सोशल मीडिया की प्रभावी निगरानी जरूरी होती जा रही है

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सोशल मीडिया

social media : समय के साथ इंस्टाग्राम युवाओं के लिए सूचना प्राप्त करने का एक महत्वपूर्ण स्रोत बनकर उभरा है. आज की युवा पीढ़ी त्वरित और संक्षिप्त जानकारी चाहती है. रील्स इसी आवश्यकता को पूरा करते हैं. किसी भी घटना, योजना या मुद्दे से जुड़े ‘क्या, कब, कहां, क्यों, कौन और कैसे’ जैसे मूलभूत प्रश्नों के उत्तर कुछ ही सेकंड में उपलब्ध हो जाते हैं.

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Social Media : डिजिटल युग में सोशल मीडिया केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं रह गया है. यह सूचना, शिक्षा, जनमत निर्माण और सामाजिक संवाद का एक प्रभावशाली मंच बन चुका है. इन प्लेटफॉर्मों में इंस्टाग्राम रील्स ने युवाओं के बीच विशेष लोकप्रियता हासिल की है. इंस्टाग्राम की लोकप्रियता का मुख्य कारण इसकी संक्षिप्त, आकर्षक और दृश्यात्मक प्रस्तुति है. अभिनय, नृत्य, गायन, मिमिक्री, कॉमेडी और रचनात्मक अभिव्यक्ति के माध्यम से लाखों युवा प्रतिदिन रील्स का निर्माण और उपभोग करते हैं. संचार अध्ययन में इसे ‘उपयोग एवं संतुष्टि सिद्धांत’ के संदर्भ में समझा जाता है, जिसके अनुसार लोग अपनी आवश्यकताओं और रुचियों के अनुरूप मीडिया का उपयोग करते हैं.


समय के साथ इंस्टाग्राम युवाओं के लिए सूचना प्राप्त करने का एक महत्वपूर्ण स्रोत बनकर उभरा है. आज की युवा पीढ़ी त्वरित और संक्षिप्त जानकारी चाहती है. रील्स इसी आवश्यकता को पूरा करते हैं. किसी भी घटना, योजना या मुद्दे से जुड़े ‘क्या, कब, कहां, क्यों, कौन और कैसे’ जैसे मूलभूत प्रश्नों के उत्तर कुछ ही सेकंड में उपलब्ध हो जाते हैं. सरकारी योजनाओं, कल्याणकारी कार्यक्रमों, रोजगार अवसरों, शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि और उद्यमिता से जुड़ी जानकारियां अब रील्स के माध्यम से व्यापक रूप से प्रसारित की जा रही हैं. कई बार योजनाओं से जुड़े अधिकारी, जनप्रतिनिधि अथवा विशेषज्ञ स्वयं वीडियो के माध्यम से योजनाओं की जानकारी देते हैं.

दृश्य सामग्री, एनिमेशन और सरल भाषा के कारण जटिल विषय भी आसानी से समझ में आ जाते हैं. परिणामस्वरूप छात्रवृत्तियों, कौशल विकास कार्यक्रमों, स्टार्टअप, सहायता योजनाओं तथा रोजगार संबंधी अवसरों की जानकारी युवाओं तक सीधे पहुंच रही है. राजनीतिक संचार के क्षेत्र में भी इंस्टाग्राम रील्स की भूमिका लगातार बढ़ रही है. राजनीतिक दल, नेता और सामाजिक कार्यकर्ता नीतियों की व्याख्या, उपलब्धियों के प्रचार, आलोचनाओं के उत्तर और मतदाताओं से संवाद के लिए इस मंच का उपयोग कर रहे हैं. अनेक युवाओं के लिए सोशल मीडिया ही राजनीतिक जानकारी का पहला स्रोत बन गया है. इस प्रकार रील्स राजनीतिक जागरूकता, जनमत निर्माण और नागरिक सहभागिता को प्रभावित कर रहे हैं.
इंस्टाग्राम प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी का भी एक महत्वपूर्ण मंच बन चुका है. संघ लोक सेवा आयोग, राज्य लोक सेवा आयोग, बैंकिंग, एसएससी तथा अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं से संबंधित हजारों शैक्षणिक रील्स प्रतिदिन साझा की जाती हैं.

कई प्रतिष्ठित शैक्षणिक संस्थान और शिक्षक इंस्टाग्राम के माध्यम से परीक्षा रणनीति, समसामयिक घटनाओं, अध्ययन सामग्री और प्रेरक मार्गदर्शन उपलब्ध करा रहे हैं. इससे दूरदराज के क्षेत्रों में रहने वाले विद्यार्थी भी गुणवत्तापूर्ण शैक्षणिक सामग्री तक पहुंच बना पा रहे हैं. संक्षिप्त वीडियो के माध्यम से जटिल विषयों को सरल बनाना और कम समय में उपयोगी जानकारी उपलब्ध कराना इंस्टाग्राम रील्स की विशेषता है. इन रील्स का उपयोग केवल युवा वर्ग तक सीमित नहीं है. बड़ी संख्या में वरिष्ठ नागरिक भी तकनीक, स्वास्थ्य, वित्तीय साक्षरता, सरकारी सेवाओं और सामाजिक विषयों से जुड़ी जानकारी प्राप्त करने के लिए सोशल मीडिया का सहारा ले रहे हैं. इस प्रकार रील्स विभिन्न आयु वर्गों के बीच आजीवन शिक्षा की अवधारणा को मजबूत कर रहे हैं.

विदित है कि फिल्मों के दृश्य, वेब सीरीज के अंश, संगीत वीडियो, हास्य प्रस्तुतियां, खेल जगत की झलकियां, यात्रा अनुभव और जीवनशैली से जुड़ी सामग्री युवाओं को आकर्षित करती हैं. लोकप्रिय फिल्मों और वेब सीरीज के छोटे-छोटे दृश्य दर्शकों में जिज्ञासा उत्पन्न करते हैं और उन्हें पूर्ण सामग्री देखने के लिए प्रेरित करते हैं. प्रतिभा प्रदर्शन से जुड़े वीडियो युवाओं को रचनात्मक अभिव्यक्ति का अवसर प्रदान करते हैं. व्यस्त जीवनशैली के बीच रील्स त्वरित मनोरंजन का सुलभ साधन और युवाओं की सोच, दृष्टिकोण और व्यवहार को प्रभावित करने वाले महत्वपूर्ण माध्यम बन चुके हैं. अपने संक्षिप्त और आकर्षक स्वरूप के चलते ये जानकारी को तेजी से प्रसारित करते हैं और बड़े वर्ग तक पहुंचाते हैं. इस तरह ये रचनात्मक अभिव्यक्ति और ज्ञानार्जन का सशक्त मंच बन चुके हैं.


हालांकि, सकारात्मक प्रभावाें के साथ-साथ हर तकनीक की तरह इंस्टाग्राम रील्स के भी कुछ नकारात्मक पक्ष हैं. सबसे बड़ी चिंता युवाओं का अश्लील अथवा यौन संकेतों वाली सामग्री के संपर्क में आना है. दूसरी प्रमुख समस्या अभद्र, अपमानजनक और विषाक्त सामग्री का प्रसार है. कुछ कंटेंट निर्माता अधिक दर्शक और लोकप्रियता प्राप्त करने के लिए अशिष्ट भाषा, ऑनलाइन उत्पीड़न, घृणा फैलाने वाले वक्तव्य और सार्वजनिक अपमान का सहारा लेते हैं. इससे स्वस्थ संवाद की संस्कृति कमजोर होती है और आक्रामक व्यवहार को बढ़ावा मिलता है. इसलिए आवश्यकता इस बात की है कि डिजिटल साक्षरता को बढ़ावा दिया जाये, जिम्मेदार सामग्री उपभोग को प्रोत्साहित किया जाये और सोशल मीडिया मंचों द्वारा प्रभावी निगरानी सुनिश्चित की जाये, तभी इंस्टाग्राम रील्स वास्तव में युवाओं के लिए ज्ञान, जागरूकता और सकारात्मक परिवर्तन का माध्यम बन सकेंगे. (ये लेखक के निजी विचार हैं.)

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राहुल कुमार

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By राहुल कुमार

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