एग्जिट पोल की विश्वसनीयता सवालों के घेरे में, मतगणना के शुरुआती रुझान फालतू : राजीव कुमार

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Rajiv Kumar

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Jharkhand -Maharashtra election 2024 date : मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार ने कहा कि इलेक्ट्राॅनिक मीडिया मतगणना के दिन जो शुरुआती रुझान की जानकारी देती है, वह बिलकुल फालतू जानकारी होती है. आठ बजे से मतगणना शुरु होती है और आठ बजकर 10-15 मिनट से रुझान की जानकारी दी जाती है, जो बिलकुल भी संभव नहीं है.

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Jharkhand -Maharashtra election 2024 date : झारखंड और महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान करते वक्त मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार ने कुछ ऐसी बातें कहीं, जो चौंकाने वाली है. मुख्य चुनाव आयुक्त ने एग्जिट पोल की विश्वसनीयता पर सवाल उठाते हुए कहा कि इसकी वजह से कई तरह की विकृति पैदा हो जाती है. उन्होंने कहा कि जनता एग्जिट पोल से उम्मीद करती है, इसलिए यह उनका दायित्व भी बनता है कि वे यह बताएं कि उन्होंने सैंपल साइज क्या लिया है, कहां सर्वे किया है, किन लोगों को शामिल किया है, यह उनकी जनता के प्रति जिम्मेदारी है.

राजीव कुमार ने कहा कि इलेक्ट्राॅनिक मीडिया मतगणना के दिन जो शुरुआती रुझान की जानकारी देती है, वह बिलकुल फालतू जानकारी होती है. आठ बजे से मतगणना शुरु होती है और आठ बजकर 10-15 मिनट से रुझान की जानकारी दी जाती है, जो बिलकुल भी संभव नहीं है. आठ बजकर 50 मिनट से पहले किसी भी तरह की कोई जानकारी सामने नहीं आती है, इसलिए मीडिया को भी अपनी जिम्मेदारी समझनी चाहिए और भ्रमित करने वाली जानकारी नहीं देनी चाहिए.

मतगणना के शरुआती रुझान फालतू : राजीव कुमार


राजीव कुमार ने कहा कि चुनाव आयोग सुबह 9: 30 बजे से वेबसाइट पर अपने परिणाम डालना शुरू करता है. जब वास्तविक परिणाम सामने आते हैं, तो जो परिणाम पहले से चलाए जा रहे होते हैं, उसमें अंतर दिखने लगता है. यह अंतर कभी-कभी समस्याओं को उत्पन्न करता है, इसलिए इस तरह के परिणाम जारी करने से पहले मीडिया संस्थानों को विचार करना चाहिए कि वे क्या कर रहे हैं. सिर्फ टीआरपी की आपाधापी में गलत सूचना नहीं दी जानी चाहिए.

एग्जिट पोल के परिणाम भ्रामक

राजीव कुमार ने कहा कि हरियाणा के एग्जिट पोल में दिखाया गया था कि कांग्रेस चुनाव जीत रही है लेकिन हुआ इसके विपरीत. जम्मू-कश्मीर में त्रिशंकु विधानसभा की बात कही गई लेकिन नेशनल काॅन्फ्रेंस-कांग्रेस के साथ चुनाव जीत गई. हम एग्जिट पोल को कंट्रोल नहीं करते हैं, इसलिए उसके परिणाम के प्रति भी जिम्मेदार नहीं है, लेकिन जो लोग एग्जिट पोल पर नजर रखते हैं, उन्हें अपनी जिम्मेदारी समझनी चाहिए.


चुनाव आयोग ने मंगलवार को महाराष्ट्र और झारखंड में विधानसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान किया. झारखंड में दो चरण में मतदान होंगे, 13 और 20 नवंबर को मतदान होगा, जबकि महाराष्ट्र में 20 नवंबर को वोट डाले जाएंगे. 23 नवंबर को मतगणना होगी.

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रजनीश आनंद

लेखक के बारे में

By रजनीश आनंद

रजनीश आनंद प्रभात खबर में सीनियर चीफ कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत हैं और पत्रकारिता के क्षेत्र में 25 वर्षों से अधिक का अनुभव रखती हैं.फिलहाल वे प्रभात खबर के ओरिजिनल, नेशनल, इंटरनेशनल और खेल कैटेगरी के लिए राइटिंग का काम करती हैं. उनकी पहचान फैक्ट बेस्ट रिपोर्टिंग, रिसर्च बेस्ड स्टोरी और एक्सप्लेनर लेखन के लिए है.

राजनीति, सामाजिक सरोकार, ग्रामीण विकास, महिला मुद्दों, इतिहास, खेल, जनजातीय समाज और सार्वजनिक नीतियों से जुड़े विषयों पर उनकी विशेष रुचि रही है. वैसे मुद्दे जो समाज के हाशिये पर मौजूद समुदायों और आम लोगों के जीवन को प्रभावित करते हैं, लेकिन मुख्यधारा की बहस में अपेक्षाकृत कम जगह पाते हैं, ऐसे विषयों पर भी लेखन में रुचि रखती हैं.

रजनीश आनंद कई प्रतिष्ठित पत्रकारिता फेलोशिप से जुड़ी रही हैं. इन्क्लूसिव मीडिया–यूएनडीपी फेलोशिप के तहत उन्होंने झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम (चाईबासा) जिले में माहवारी स्वच्छता और किशोरियों एवं महिलाओं के स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों पर अध्ययन एवं रिपोर्टिंग की. झारखंड सरकार मीडिया फेलोशिप के दौरान महिला सशक्तिकरण, सरकारी योजनाओं के प्रभाव और सामाजिक बदलाव के विभिन्न आयामों पर काम किया. इसके अलावा सेव द चिल्ड्रन फेलोशिप के तहत बच्चों के अधिकार, शिक्षा, सुरक्षा और बाल कल्याण से जुड़े मुद्दों पर गहन रिपोर्टिंग की है.

आदिवासी समाज, विशेषकर मुंडा जनजाति के इतिहास, संस्कृति और समकालीन चुनौतियों पर उनका काम उल्लेखनीय माना जाता है. उन्होंने भूमि, पहचान, परंपरा, सामाजिक बदलाव और आदिवासी समुदायों के अधिकारों से जुड़े विषयों पर व्यापक फील्ड रिपोर्टिंग की है.हाल के वर्षों में उन्होंने झारखंड में ऊर्जा संक्रमण (Energy Transition) और जस्ट ट्रांजिशन की अवधारणा पर भी काम किया है. विशेष रूप से कोयला आधारित अर्थव्यवस्था वाले क्षेत्रों में रोजगार, आजीविका और सामाजिक प्रभावों से जुड़ी चुनौतियों पर उनकी रिपोर्टिंग ने महत्वपूर्ण सवाल उठाए हैं.

रजनीश आनंद झारखंड की राजधानी रांची में रहती हैं और इलाहाबाद विश्वविद्यालय से स्नातक हैं. उन्होंने वर्ष 2000 में पत्रकारिता की शुरुआत झारखंड जागरण दैनिक से की. इसके बाद प्रभात खबर, हिंदुस्तान, रांची एक्सप्रेस और दैनिक जागरण सहित कई प्रमुख समाचार संस्थानों के लिए रिपोर्टिंग और स्वतंत्र लेखन किया. प्रिंट मीडिया के दैनिक, साप्ताहिक, पाक्षिक और सांध्य प्रकाशनों में काम करने के साथ-साथ वे वर्ष 2012 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय हैं.

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