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Jharkhand News: डीजल हुआ महंगा, बैल के दाम भी आसमान पर, किसानों के लिए खेती करना हुआ मुश्किल

महंगाई के कारण किसानों को खेती करना मुश्किल हो गया है. खाद, बीज के साथ-साथ डीजल का दाम बढ़ गया है. बैल की कीमत बढ़ी हुई है. ट्रैक्टर के साथ-साथ बैलों से भी खेतों की जुताई मुश्किल हो गयी है. किसानों का कहना है कि डीजल का दाम बढ़ जाने से खेत जुताई का रेट बढ़ा दिया गया है.

By Prabhat khabar Digital
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Jharkhand News: बाजार में बिक्री के लिए लाए गए पशु
Jharkhand News: बाजार में बिक्री के लिए लाए गए पशु
प्रभात खबर

Jharkhand News: पारंपरिक तरीके से खेती करना छोड़ जिन किसानों ने आधुनिक पद्धति से खेती करना शुरू किया था. अब उनके लिए भी खेतीबारी महंगा साबित हो रही है. वर्तमान समय में खाद, बीज के दाम बढ़ने के साथ-साथ डीजल का दाम भी बढ़ गया है. इस कारण किसानों को खेती करना महंगा पड़ रहा है. जो किसान हल बैल से जुताई करते थे, उन लोगों ने ट्रैक्टर से खेतों की जुताई करनी शुरू की थी, लेकिन अब ट्रैक्टर से जुताई कर खेती करना सस्ता रहा. किसानों का कहना है कि डीजल का दाम बढ़ जाने से ट्रैक्टर मालिकों के द्वारा खेत जुताई का रेट बढ़ा दिया गया है. एक घंटा जुताई के एवज में ट्रैक्टर मालिक के द्वारा 1200 रुपये लिए जा रहे हैं.

बैल की कीमत भी आसमान पर

जिन किसानों के पास अपना ट्रैक्टर है, उन्हें भी इससे जुताई करना महंगा पड़ रहा है. अब जो किसान पारंपरिक तरीके को अपनाते हुए हल-बैल से जुताई करना चाह रहे हैं उन्हें भी अब काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है क्योंकि हल- बैल से जुताई लगभग बंद हो गयी है. आज एक-दो किसान ही ऐसे हैं जो अभी भी अपने खेतों की जुताई हल-बैल के जरिए करना चाहते हैं. इधर, बैल का दाम भी काफी बढ़ गया है. बाजार में 50 हजार रुपये तक में एक जोड़ा बैल की बिक्री की जा रही है. जिसकी खरीदारी करने के लिए सभी किसान सक्षम नहीं है. इसलिए चाह कर भी अब वह फिर से पारंपरिक खेती की ओर नहीं लौट पा रहे हैं. इन दोनों परिस्थितियों में किसान काफी परेशान नजर आ रहे हैं.

खेती को लेकर चिंता में किसान

एक तो ट्रैक्टर से जुताई करना महंगा, वहीं बैल की खरीदारी करना भी महंगा हो गया है. ऐसे में खेती के लिए क्या करें, ये सोचकर किसान चिंतित नजर आने लगे हैं. एक सप्ताह के बाद आषाढ़ का महीना आने वाला है. 21 जून से आद्रा नक्षत्र भी शुरू हो जाएगा. किसानों के लिए खरीफ फसल की तैयारी करने का समय लगभग आ चुका है. इसीलिए किसान अब खेतों की ओर मुड़ने लगे हैं. खेतों की सफाई का कार्य शुरू कर दिया गया है. बारिश के साथ ही लोग खेत की जुताई करने के जुगाड़ में हैं, लेकिन महंगाई ने उनकी कमर तोड़ दी है. किसान राम प्रवेश पांडेय, सरजू राम, अनिल पासवान ने बताया कि खेती कैसे करें यह अब चिंता का विषय है. खाद-बीज का दाम बढ़ गया है. खेती मशीन से करें अथवा पशु से. दोनों अब सस्ता नहीं रहा. किसानों के लिए सरकार के द्वारा कोई विशेष सुविधा प्रदान नहीं की जा रही है. इसलिए किसान चिंतित हैं.

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रिपोर्ट : ओमप्रकाश मिश्रा, तरहसी, पलामू

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