बेटियां किसी से कम नहीं
Updated at : 25 Aug 2016 12:27 AM (IST)
विज्ञापन

रियो ओलिंपिक में कांस्य पदक जीत कर पीवी सिंधु और साक्षी मलिक ने इतिहास रचा है़ बैडमिंटन में रजत और कुश्ती में कांस्य पदक जीतने वाली वे देश की पहली महिला खिलाड़ी बनी हैं. इस उपलब्धि से उन्होंने यह साबित कर दिया है कि लड़कियां किसी से कम नहीं हैं. जब देश को पदक की […]
विज्ञापन
रियो ओलिंपिक में कांस्य पदक जीत कर पीवी सिंधु और साक्षी मलिक ने इतिहास रचा है़ बैडमिंटन में रजत और कुश्ती में कांस्य पदक जीतने वाली वे देश की पहली महिला खिलाड़ी बनी हैं. इस उपलब्धि से उन्होंने यह साबित कर दिया है कि लड़कियां किसी से कम नहीं हैं. जब देश को पदक की जरूरत थी, तब बेटियां ही काम आयीं़ बात चाहे विमान उड़ाने की हो या पुरुष प्रधान खेल कुश्ती में पदक जीतने की, बेटियां हर क्षेत्र में आगे हैं.
यह बात उन माता-पिता के लिए एक सीख है जो अपनी बेटी को या तो कोख में मार देते हैं या फिर उन्हें जिंदगी में आगे नहीं बढ़ने देते़ समाज यह समझे कि लड़कियां सज्जा मात्र की वस्तु नहीं हैं. लड़कों के समान वे भी अपने माता-पिता के साथ देश के गौरव में चार चांद लगा सकती हैं. आगे बढ़ने में समाज उनका साथ दे.
संजना शिप्पी, बरियातू, रांची
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
विज्ञापन
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar Digital Desk
यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए
विज्ञापन




