बिहार में NEET छात्रा की मौत : ‘पुलिस को जानकारी मत देना…' इस संदेश ने दिए मौत के पीछे साजिश के संकेत


Bihar NEET student death : NEET छात्रा की मौत के मामले में जांच तेज हो गई है. मगर कई सवाल हैं. जिसके जवाब तलाशे जाने हैं. जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे मौत के राज गहराते जा रहे हैं. बड़ा सवाल ये है कि छात्रा की मौत का राज आखिर कौन छिपाना चाह रहा है?
Bihar NEET student death : नीट की छात्रा की मौत के मामले में एक के बाद एक नए मोड़ आ रहे हैं. पहले मां से हुई आखिरी कॉल पर बातचीत, उसके बाद मोबाइल की चैट खंगालने पर ‘पुलिस को जानकारी मत देना का संदेश… पूरे मामले को साजिश की ओर मोड़ देता है. ये लाइन शक और संदेह को गहराने के लिए काफी है. तो आइए इसी बात को समझने की कोशिश करते हैं कि आखिर किसने यह बात कही और किन लोगों के बीच ये बात हो रही थी.
सच दबाने की साजिश?
दरअसल, सवाल इसलिए उठ रहे हैं क्योंकि पुलिस को व्हाट्सएप चैट मिला है. इसमें कुछ ऐसा है जिसने जांच और शक की सुई को साजिश की ओर घुमा दिया है. एसआईटी को व्हाट्सएप चैट से मिली यह लाइन नीट छात्रा मौत केस की सबसे अहम कड़ी बन गई है.
तीन लोगों के बीच क्या हुई बातचीत
एसआईटी को 6 से 9 जनवरी के बीच तीन लोगों की बातचीत मिली है. ये बातचीत टेक्स्ट मैसेज के रूप में है. जिसमें दो डॉक्टरों और एक अन्य शख्स की आपस में संदेश के जरिए बातचीत हो रही है. जिसमें एक अन्य शख्स ये कह रहा है कि ‘पुलिस को जानकारी मत देना, किसी तरह मामला यहीं तक सीमित ही रखो…’
साजिश के संकेत
अब इस चैट से यह बात तो साफ हो गई है कि यहां राज को छिपाने की साजिश रची जा रही है. जांच के दौरान छनकर मिल रही जानकारी के मुताबिक, यह संदेश सिर्फ एक बार नहीं, बल्कि बार-बार एक ही नंबर पर भेजे गए हैं. जो यह इशारा करते है कि अज्ञात शख्स पुलिस तक सही और पूरी जानकारी नहीं पहुंचने देना चाहता है.
उठे ये सवाल…
ऐसे में बड़ा सवाल तो ये खड़ा होता कि वो कौन है जो नहीं चाहता पुलिस तक सही जानकारी पहुंचे? दूसरा बड़ा सवाल कि आखिर ये शख्स पुलिस को क्यों गुमराह करना चाहता है? और इससे भी अहम सवाल ऐसा करने के उसकी मंशा क्या है? क्या वो इस हत्या का सूत्रधार है? इन सवालों ने जांच एजेंसियों को यह सोचने पर मजबूर कर दिया है कि मामला सिर्फ मौत का है! या सच को दबाने की संगठित साजिश?
सीनियर डॉक्टर से लंबी पूछताछ
बता दें कि इस खुलासे के बाद सोमवार को पुलिस ने एक सीनियर डॉक्टर को थाने बुलाया गया. उनसे घंटों पूछताछ की. पूछताछ में इलाज की प्रक्रिया, रिपोर्टिंग में देरी और कॉल-चैट से जुड़े हर पहलू को टटोला गया. पुलिस यह जानने की कोशिश कर रही है कि क्या यह महज बातचीत थी या फिर जांच को प्रभावित करने की सुनियोजित साजिश?
अब एम्स रिपोर्ट पर टिकी निगाहें
फिलहाल एसआईटी को एम्स की मेडिकल रिपोर्ट और डीएनए जांच के नतीजों का इंतजार है. पुलिस का दावा है कि रिपोर्ट सामने आते ही कई अहम राज से पर्दा उठ जाएगा. कुछ ऐसे चेहरे सामने आएंगे, जिन पर अब तक किसी की नजर नहीं गई थी.
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लेखक के बारे में
By Keshav Suman Singh
बिहार-झारखंड और दिल्ली के जाने-पहचाने पत्रकारों में से एक हैं। तीनों विधाओं (प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक और वेब) में शानदार काम का करीब डेढ़ दशक से ज्यादा का अनुभव है। वर्तमान में प्रभात खबर.कॉम में बतौर डिजिटल हेड बिहार की भूमिका निभा रहे हैं। इससे पहले केशव नवभारतटाइम्स.कॉम बतौर असिसटेंट न्यूज एडिटर (बिहार/झारखंड), रिपब्लिक टीवी में बिहार-झारखंड बतौर हिंदी ब्यूरो पटना रहे। केशव पॉलिटिकल के अलावा बाढ़, दंगे, लाठीचार्ज और कठिन परिस्थितियों में शानदार टीवी प्रेजेंस के लिए जाने जाते हैं। जनसत्ता और दैनिक जागरण दिल्ली में कई पेज के इंचार्ज की भूमिका निभाई। झारखंड में आदिवासी और पर्यावरण रिपोर्टिंग से पहचान बनाई। केशव ने करियर की शुरुआत NDTV पटना से की थी।
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