एयरपोर्ट पर पुरुष अधिकारी ने भारतीय महिला के गरम कपड़े उतरवाए, शौचालय- फोन नहीं करने दिया इस्तेमाल; कानून क्या कहता है?
सिक्योरिटी चेक, AI image
Shruti Chaturvedi : श्रुति चतुर्वेदी एक भारतीय महिला, अमेरिकी एयरपोर्ट पर अकेली. कैमरे पर पुरुष अधिकारी उसकी शारीरिक जांच करते हैं और उन्हें अपने कुछ कपड़े उतारने के लिए मजबूर किया जाता है. ठंडे कमरे में महिला अकेली और उनकी स्थिति इस तरह की है वो किसी अपने को फोन भी नहीं कर पा रही हैं. क्या इस तरह की सुरक्षा जांच को अमेरिका जैसा देश जायज ठहरा सकता है? आखिर क्यों श्रुति चतुर्वेदी के साथ यह सबकुछ हुआ?
Table of Contents
Shruti Chaturvedi : श्रुति चतुर्वेदी यह नाम गूगल पर ट्रेंड कर रहा है. श्रुति चतुर्वेदी गुजरात की रहने वाली एक भारतीय एंटरप्रेन्योर हैं और उनकी स्टोरी तब वायरल हुई, जब श्रुति ने अमेरिका से निकलने के बाद एक्स पर पोस्ट लिखा. श्रुति चतुर्वेदी को अमेरिका के अलास्का एंकोरेज हवाई अड्डे पर 8 घंटे से अधिक समय तक हिरासत में रखा गया. यह समय उनके लिए बहुत ही कष्टकारी रहा, क्योंकि उनसे बेतुके सवाल किए गए, जबकि उनकी गलती ही नहीं थी.
श्रुति चतुर्वेदी को क्यों लिया गया हिरासत में
श्रुति चतुर्वेदी मंगलवार रात को हिरासत में लिया गया था. वजह सिर्फ इतनी सी थी कि उनके पर्स में एक पावर बैंक था, जो अमेरिका के सुरक्षाकर्मियों को संदिग्ध लग रहा था. श्रुति चतुर्वेदी को हिरासत में लेने के बाद उनसे आठ घंटे तक पूछताछ की गई और उन्हें एक फोन भी नहीं करने दिया गया, जिसकी वजह से श्रुति काफी हेल्पलेस और परेशान हो गईं. श्रुति ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में बताया है कि उनकी जांच कैमरे पर एक पुरुष अधिकारी ने की. उनसे कहा गया कि वे अपने गरम कपड़े उतारें, जबकि उन्हें एक ठंडे कमरे में रखा गया था. आठ घंटे की पूछताछ के बाद अंतत: श्रुति और उनके मित्र को छोड़ दिया गया. लेकिन लंबी पूछताछ की वजह से उनकी फ्लाइट मिस हो गई और उन्हें काफी मानसिक यातना भी झेलनी पड़ी. इतना ही नहीं पूरी पूछताछ के दौरान उन्हें शौचालय का प्रयोग भी नहीं करने दिया, जो पूरी तरह से अमानवीय कृत्य है. 31 साल की श्रुति चतुर्वेदी ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में विदेश मंत्री एस जयशंकर को टैग भी किया है.
क्या एयरपोर्ट पर कोई पुरुष अधिकारी किसी महिला की जांच कर सकता है?

विश्व के अधिकांश देशों में यह नियम है कि एयरपोर्ट पर किसी महिला यात्री की जांच एक महिला अधिकारी ही करेगी. ऐसा इसलिए है क्योंकि महिलाओं की जांच का मसला उनकी निजता और सम्मान से जुड़ा है. भारत के सभी एयरपोर्ट पर एक महिला यात्री की जांच महिला अधिकारी ही करती है. यहां तक कि उनकी जांच पर्दे के पीछे होती है, खुले में उनकी जांच नहीं की जाती है.संदिग्ध वस्तु पाए जाने की स्थिति में भी एक महिला अधिकारी ही महिलाओं की जांच करती है. अमेरिका के परिवहन सुरक्षा प्रशासन (Transportation Security Administration) की व्यवस्था भी कहती है कि एक महिला यात्री की सुरक्षा जांच एक महिला अधिकारी ही करेगी. यात्री की सहमति के बिना किसी पुरुष अधिकारी द्वारा महिला यात्री की तलाशी करना न केवल नियमों का उल्लंघन है, बल्कि यह कानून गलत है.
अगर किसी महिला के साथ नियमों का उल्लंघन कर जांच की जाए, तो क्या करें
अगर किसी महिला के साथ नियमों का उल्लंघन करने की घटना होती है, तो उन्हें अविलंब इसके बारे में शिकायत दर्ज करानी चाहिए. भारत में Directorate General of Civil Aviation के पास इसकी शिकायत दर्ज कराई जा सकती है. जैसा कि श्रुति चर्तुर्वेदी के साथ हुआ है, यानी कैमरे पर पुलिस अधिकारी द्वारा जांच, यह भी गलत है और एक महिला की निजता का उल्लंघन है. जहां तक बात कपड़े उतरवा कर जांच करने की है, तो यह बहुत ही गंभीर मामला बन जाता है और अगर महिला चाहे तो वह American Civil Liberties Union सहित कई अन्य संगठन में शिकायत दर्ज करा सकती हैं.
Also Read : क्या सुप्रीम कोर्ट वक्फ बिल को कर सकता है निरस्त, समझें संविधान में क्या है प्रावधान?
क्या है रेसिप्रोकल टैरिफ जिसके बढ़ने से अमेरिका फर्स्ट की नीति हुई मजबूत, भारत को होगा नुकसान?
हिंदू और मुसलमान के बीच भारत में नफरत की मूल वजह क्या है?
आजाद भारत में मुगलों ने मांगी भीख, अंग्रेजों ने 29 बेटों और पोतों का किया था कत्ल
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
लेखक के बारे में
By Rajneesh Anand
रजनीश आनंद प्रभात खबर में सीनियर चीफ कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत है.पत्रकारिता के क्षेत्र में 25 वर्षों का अनुभव रखती हैं. झारखंड की राजधानी रांची में रहने वाली रजनीश ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से स्नातक की शिक्षा प्राप्त की और वर्ष 2000-01 में पत्रकारिता की शुरुआत की. इन्होंने पहली नौकरी झारखंड जागरण दैनिक अखबार में की. उसके बाद इन्होंने प्रभात खबर, हिंदुस्तान, रांची एक्सप्रेस तथा दैनिक जागरण सहित कई प्रमुख समाचार संस्थानों के लिए रिपोर्टिंग और लेखन किया. प्रिंट मीडिया के दैनिक, साप्ताहिक, पाक्षिक और सांध्य संस्करणों में काम करने के बाद वे वर्ष 2012 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय हैं. रजनीश आनंद की पहचान तथ्यपरक रिपोर्टिंग, गहन शोध और विश्लेषणात्मक लेखन के लिए है. उनकी रुचि राजनीति, सामाजिक सरोकारों, ग्रामीण विकास, महिला मुद्दों, इतिहास, खेल, जनजातीय समाज और सार्वजनिक नीतियों से जुड़े विषयों में रही है। उन्होंने हमेशा उन मुद्दों को प्राथमिकता दी है जो समाज के हाशिये पर खड़े लोगों के जीवन को प्रभावित करते हैं, लेकिन मुख्यधारा की चर्चा में अपेक्षाकृत कम स्थान पाते हैं. वे कई प्रतिष्ठित पत्रकारिता फेलोशिप से जुड़ी रही हैं. इन्क्लूसिव मीडिया–यूएनडीपी फेलोशिप के तहत उन्होंने झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम (चाईबासा) जिले में माहवारी स्वच्छता और किशोरियों एवं महिलाओं के स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों पर विस्तृत अध्ययन और रिपोर्टिंग की. झारखंड सरकार मीडिया फेलोशिप के दौरान उन्होंने महिला सशक्तिकरण, सरकारी योजनाओं के प्रभाव और सामाजिक बदलाव के विभिन्न आयामों पर कार्य किया. इसके अतिरिक्त सेव द चिल्ड्रन फेलोशिप के तहत उन्होंने बच्चों के अधिकार, शिक्षा, सुरक्षा और बाल कल्याण से जुड़े मुद्दों पर गहन रिपोर्टिंग की. आदिवासी समाज, विशेषकर मुंडा जनजाति के इतिहास, संस्कृति और समकालीन चुनौतियों पर उनका काम उल्लेखनीय माना जाता है. उन्होंने भूमि, पहचान, परंपरा, सामाजिक बदलाव और आदिवासी समुदायों के अधिकारों से जुड़े विषयों पर व्यापक फील्ड रिपोर्टिंग की है. हाल के वर्षों में उन्होंने झारखंड में ऊर्जा संक्रमण (Energy Transition) और जस्ट ट्रांजिशन की अवधारणा पर भी काम किया है. विशेष रूप से कोयला आधारित अर्थव्यवस्था वाले क्षेत्रों में भविष्य की चुनौतियों, रोजगार, आजीविका और सामाजिक प्रभावों पर उनकी रिपोर्टिंग ने महत्वपूर्ण प्रश्न उठाए हैं. उनका मानना है कि ऊर्जा परिवर्तन की प्रक्रिया तभी सफल होगी जब उसमें प्रभावित समुदायों की भागीदारी और हितों को केंद्र में रखा जाए.पत्रकारिता उनके लिए केवल एक पेशा नहीं, बल्कि समाज के प्रति जिम्मेदारी निभाने का माध्यम है. जमीनी रिपोर्टिंग, तथ्यों की पड़ताल और जनसरोकारों को केंद्र में रखकर लिखना उनकी कार्यशैली की विशेषता रही है. इसके अतिरिक्त रजनीश आनंद कहानियां और कविताएं लिखने का शौक भी रखती है.
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए










