेत्र में हाथियों का उत्पात बहुत बढ़ गया है. कई लोगों की जान जा चुकी है. जमुना टुडू ने भारत सरकार के मंत्रियों से हाथी के हमले से मरने वालों के आश्रितों को मुआवजा राशि चार लाख से बढ़ाकर 10 लाख रुपये करने की मांग की. इस बैठक में चाकुलिया के पूर्व 20 सूत्री अध्यक्ष शंभुनाथ मल्लिक, राजीव महापात्र, मानसिंह टुडू, काकोली मल्लिक उपस्थिति थे.

  खूंटी के सिमतिमड़ा गांव में हाथी को भगाने के क्रम में छह घायल

इधर, खूंटी जिला अंतर्गत कर्रा प्रखंड के जरिया वन क्षेत्र स्थित सिमतिमड़ा गांव में हाथी आ गया. हाथी को खदेड़ने के क्रम में छह युवक घायल हो गये. जानकारी के अनुसार, शनिवार सुबह लगभग पांच बजे गांव में हाथी को देखकर ग्रामीण उसे खदेड़ने में लग गये. इसी क्रम में हाथी पीछे मुड़ कर लोगों की तरफ दौड़ गया. खुद को बचाने के प्रयास में ग्रामीण भी भागने लगे. इस दौरान गड्ढे में गिरने से छह लोग घायल हो गये. घायलों में विल्सन होरो, सोमरा बारला, डेविट टुनुवार, उमलेन बारला, अनुज तोपनो और अमित होरो शामिल हैं. घटना की जानकारी मिलने पर राहुल केसरी, शेख फिरोज, वनपाल राकेश कुमार, वनरक्षी सुकवान माइकल सुरीन और वनरक्षी सिंहदेव मुंडा मौके पर पहुंचे. इसके बाद सभी घायलों को सीएचसी में इलाज कराया. सभी युवक खतरे से बाहर हैं. ग्रामीणों को हाथियों से दूर रहने की अपील की गयी है.

  सिमडेगा के कई क्षेत्रों में जंगली हाथी ने कई घरों को क्षतिग्रस्त किया

वहीं, सिमडेगा जिला अंतर्गत बानो प्रखंड के पबुड़ा, कुलादुरूम में जंगली हाथी ने कई घरों को क्षतिग्रस्त किया. जंगली हाथी ने बानो के विश्वनाथ सिंह की चहारदीवारी को तोड़ दिया. साथ ही अनिल लूनिया के घर में रखे उड़द खा गया. केंदूदा में अरविंद यादव के घर की चहारदीवारी को क्षतिग्रस्त किया. इधर, हाथी ने कुलादुरूम में आलिसा कांडुलना एवं बिरजीना कांडुलना के घर को भी तोड़ दिया. घटना की जानकारी होने पर वन विभाग की टीम ने घटनास्थल पहुंचकर क्षति की जानकारी ली.

  सिमडेगा : तेंगराटूकु में हाथी को भगाने की सामग्री का वितरण

दूसरी ओर, सिमडेगा जिला अंतर्गत बांसजोर प्रखंड की तरगा पंचायत के लोहड़ा तेंगराटूकु गांव में फिर से हाथी आने की खबर पर विधायक नमन बिक्सल कोंगाड़ी के निर्देश पर पार्टी कार्यकर्ताओं ने हाथी भगाने की सामग्री का वितरण किया. कार्यकर्ताओं ने ग्रामीणों के बीच जूट बोरा, जला हुआ मोबिल, पटाखा एवं टॉर्च आदि बांटे. मौके पर कार्यकर्ताओं ने कहा कि अगर कभी भी गांव में हाथी प्रवेश करता है, तो इसकी खबर विधायक नमन बिक्सल कोंगाड़ी तक पहुंचाएं, ताकि समय रहते हुए उस गांव के लोगों को भगाने का समान मुहैया कराया जा सके. साथ ही वन विभाग को भी सूचना दें. यदि वन विभाग कोई भी लापरवाही करता है, तो उसका भी जानकारी विधायक तक पहुंचाए, ताकि उनके ऊपर भी कार्रवाई हो सके. इस मौके पर कांग्रेस प्रदेश अल्पसंख्यक सचिव ज़मीर खान, बांसजोर प्रखंड अध्यक्ष बरथोलोमी तिर्की, जिला अल्पसंखयक सचिव ज़मीर हसन, ठेठइटांगर अल्पसंख्यक प्रखंड अध्यक्ष मो वाहिद, बांसजोर प्रखंड अल्पसंख्यक अध्यक्ष हीरालाल एक्का, मुखिया प्रसन्न लुगुन आदि उपस्थित थे.

  हाथियों से बचना और हाथी को भी बचाना है : रेंजर

पश्चिमी सिंहभूम जिला अंतर्गत सारंडा की गंगदा पंचायत के रोवाम गांव में विश्व हाथी दिवस मनाया गया. इस दौरान गुवा वन रक्षक और पंचायत जन प्रतिनिधि शामिल हुए. रेंजर अखिलेश कुमार त्रिपाठी ने ग्रामीणों को जागरूक करते हुए कहा कि जंगल के हाथियों से भी बचना है और हाथी को भी बचाना है. मौके पर मुखिया सुखराम संडीला, मुंडा बुधराम सिद्धू , जोगीश्वर गोप, बिरसा चांपिया, नंदलाल सुरीन, जगन्नाथ गोप आदि मौजूद थे.

  हजारीबाग : हाथी से हुए नुकसान को लेकर मुआवजे की मांग

इधर, हजारीबाग जिला अंतर्गत चलकुशा प्रखंड में एक माह से हाथियों ने विभिन्न गांवों में जमकर उत्पात मचाया है. धान के बिचड़े और फसलों को नष्ट कर दिया है. गरीबों के घरों को क्षतिग्रस्त कर दिया है. इस मामले को लेकर पूर्व विधायक जानकी यादव, प्रमुख प्रतिनिधि दीपक चौधरी, युवा नेता अनुज रवि ने हजारीबाग में पश्चिमी वन प्रमंडल पदाधिकारी शबा आलम से मुलाकात की. उन्हें ज्ञापन सौंप कर पीड़ितों काे जल्द क्षतिपूर्ति मुआवजा राशि उपलब्ध कराने की मांग की. साथ ही चलकुशा प्रखंड में खेल मैदान व पार्क निर्माण के लिए एनओसी देने का आग्रह किया.

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Samir Ranjan

लेखक के बारे में

By Samir Ranjan

Senior Journalist with more than 20 years of reporting and desk work experience in print, tv and digital media

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