काम एक, स्तर अलग क्यों?

Updated at : 15 Feb 2016 5:03 AM (IST)
विज्ञापन
काम एक, स्तर अलग क्यों?

जमशेदपुर और आसपास के क्षेत्रों में महिला, पुरुषों और किशोरों को मिनी ट्रकों में ठूंस कर एक जगह से दूसरी जगह ले जाया जाता है़ इनमें कई महिलाएं अपने नवजात को आंचल से बांधे ट्रक पर लदे हिचकोले खाती, खुद को और अपने बिलखते बच्चे को संभालती हुईं नजर आती हैं. दरअसल ये लोग ठेका […]

विज्ञापन

जमशेदपुर और आसपास के क्षेत्रों में महिला, पुरुषों और किशोरों को मिनी ट्रकों में ठूंस कर एक जगह से दूसरी जगह ले जाया जाता है़ इनमें कई महिलाएं अपने नवजात को आंचल से बांधे ट्रक पर लदे हिचकोले खाती, खुद को और अपने बिलखते बच्चे को संभालती हुईं नजर आती हैं.

दरअसल ये लोग ठेका मजदूर हैं, जिनके काम करने की परिस्थिति इससे भी विकट होती है़ न कहीं छांव, न पेयजल की व्यवस्था और न ही किसी तरह के खानपान की सुविधा. संवेदनहीन मोटी चमड़ी के ठेकेदार की मेहरबानी और कामचलाऊ जुगाड़ से ही इनके और इनकी गोद के नवजातों के भोजन-पानी की व्यवस्था हो पाती है.

ठेकेदार एकमुश्त राशि बिल्डर से लेने के बाद मनमुताबिक रोजाना के रूप में राशि इन्हें वितरित कर देते हैं और जिम्मेवारी से मुक्ति! न स्वास्थ्य बीमा, न दुर्घटना बीमा, न मेडिकल और न ही पीएफ का झंझट. शाम ढलने पर इन्हें ट्रकवाले नजदीकी चौक-चौराहों पर छोड़ जाते हैं, जहां से ये अपने-अपने घर प्रस्थान कर जाते हैं. क्या इन्हें नजरअंदाज कर अच्छे दिन की कल्पना की जा सकती है? कहते हैं काम कोई भी छोटा या बड़ा नहीं होता, बस काम करने की परिस्थिति, काम के जगह का माहौल और सबसे बढ़ कर काम का मेहनताना, वे बातें हैं जो काम को छोटा या बड़ा बना देते हैं. यह अच्छे माहौल या अच्छी आय का ही कमाल है कि अरब देशों में भवन, सड़क, पुल निर्माण में लगे भारतीय मजदूर, तकनीशियन वापस अपने गांव आकर ठाट से मकान बनवाते हैं. खुद का व्यवसाय शुरू करते हैं. काम एक ही लेकिन स्तर अलग-अलग. इसलिए जरूरत है तय नियमों के मुताबिक मजदूरों के कल्याण की दिशा में विवेकपूर्ण निर्णय की और उन निर्णयों के सख्ती से पालन की. याद रहे, योजनाओं और संसाधन के न्यायोचित वितरण के बगैर विकास संभव नहीं.

विभूति, ई-मेल से

विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola