गर्भस्थ शिशु की स्थिति जांचना सही
Updated at : 17 Feb 2016 5:56 AM (IST)
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केंद्रीय मंत्री मेनका गांधी के हाल में मीडिया में आये उस बयान का स्वागत होना चाहिए, जिसमें उन्होंने गर्भ में पल रहे बच्चों की स्थिति जानने के लिए अल्ट्रासाउंड जांच कराने की वकालत की है. जाहिर है, मेनका जी ने वर्तमान समय में समाज में बच्चे-बच्चियों के साथ हो रहे व्यवहार को बहुत गहराई से […]
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केंद्रीय मंत्री मेनका गांधी के हाल में मीडिया में आये उस बयान का स्वागत होना चाहिए, जिसमें उन्होंने गर्भ में पल रहे बच्चों की स्थिति जानने के लिए अल्ट्रासाउंड जांच कराने की वकालत की है. जाहिर है, मेनका जी ने वर्तमान समय में समाज में बच्चे-बच्चियों के साथ हो रहे व्यवहार को बहुत गहराई से महसूस किया है. तकलीफ बढ़ जाती है, जब बच्चा विकलांग या गंभीर बीमारी के साथ पैदा होता है.
हम इस तर्क को खारिज करने के लिए लाख दुहाई दें, लेकिन इस सच्चाई से कोई भी मुंह भी नहीं मोड़ सकता कि समाज ऐसे बच्चों को बोझ ही समझता है. हमारा समाज स्वस्थ हो, इसके लिए विज्ञान का सहारा लेना ही होगा. हमें यह समझना होगा कि गर्भ में ही बच्चे को जांच लेने से कई तरह की मुश्किलों से निपटा जा सकेगा.
– निरूपमा लेयांगी, जमशेदपुर
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