Prabhat Khabar Special: IPL आंदोलन से सुर्खियों में आयी थी ममता देवी, आईपीएल गोलीकांड ने ही डूबोया

रामगढ़ से कांग्रेस विधायक ममता देवी समेत 13 दोषियों को पांच-पांच साल की सजा हुई. मालूम हो कि जिस IPL फैक्ट्री में आंदोलन के सहारे ममता देवी जनता के बीच छायी थी, उसी IPL ने उसे लू डूबा. तीन साल में ही विधायक का सफर ममता देवी का खत्म हो गया.

रामगढ़ से कांग्रेस विधायक ममता देवी को पांच साल की सजा सुनाये जाने के बाद गोला का आईपीएल गोलीकांड एक बार फिर चर्चा में आ गया. आईपीएल आंदोलन की उपज कही जाने वाली विधायक ममता देवी को आईपीएल गोलीकांड ने ही डूबो दिया. जानकारी के अनुसार, गोला प्रखंड के टोनागातू में इनलैंड पावर प्लांट अवस्थित है. जहां बिजली उत्पादन किया जाता है. प्लांट निर्माण के समय कई ग्रामीण यहां विस्थापित हुए थे. इन विस्थापितों को प्लांट प्रबंधन द्वारा नौकरी, मुआवजा और रोजगार देने का आश्वासन दिया गया था. प्रबंधन कुछ लोगों को नौकरी भी दी थी, लेकिन ग्रामीणों को पर्याप्त सुविधा और रोजगार नहीं दिये जाने पर यहां आंदोलन की सुगबुगाहट शुरू हुई. इसके बाद नागरिक चेतना मंच का गठन कर आंदोलन शुरू किया गया.

तत्कालीन पार्षद सह वर्तमान विधायक ममता देवी एवं झारखंड विकास मोर्चा (वर्तमान में भाजपा नेता) राजीव जायसवाल के नेतृत्व में यहां आंदोलन शुरू किया गया था. कई बार प्लांट के मुख्य द्वार के समक्ष धरना प्रदर्शन किया गया था. प्रबंधन द्वारा मांगों को नहीं माने जाने के बाद 29 अगस्त, 2016 को यहां व्यापक रुप से धरना प्रदर्शन का आयोजन किया गया था. जिसमें बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए थे. जिला प्रशासन द्वारा शांतिभंग होने की संभावना को लेकर यहां मजिस्ट्रेट, अधिकारी और बड़ी संख्या में पुलिस बल के जवानों को तैनात किया गया था. इसी बीच देखते ही देखते ग्रामीण उग्र हो गये और प्लांट के इंटेकवेल में तोड़फोड़ शुरू कर दिया गया. इसके बाद यहां पुलिस व आंदोलन कर रहे लोगों के बीच पथराव के बाद झड़प हुई. देखते ही देखते यह पूरा क्षेत्र रणक्षेत्र में तब्दील हो गया. पुलिस द्वारा फायरिंग शुरु कर दी गयी. जिसमें दशरथ नायक (50 वर्ष) एवं रामलखन महतो उर्फ फुतू महतो (40 वर्ष) की मौत हो गयी थी. वहीं, 43 लोग घायल हुए थे. जिसमें पुलिस प्रशासन के अधिकारी, जवान और ग्रामीण शामिल थे. दो ग्रामीणों की मौत के बाद आक्रोशितों ने गोला के तत्कालीन सीओ के वाहन को जला दिया था. पूरे घटना को लेकर गोला और रजरप्पा थाना में अलग-अलग मामला दर्ज किया गया था. एक मामले की सुनवाई हुई.

गोला आईपीएल गोलीकांड का मामला न्यायालय में चल रहा था. कई उलटफेर देखे गये. सितंबर 2022 में इसी मामले में उन्हें गैर जमानती वारंट भी जारी किया गया था जबकि एक अन्य मामले में विधायक ममता देवी, राजीव जायसवाल समेत आठ लोगों को तीन-तीन माह की सजा सुनायी गयी थी. हालांकि, इनलोगों को जमानत देकर रिहा कर दिया गया था. लेकिन] रजरप्पा थाना कांड संख्या 79/16 में सजा सुनायी गयी है.

बता दें कि गोलीकांड घटना के कुछ दिनों के बाद ममता देवी को पुलिस ने रांची से गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया था. लगभग छह माह जेल में रहने के बाद इन्हें जमानत पर रिहा किया गया था. जेल से बाहर आने के बाद रामगढ़ से लेकर गोला तक ग्रामीणों ने भव्य तरीके से इनका स्वागत किया था. इसके बाद वे कांग्रेस पार्टी के बड़े नेताओं के नजर में आयी. इसके बाद उन्हें रामगढ़ विधानसभा सीट से टिकट देकर प्रत्याशी बनाया गया. 2019 में हुए विधानसभा चुनाव में ममता देवी ने जीत हासिल कर विधायक बनी. इसी तरह राजीव जायसवाल को भी रांची के एक होटल से गिरफ्तार किया गया था. राजीव को आठ माह के बाद जमानत मिली थी.

विधायक ममता देवी के तीन बच्चे है. जिसमें दो बेटी और एक बेटा है. दोनों बेटी में एक दृष्टि कुमारी एवं दूसरी स्नेहा महतो है. जबकि एक लगभग चार माह का पुत्र है. जिसका नामकरण नहीं हुआ है.

ममता देवी जब रामगढ़ से कांग्रेस प्रत्याशी बनी थी. उस समय यहां आजसू पार्टी का बोलबाला था. किसी को विश्वास नहीं हो पा रहा था कि ममता देवी चुनाव जीत पायेगी. लेकिन वे 2019 में चुनाव जीत गयी. इस तरह लगभग तीन वर्ष में ही विधायक का सफर खत्म हो गया. जितनी तेजी से ममता देवी की लोकप्रियता बढ़ी थी. लेकिन न्यायालय के एक फैसले से सबकुछ धराशायी हो गया.

राजीव की मां अहिल्या देवी ने रोते हुए बताया कि मेरा बेटा जन समस्याओं को लेकर आंदोलन का नेतृत्व किया था. लेकिन, इसे राजनीतिक साजिश के तहत प्रबंधन द्वारा फंसाया गया. उन्होंने कहा कि बेटे की रिहाई के लिए हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटायेंगे.

गोला स्थित विधायक ममता देवी के आवास एवं कार्यालय में सन्नाटा पसर गया है. एक भी कार्यकर्ता और समर्थक यहां नजर नहीं आये. सुबह से ही रामगढ़ जिले के सभी चौक-चौराहों और जगह-जगह पर गोला गोलीकांड की चर्चा की जा रही थी. साथ ही लोग इनके सजा को लेकर भी कयास लगा रहे थे. आखिरकार इस मामले में अभियुक्तों को सजा हुई. मालूम हो कि इस मामले में जिन 13 लोगों को सजा हुई है. उनमें सिर्फ तीन लोग ही चर्चित है. जिसमें विधायक ममता देवी, भाजपा नेता राजीव जायसवाल एवं मनोज पूजहर शामिल है. बाकी दस लोगों को क्षेत्र के अधिकांश लोग पहचानते तक नहीं है.
रिपोर्ट : सुरेंद्र कुमार/शंकर पोद्दार, रजरप्पा, रामगढ़.
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By Samir Ranjan
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