योग दिवस पर सियासी नफा-नुकसान

Published at :23 Jun 2015 5:40 AM (IST)
विज्ञापन
योग दिवस पर सियासी नफा-नुकसान

रविवार 21 जून को पहला विश्व योग दिवस मनाया गया. इसे लेकर जहां केंद्र सरकार अति उत्साहित रही, वहीं तमाम विपक्षी पार्टियां इसके विरोध में लगी थीं. आम जनमानस को यह देख कर क्रोध और आश्चर्य दोनों हुआ. एक ओर योग दिवस का प्रस्ताव संयुक्त राष्ट्र में 193 सदस्य देशों में से 177 देशों के […]

विज्ञापन
रविवार 21 जून को पहला विश्व योग दिवस मनाया गया. इसे लेकर जहां केंद्र सरकार अति उत्साहित रही, वहीं तमाम विपक्षी पार्टियां इसके विरोध में लगी थीं. आम जनमानस को यह देख कर क्रोध और आश्चर्य दोनों हुआ. एक ओर योग दिवस का प्रस्ताव संयुक्त राष्ट्र में 193 सदस्य देशों में से 177 देशों के समर्थन से पारित हुआ, वहीं अपने ही देश में विपक्षी दल विरोध कर रहे हैं.
झारखंड के विपक्षी मान चुके हैं कि इन्हें सत्ता पक्ष के हर कामों का विरोध करना है, चाहे वह योग दिवस हो या जन-धन योजना. लालू प्रसाद और कर्नाटक के एक मंत्री पिछले दिनों योग को लेकर भद्दी टिप्पणी कर चुके है.
इन लोगों का कहना है कि योग हजारों साल से चलता आ रहा है, इसमें नया क्या है? योग हमारी हजारों साल की विरासत है, लेकिन खेद है कि आज तक इसका व्यापक प्रचार-प्रसार नहीं हुआ.
संजीव कुमार पांडेय, रांची
विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola