शायद दुश्मन को कमजोर समझ रहे हम

Updated at : 02 Feb 2016 6:15 AM (IST)
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शायद दुश्मन को कमजोर समझ रहे हम

पलामू स्थित कला पहाड़ी में हुआ नक्सल हमला एक चूक थी. यह पुलिस अधिकारी भी मानते हैं. कुछ दिन पहले ही खबरें छपी थीं कि नक्सल गतिविधियां बंद हो गयी हैं और सरेंडर करनेवाले नक्सलियों की संख्या में बढ़ोतरी हुई है. शायद हम भूल गये कि अभी और भी नक्सली हैं, जो हार्डकोर हैं. नक्सली […]

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पलामू स्थित कला पहाड़ी में हुआ नक्सल हमला एक चूक थी. यह पुलिस अधिकारी भी मानते हैं. कुछ दिन पहले ही खबरें छपी थीं कि नक्सल गतिविधियां बंद हो गयी हैं और सरेंडर करनेवाले नक्सलियों की संख्या में बढ़ोतरी हुई है. शायद हम भूल गये कि अभी और भी नक्सली हैं, जो हार्डकोर हैं.
नक्सली सरेंडर कर रहे हैं, इसका मतलब यह नहीं की सभी नक्सली आत्मसमर्पण कर देंगे. कुछ नक्सली बदले की आग में जल रहे हैं. पलटवार जरूर करेंगे. इतने दिन से कोई हमला नहीं होने का मतलब यह नहीं कि नक्सली खत्म हो गये हैं.
एक कारण यह भी हो सकता है कि वो कोई नयी रणनीति बना रहे हों या अपनी संख्या बढ़ा रहे हों. वजह कुछ भी हो, हमेशा सतर्क रहने की जरूरत है. दुश्मनों की ताकत को कम आंकना बेवकूफी भरा कदम है. नक्सल प्रभावित क्षेत्र में हमेशा पुलिस सतर्क रहे. नक्सल प्रभावित क्षेत्र के लोगों से भी अपील है कि वो पुलिस की मदद करें, तभी पुलिस बल का ऑपरेशन सफल होगा.
– पालूराम हेंब्रम, सालगाझारी
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