रांची : रिम्स के ऑपरेशन थियेटर है वर्ल्ड क्लास के, निदेशक ने कहा, निजी प्रैक्टिस बंद करें डॉक्टरा, नहीं तो होगी कार्रवाई,

Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 10 Feb 2019 8:01 AM

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रांची : रिम्स निदेशक डॉ दिनेश कुमार सिंह ने रिम्स के सभी विभागाध्यक्षों, यूनिट इंचार्ज व डॉक्टराें को निर्देश जारी किया है कि अगर वह निजी प्रैक्टिस करते हैं तो तत्काल बंद कर दें, अन्यथा उन पर नियमानुसार कार्रवाई की जायेगी. पत्र में यह भी कहा गया है कि आपने रिम्स में योगदान देते समय […]

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रांची : रिम्स निदेशक डॉ दिनेश कुमार सिंह ने रिम्स के सभी विभागाध्यक्षों, यूनिट इंचार्ज व डॉक्टराें को निर्देश जारी किया है कि अगर वह निजी प्रैक्टिस करते हैं तो तत्काल बंद कर दें, अन्यथा उन पर नियमानुसार कार्रवाई की जायेगी.
पत्र में यह भी कहा गया है कि आपने रिम्स में योगदान देते समय एनपीए लेने से संबंधित नियम को स्वीकार किया है. अापके द्वारा निजी प्रैक्टिस नहीं करने के एवज में भत्ता भी लिया जाता है. प्रतिमाह माह यह स्वीकार करने पर कि हम निजी प्रैक्टिस नहीं करते हैं वेतन मिलता है. निदेशक ने कहा है कि रिम्स के डॉक्टरों द्वारा प्रैक्टिस की जानकारी सरकार को भी है.
सरकार द्वारा इस संबंध में सख्त निर्देश जारी किया गया है. इसके बावजूद डाॅक्टरों द्वारा निजी प्रैक्टिस करने की शिकायत लगातार मिल रही है.रिम्स निदेशक ने कहा कि निजी प्रैक्टिस बंद कर संस्थान की छवि को खराब नहीं होने दें. इधर, स्किन विभाग के पीजी डॉक्टरों ने एक महिला को उनके निजी क्लीनिक में जाने का परामर्श दिया. महिला ने उनके निजी क्लीनिक में 500 रुपये फीस देकर परामर्श लिया.
सीनियर व जूनियर रेजीडेंट को भी जारी किया गया आदेश : निदेशक ने कहा है कि ऐसी सूचना मिल रही है कि जूनियर व सीनियर रेजीडेंट भी अस्पताल व क्लिनिक में निजी प्रैक्टिस करते हैं. वह भी तत्काल निजी प्रैक्टिस बंद करें.
ओपेन हार्ट सर्जरी के दो मरीजों को मिली छुट्टी
तीसरा मरीज भी स्वस्थ कल मिलेगी छुट्टी
रांची़ रिम्स के सीटीवीएस विभाग में दो से चार फरवरी के बीच तीनों मरीजों की ओपेन हार्ट सर्जरी हुई थी. अब तीन मरीजों की स्थिति बेहतर है. शनिवार को तीनों मरीजों को आइसीयू से सामान्य वार्ड में शिफ्ट किया गया.
विभागाध्यक्ष डॉ अंशुल कुमार ने बताया कि हसीबा बीबी व कन्हैया कुमार की शनिवार शाम को अस्पताल से छुट्टी कर दी गयी. कन्हैया कुमार अपने घर चले गये.
वहीं हसीबा बीबी रविवार को घर जायेगी. डॉ अंशुल ने बताया कि दोनों को एक सप्ताह बाद स्टिच काटने के लिए बुलाया गया है. मरीज के परिजनों को बताया गया कि अगर घर के पास ही स्टिच कटवाना चाहें, तो किसी सर्जन से कटवा सकते हैं.
ऑपरेशन के बाद जो जरूरी निर्देश है, मरीज व उनके परिजनों को बता दिया गया है. इधर, तीसरे मरीज विनय मरांडी के बारे में कार्डियेक सर्जन डॉ राकेश चौधरी ने बताया कि मरीज पहले से बेहतर है. सोमवार को अस्पताल से छुट्टी करने का प्लान है. एक सप्ताह बाद मरीज को फॉलोअप में बुलाया जायेगा.
कई निजी अस्पतालों से भी बेहतर हो गया है रिम्स के अधिकांश विभाग का ऑपरेशन थियेटर
रांची : राज्य के सबसे बड़े अस्पताल रिम्स का अधिकांश ऑपरेशन थियेटर (ओटी) वर्ल्ड क्लास का हो गया है. न्यूरो सर्जरी, इएनटी, हड्डी व सीटीवीएस के ऑपरेशन थियेटर को मॉड्यूलर बना दिया गया है. अब सर्जरी विभाग के ऑपरेशन थियेटर को माॅड्यूलर बनाया जा रहा है.
दो ओटी काे मॉड्यूलर बनाने का आधा कार्य हो गया है. इसके बाद अन्य दाे ओटी को भी अत्याधुनिक बनाया जायेगा.
जानकार बताते हैं कि सबसे ज्यादा सर्जरी सामान्य सर्जरी विभाग में होती है. मॉड्यूलर ओटी होने से मरीजों के ठीक होने का सक्सेस रेट ज्यादा होता है.
रिम्स के सभी ऑपरेशन थियेटर को मॉड्यूलर बनाने का जिम्मा जर्मनी की कंपनी कार्ल स्टोरेज को दिया गया है. रिम्स के सर्जन का मानना है कि ओटी के मॉड्यूलर होने से मरीजों को ज्यादा लाभ होता है. मॉड्यूलर ओटी पूरी तरह से संक्रमणमुक्त होते हैं, जिससे मरीज के संक्रमित होने की संभावना नहीं के बराबर होती है.
पीजीआइ चंडीगढ़ के डॉ आनंद मिश्रा कर चुके तारीफ : रिम्स के सीटीवीएस विभाग में ओपेन हार्ट सर्जरी करने आये पीजीआइ चंडीगढ़ के डॉ आनंद मिश्रा ने यहां के माॅड्यूलर आेटी की तारीफ की थी. उन्होंने कहा था कि देश के बड़े व निजी अस्पतालों के ऑपरेशन थियेटर से कहीं बेहतर है रिम्स का ओटी.
माॅड्यूलर अोटी से संक्रमण कम हो जाता है. मरीज के जल्द स्वस्थ होने की संभावना बढ़ जाती है. मरीजों के अस्पताल में रहने का समय घट जाता है.
डॉ शीतल मलुआ, सर्जन, रिम्स
मार्च के प्रथम सप्ताह तक पूरा करें गर्ल्स हॉस्टल व प्रशासनिक भवन का काम : अपर निदेशक
रांची़ रिम्स के अपर निदेशक मृत्युंजय वर्णवाल ने शनिवार को रिम्स में तैयार हो रहे गर्ल्स हॉस्टल, प्रशासनिक भवन व ट्रॉमा सेंटर का निरीक्षण किया. भवन निर्माण विभाग के अभियंता व रिम्स कर्मचारियों के साथ उन्होंने स्थल निरीक्षण किया. निरीक्षण के बाद बैठक की.
उन्होंने कहा कि प्रशासनिक भवन, गर्ल्स हाॅस्टल को हर हाल में फरवरी के अंत तक या मार्च के प्रथम सप्ताह तक पूरा करें. गर्ल्स हॉस्टल की अद्यतन स्थिति की जानकारी पर कहा कि 226 कमरा का हॉस्टल का कमरा छात्राओं को तत्काल उपलब्ध करा देना है. एमबीबीएस का नया सत्र शुरू होगा. ऐसे में कमरा नहीं होगा, तो छात्राओं को परेशानी होगी.
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