अमर प्रेम

Updated at : 12 May 2016 5:48 AM (IST)
विज्ञापन
अमर प्रेम

प्रभात खबर के पिछले कुछ अंकों में इतिहास में दर्ज चंद अमर प्रेम कथाएं पढने का अवसर मिला. इसके लिए अखबार बधाई का पात्र है. अमर गाथाएं और भी हैं जैसे लैला-मजनूं, सोहनी-महीवाल, शीरीं-फरहाद, सदावृक्ष-सारंगा आदि, जिनसे हम भली-भांति परिचित हैं. इनकी गाथाओं पर आधारित फिल्में भी हम देख चुके हैं. कहते हैं ‘ढाई आखर […]

विज्ञापन

प्रभात खबर के पिछले कुछ अंकों में इतिहास में दर्ज चंद अमर प्रेम कथाएं पढने का अवसर मिला. इसके लिए अखबार बधाई का पात्र है. अमर गाथाएं और भी हैं जैसे लैला-मजनूं, सोहनी-महीवाल, शीरीं-फरहाद, सदावृक्ष-सारंगा आदि, जिनसे हम भली-भांति परिचित हैं.

इनकी गाथाओं पर आधारित फिल्में भी हम देख चुके हैं. कहते हैं ‘ढाई आखर प्रेम का, पढ़े सो पंडित होय’! लेकिन एक बात तो तय है कि जो प्यार असफल रह जाता है वही ‘अमर प्रेम’ बन जाता है, जैसा ऊपर लिखे नामों के साथ हुआ़ जो प्यार सफल हो जाता है वह गृहस्थी के जंजाल में उलझ कर रह जाता है. कहने का तात्पर्य यह है कि प्रेम में असफलता ही उसे अमरत्व प्रदान करती है! ऐसा क्यों है?

डॉ विनय कुमार सिन्हा, रांची

विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola