बदलती जरूरतें पहुंचा रही हैं नुकसान

Updated at : 11 Dec 2015 1:13 AM (IST)
विज्ञापन
बदलती जरूरतें पहुंचा रही हैं नुकसान

एक दशक पहले देश के किसी भी व्यक्ति को रोटी, कपड़ा, मकान, शिक्षा व चिकित्सा जैसी बुनियादी सुविधाओं की जरूरत थी. लेकिन, आज बदलते जमाने के अनुसार लोगों की जरूरतें भी बदल गयी हैं. अब तो लोगों को सिर्फ विकास की जरूरत है. आज लोगों के दिमाग में विकास के एक ही मायने हैं और […]

विज्ञापन

एक दशक पहले देश के किसी भी व्यक्ति को रोटी, कपड़ा, मकान, शिक्षा व चिकित्सा जैसी बुनियादी सुविधाओं की जरूरत थी. लेकिन, आज बदलते जमाने के अनुसार लोगों की जरूरतें भी बदल गयी हैं.

अब तो लोगों को सिर्फ विकास की जरूरत है. आज लोगों के दिमाग में विकास के एक ही मायने हैं और वह फोर-लेन और सिक्स-लेन बननेवाली सड़कें, बड़ी-बड़ी इमारतें, शॉपिंग मॉल्स, हाथ में मोबाइल-टैब्स, फ्रीज, एसी और अन्य मनोरंजक साधन हैं, लेकिन कोई यह नहीं देखता कि इन चीजों से वातावरण में कार्बन का उत्सर्जन कितना हो रहा है?

किसी को इस बात का अनुमान ही नहीं है कि आज वायुमंडल में होनेवाले परिवर्तन के कारण लोगों को प्राकृतिक आपदा, अनावृष्टि व अतिवृष्टि, सूखा आदि का सामना करना पड़ रहा है. हमारी बदलती जरूरतें ही हमें नुकसान पहुंचा रही हैं. जरूरत इसकी नहीं है कि हम खुद को हाइटेक बनायें. जरूरत है कि हम पर्यावरण की रक्षा के लिए कदम उठाएं.

– अभिषेक मिश्र, रेलीगढ़ा, हजारीबाग

विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola