ज्ञानार्जन के लिए संघर्ष की जरूरत
Updated at : 11 Nov 2015 4:37 AM (IST)
विज्ञापन

शिक्षा एक वह दीप है, जो हर व्यक्ति के जीवन को ज्ञान से रोशन कर समाज में उचित स्थान दिलाता है. पहले के मुकाबले हमारे देश की शिक्षा प्रणाली में ज्यादा विकास हुआ. बदलते समय के अनुसार नियमों में बेशक बदलाव हो रहा है, लेकिन हम बच्चों की पीठ से पुस्तकों का बोझ खत्म नहीं […]
विज्ञापन
शिक्षा एक वह दीप है, जो हर व्यक्ति के जीवन को ज्ञान से रोशन कर समाज में उचित स्थान दिलाता है. पहले के मुकाबले हमारे देश की शिक्षा प्रणाली में ज्यादा विकास हुआ. बदलते समय के अनुसार नियमों में बेशक बदलाव हो रहा है, लेकिन हम बच्चों की पीठ से पुस्तकों का बोझ खत्म नहीं कर पा रहे हैं. हालांकि, इस बोझ को कम करने के लिए विभागीय और सामाजिक स्तर पर कई शोध भी किये जा चुके हैं, लेकिन अब तक इसका सामाधान नहीं निकल पाया है. इन शोधों पर विचार नहीं करने के पीछे एकमात्र कारण भ्रष्टाचार है.
भ्रष्टाचार से लोग-बाग पैसे तो कमा ले रहे हैं, लेकिन उससे ज्ञान हासिल नहीं कर रहे. पढ़ाई या ज्ञान अर्जित करने के लिए तो पढ़ना जरूरी है. जब तक हम अपनी नीतियों और आदतों में बदलाव करके शिक्षा प्रणाली को सरल नहीं बनायेंगे, तब तक ज्ञानार्जन की कल्पना करना बेमानी है. ज्ञान के लिए तो खुद को घिसना ही पड़ेगा.
– गोलू यादव, बलिया
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
विज्ञापन
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar Digital Desk
यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए
विज्ञापन




