18.1 C
Ranchi

लेटेस्ट वीडियो

PHOTOS: बिरसा मुंडा जयंती पर सजा खूंटी का उलिहातु गांव, कोकर में धरती आबा की समाधि स्थल का है ये हाल

भगवान बिरसा मुंडा की जयंती पूरे देश में एक दिन बाद 15 नवंबर को मनाई जाएगी. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उन्हें श्रद्धांजलि देने उनके गांव उलीहातु जा रहे हैं. गांव को खूब सजाया जा रहा है, लेकिन रांची में समाधि स्थल पर सन्नाटा पसरा है.

Undefined
Photos: बिरसा मुंडा जयंती पर सजा खूंटी का उलिहातु गांव, कोकर में धरती आबा की समाधि स्थल का है ये हाल 10

भगवान बिरसा मुंडा की जयंती को अब पूरे देश में जनजातीय गौरव दिवस के रूप में मनाया जाता है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस बार बिरसा मुंडा की जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि देने के लिए झारखंड आ रहे हैं. पीएम मोदी 14 नवंबर को रांची आएंगे और 15 नवंबर को खूंटी जाएंगे.

Undefined
Photos: बिरसा मुंडा जयंती पर सजा खूंटी का उलिहातु गांव, कोकर में धरती आबा की समाधि स्थल का है ये हाल 11

उनकी यात्रा के मद्देनजर भगवान बिरसा मुंडा के गांव को दुल्हन की तरह सजाया जा रहा है. उलिहातु स्थित उनके स्मारक का भी रंग-रोगन हो चुका है. दूसरी तरफ, राजधानी रांची के कोकर में भगवान बिरसा मुंडा के स्मृति स्थल का जायजा लेने के लिए जनजातीय गौरव दिवस से पहले प्रभात खबर की टीम पहुंची.

Undefined
Photos: बिरसा मुंडा जयंती पर सजा खूंटी का उलिहातु गांव, कोकर में धरती आबा की समाधि स्थल का है ये हाल 12

टीम ने पाया कि भव्य स्मारक स्थल पर चहारदिवारी बनी है. सुरक्षा के लिहाज से रेलिंग लगी है. बड़ा-सा गेट है, जिसमें हमेशा ताला लगा रहता है. आम लोगों को इसमें प्रवेश करने की अनुमति नहीं है. बिरसा की पुण्यतिथि पर स्मारक स्थल को विशेष रूप से सजाया जाता है.

Also Read: PHOTOS : बिरसा मुंडा की संघर्षमयी कहानी, जो अभी तक नहीं हुई पुरानी, जानें इनसे जुड़े रोचक तथ्य
Undefined
Photos: बिरसा मुंडा जयंती पर सजा खूंटी का उलिहातु गांव, कोकर में धरती आबा की समाधि स्थल का है ये हाल 13

राज्यपाल, मुख्यमंत्री और अन्य राजनीतिक दलों के बड़े नेता यहां धरती आबा को श्रद्धांजलि देने आते हैं. लेकिन, धरती आबा की जयंती से दो दिन पहले तक यहां कोई विशेष तैयारी नहीं है. चहारदीवारी के बाहर साइकिल स्टैंड बना है. पास में महिलाएं हड़िया बेच रहीं हैं.

Undefined
Photos: बिरसा मुंडा जयंती पर सजा खूंटी का उलिहातु गांव, कोकर में धरती आबा की समाधि स्थल का है ये हाल 14

मछली बाजार से निकलने वाला सारा कचरा इस समाधि स्थल के बगल से निकलने वाले नाले में डाल दिया जाता है. इसकी वजह से नाले में कचरे का अंबार लगा है. समाधि स्थल से सटी चहारदीवारी के पास भी सब्जी मार्केट की गंदगी डाल दी जाती है.

Undefined
Photos: बिरसा मुंडा जयंती पर सजा खूंटी का उलिहातु गांव, कोकर में धरती आबा की समाधि स्थल का है ये हाल 15

बाजार में शौचालय की उचित व्यवस्था नहीं होने की वजह से समाधि स्थल इसी दीवार के पीछे लोग शौच करने चले जाते हैं. बिरसा मुंडा की पुण्य तिथि के मौके पर कोकर से लालपुर जाने वाली सड़क से बाजार को हटा दिया गया था. सब्जी बाजार एक बार फिर से सड़क पर सज गए हैं.

Also Read: VIDEO: पहली बार भगवान बिरसा मुंडा के गांव आ रहे पीएम मोदी, देखें कैसी हैं तैयारियां
Undefined
Photos: बिरसा मुंडा जयंती पर सजा खूंटी का उलिहातु गांव, कोकर में धरती आबा की समाधि स्थल का है ये हाल 16

कोकर-लालपुर रोड की बायीं ओर स्थित बिरसा मुंडा समाधि स्थल के मुख्य द्वार की बायीं ओर (प्रवेश करने के दौरान) काले रंग के शिलापट्ट पर ‘भगवान बिरसा मुंडा समाधि स्थल’ लिखा है, लेकिन अगर आप उस शिलापट्ट पर नजर डालेंगे, तो पाएंगे कि भगवान बिरसा मुंडा लिखा हुआ तो स्पष्ट दिख रहा है, लेकिन समाधि स्थल की जगह सिर्फ ‘स’ छोटी ‘ई’ की मात्रा और स्थल ही लिखा है. समाधि स्पष्ट नहीं है.

Undefined
Photos: बिरसा मुंडा जयंती पर सजा खूंटी का उलिहातु गांव, कोकर में धरती आबा की समाधि स्थल का है ये हाल 17

समाधि स्थल का रख-रखाव करने वालों को इस ओर ध्यान देना चाहिए कि झारखंड ही नहीं, जनजातीय समुदाय की आन-बान और शान धरती आबा के समाधि स्थल को देखने के लिए जब कोई आए, तो उसे यह महसूस न हो कि झारखंड को ही उनकी कोई परवाह नहीं है. साथ ही यहां की साफ-सफाई पर भी विशेष ध्यान देना चाहिए.

Mithilesh Jha
Mithilesh Jha
मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं। उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है। उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवरेज करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ में भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है। मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

संबंधित ख़बरें

Trending News

जरूर पढ़ें

वायरल खबरें

ऐप पर पढें
होम आप का शहर
News Snap News Reel