पेरिस नरसंहार से सबक लेने की जरूरत

नवंबर माह में आइएस के आतंकियों ने पेरिस में हमला कर दिया. इसमें करीब 129 लोगों की जानें चली गयीं. हालांकि, फ्रांस के सैनिकों ने हमलावरों को ढेर कर दिया, लेकिन आतंकवाद के खात्मे की दिशा में पूर्ण विराम नहीं, बल्कि अल्पविराम है. एक ओर दुनिया में आतंकवाद के खात्मे की बात की जाती है, […]
नवंबर माह में आइएस के आतंकियों ने पेरिस में हमला कर दिया. इसमें करीब 129 लोगों की जानें चली गयीं. हालांकि, फ्रांस के सैनिकों ने हमलावरों को ढेर कर दिया, लेकिन आतंकवाद के खात्मे की दिशा में पूर्ण विराम नहीं, बल्कि अल्पविराम है. एक ओर दुनिया में आतंकवाद के खात्मे की बात की जाती है, तो दूसरी ओर रक्त-बीज राक्षसों की तरह आतंकी पैदा हो रहे हैं. रोज कोई न कोई नया संगठन तबाही मचाने के लिए खड़ा हो जा रहा है.
यह विडंबना ही है कि इस साल की शुरुआत में आतंकियों ने फ्रांस में ही शार्ली एब्दो प्रेस पर हमला कर कई लोगों की जानें ले ली थीं. बावजूद इसके वहां की सरकार ने सीख नहीं ली. यह अकेले फ्रांस की सरकार की ही समस्या नहीं है. दुनिया भर की सरकारों को इसके लिए समय से पहले ही उचित प्रबंध करने होंगे.
– भगवान ठाकुर, तेनुघाट
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