पॉलिथीन का विकल्प खोजना जरूरी
Published by :Prabhat Khabar Digital Desk
Published at :23 Jun 2015 5:40 AM (IST)
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किसी नयी स्मार्ट सिटी परियोजना के बदले मौजूदा शहरों को बेहतर बनाने में सबसे बड़ी बाधा पॉलिथीन है. छोटे शहरों में इसकी खपत के आंकड़े चौंकानेवाले हैं. ऊपर से हरेक उपभोक्ता वस्तु की प्लास्टिक पैकिंग कंपनीवाले तो करते ही हैं. आज मुंबई में बारिश से बाढ़ आ जाती है, तो इसके पीछे पॉलिथीन का बहुत […]
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किसी नयी स्मार्ट सिटी परियोजना के बदले मौजूदा शहरों को बेहतर बनाने में सबसे बड़ी बाधा पॉलिथीन है. छोटे शहरों में इसकी खपत के आंकड़े चौंकानेवाले हैं. ऊपर से हरेक उपभोक्ता वस्तु की प्लास्टिक पैकिंग कंपनीवाले तो करते ही हैं.
आज मुंबई में बारिश से बाढ़ आ जाती है, तो इसके पीछे पॉलिथीन का बहुत बड़ा योगदान है. इस पर्यावरण विरोधी आतंकवाद से निपटने की कोई ठोस तकनीक की तो छोड़ दीजिये, इसके खिलाफ कोई कारगर नीति भी हमारे पास नहीं है.
कॉरपोरेट सामाजिक दायित्व (सीएसआर) के नाम पर ही सही, अगर ये कंपनिया अपनी पैकिंग सुधारती हैं और रिसर्च के जरिये पॉलिथीन का विकल्प ढूंढने में पैसा लगाती हैं, तो अपने सौ फीसदी उपभोक्ताओं को संतुष्ट करने में वो सफल रहेंगी. यह उनके करोड़ों रुपयेवाले विज्ञापनों पर भी भारी पड़ेगा.
विनय भट्ट, हजारीबाग
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