भाजपा की दुविधा

Published at :18 Jun 2015 5:59 AM (IST)
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भाजपा की दुविधा

बिहार विधानसभा के आगामी चुनाव में भाजपा की ओर से मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार कौन होगा? ऐसा लगता है कि इस सवाल पर भाजपा में दुविधा की स्थिति है. भाजपा के बिहार चुनाव के प्रभारी और केंद्रीय मंत्री अंनत कुमार ने मंगलवार को पटना में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के चेहरे पर हम चुनाव […]

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बिहार विधानसभा के आगामी चुनाव में भाजपा की ओर से मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार कौन होगा? ऐसा लगता है कि इस सवाल पर भाजपा में दुविधा की स्थिति है. भाजपा के बिहार चुनाव के प्रभारी और केंद्रीय मंत्री अंनत कुमार ने मंगलवार को पटना में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के चेहरे पर हम चुनाव लड़ेंगे. सुशासन और विकास का मोदी का चेहरा बिहार में भाजपा को सत्ता में लायेगा. अनंत कुमार की बातों को आधिकारिक माना जाये, तो भी ऐसा लगता है कि सत्ता की राह में पार्टी के भीतर बड़े प्रश्न खड़े हैं.

अनंत कुमार की कही बातों का बिहार के एक नेता ने खंडन कर दिया, तो कुछ ने उसका समर्थन किया. जाहिर है इससे दो पक्ष सामने आ गये. पार्टी नेता सुशील कुमार मोदी ने कहा कि जुलाई में होने वाली संसदीय बोर्ड की बैठक मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार पर फैसला लेगी. लेकिन मोदी से इतर पार्टी सांसद अश्विनी चौबे और पूर्व केंद्रीय मंत्री डॉ सीपी ठाकुर ने अनंत कुमार के बयान का समर्थन करते हुए कहा कि नरेंद्र मोदी के नेतृत्व व उनके मार्गदर्शन से बेहतर और क्या होगा? भाजपा नेताओं के इन बयानों से साफ है कि मुख्यमंत्री उम्मीदवार को लेकर कहीं-न-कहीं कोई पेच है.

ऐसे समय जब सेक्यूलर दलों के गंठबंधन ने नीतीश कुमार के नेतृत्व में चुनाव लड़ने का फैसला कर लिया है, तब मुख्य विपक्षी दल के भीतर मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार के नाम पर ऊहापोह जैसी स्थिति कायम है. यह सच भी है कि मौके-बेमौके पार्टी के कई नेता मुख्यमंत्री पद के लिए प्रोजेक्ट कि ये जाते रहे हैं. इस पद के लिए आधा दर्जन से ज्यादा नेताओं के नाम आ चुके हैं. इसके पीछे सबके अपने दावे हैं. इस पद के लिए किसी एक नाम पर दुविधा की स्थिति सामाजिक संरचना को लेकर भी है. पार्टी में अगड़े और पिछड़े समुदाय से आने वाले नेताओं की इस पद पर दावेदारी है. इस मुतल्लिक सामाजिक संगठनों की ओर से अलग-अलग कई नाम पेश किये गये हैं. शायद केंद्रीय नेतृत्व इसका अनुमान लगा रहा है कि किसी एक नेता का नाम सामने करने से उसका असर कैसा होगा? यही कारण है कि पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह से पिछले दिनों उनके पटना प्रवास के दौरान मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार के बारे में पूछा गया तो उन्होंने उसका कोई सीधा जवाब नहीं दिया. महत्वपूर्ण यह भी है कि लोग भाजपा उम्मीदवार की तुलना नीतीश कुमार की छवि से करेंगे. ऐसे में यह सवाल बड़ा हो जाता है कि भाजपा नीतीश कुमार के मुकाबले किसे खड़ा करेगी?

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