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Jharkhand Assembly Election Countdown: झारखंड में 29 सीटों पर हार-जीत की कमान क्यों होगी महिलाओं के हाथ

Updated at : 11 Oct 2024 7:13 AM (IST)
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Jharkhand Assembly Election Countdown

जानिए झारखंड की महिला मतदाता बहुल विधानसभा सीटों का कैसा है मिजाज

जानिए किन विधानसभा सीटों पर महिलाएं लिखेंगी उम्मीदवारों का भाग्य, कहां पुरुषों से अधिक है महिला मतदाताओं की तादाद

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Jharkhand Assembly Election Countdown: नवरात्र में शक्ति की आराधना तो सभी कर रहे हैं. परंतु दशहरा के मेले का जश्न खत्म होते ही झारखंड विधानसभा चुनाव की धूम शुरू हो जाएगी. इस चुनाव में भी असली ताकत शक्तियों के हाथ ही होंगी. देवियों के हाथ ही हार-जीत की कमान रहेगी. इसलिए नारी को देवी स्वरूपा नहीं मानने वाले नेताओं और उम्मीदवारों को इस बार महंगा पड़ सकता है. 

झारखंड की 81 विधानसभा सीटों में से 29 विधानसभा सीटों में जीत की रणनीति तो सियासी पंडितों को नारी शक्ति को ध्यान में रखकर ही बनाना होगा. इसमें जरा भी हीलाहवाली हुई तो इन सीटों पर उनके उम्मीदवार की किस्मत पर कालिख पुत सकती है. इन विधानसभा क्षेत्रों में महिला मतदाताओं की तादाद पुरुषों से बहुत ज्यादा है. महिलाएं घर की देहरी लांघ कर लोकतंत्र की प्रहरी बनने के लिए भी आतुर हैं. 

Jharkhand Assembly Election Countdown: ट्राइबल रिजर्व सीटों पर महिलाओं का है बोलबाला 

झारखंड की जिन 29 विधानसभा सीटों पर महिला मतदाताओं की संख्या पुरुष मतदाताओं से अधिक है, उनमे से 27 विधानसभा सीटें आदिवासी समुदाय के लिए रिजर्व हैं. यानी उन सीटों पर आदिवासी समुदाय से ही उम्मीदवार हो सकते हैं. पुरुषों से अधिक महिला मतदाताओं वाली विधानसभा सीटों में केवल पाकुड़ और सिल्ली विधानसभा सीटें ही आदिवासी समुदाय के लिए रिजर्व नहीं हैं. 

वैसे भी आदिवासी समुदाय में महिलाओं की भूमिका प्रभावी रहती है. वे पारिवारिक ही नहीं सामाजिक और सांस्कृतिक मामलों में भी समानता के स्तर पर भागीदार होती हैं. इस कारण आदिवासी बहुल विधानसभा सीटों में महिला मतदाताओं की अच्छी संख्या देखने के लिए मिल रही है. जाहिर है कि वोटर लिस्ट का यह नंबर चुनावी ताकत के रूप में भी दृष्टिगोचर होगा. 

Jharkhand Assembly Election Countdown: पार्टियों को क्या करनी होगी अतिरिक्त कोशिश 

झारखंड में पुरुषों से अधिक महिला मतदाताओं वाली 29 विधानसभा सीटों पर राजनीतिक दलों को चुनाव में महिलाओं के अधिक से अधिक वोट पाने के लिए जोर लगानी होगी. क्योंकि, साक्षरता बढ़ने के कारण महिलाओं में राजनीतिक जागरूकता भी बढ़ी है. ऐसी स्थिति में महिलाएं पिता, पति या पुत्र के अलावा अपने विवेक के आधार पर भी वोट देने के लिए उम्मीदवार के चयन का फैसला ले सकती हैं. 

महिलाओं का अधिक से अधिक वोट पाने के लिए खासकर अधिक महिला वोटर वाली विधानसभा सीटों पर राजनीतिक दल अधिक संख्या में महिलाओं को उम्मीदवार बना सकते हैं. इन सीटों पर चुनाव प्रचार के लिए महिला राजनीतिक कार्यकर्ताओं की भूमिका भी पहले से अधिक प्रभावी हो सकती है. 

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Mukesh Balyogi

लेखक के बारे में

By Mukesh Balyogi

Mukesh Balyogi is a contributor at Prabhat Khabar.

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