माता समिति के लिए नियमावली बने

Published at :24 Sep 2013 3:51 AM (IST)
विज्ञापन
माता समिति के लिए नियमावली बने

वित्तीय वर्ष 2012-13 के बजट में केंद्र सरकार ने राज्य के प्राथमिक विद्यालयों में रसोइया के काम में लगी 80 हजार माता समितियों की सदस्यों के मानदेय में एक हजार रुपये की बढ़ोतरी के लिए राशि आवंटित तो कर दी है, लेकिन दस सालों से भी अधिक समय से बिना किसी नियमावली के राज्य के […]

विज्ञापन

वित्तीय वर्ष 2012-13 के बजट में केंद्र सरकार ने राज्य के प्राथमिक विद्यालयों में रसोइया के काम में लगी 80 हजार माता समितियों की सदस्यों के मानदेय में एक हजार रुपये की बढ़ोतरी के लिए राशि आवंटित तो कर दी है, लेकिन दस सालों से भी अधिक समय से बिना किसी नियमावली के राज्य के 42 हजार विद्यालयों में शून्य मानदेय पर कार्यरत इन महिलाओं, जिनमें अधिकतर परित्यक्ताएं, निराश्रित तथा विधवाएं हैं, के दिन बहुरेंगे इसमें संदेह ही है.

वजह यह है कि मानदेय में बढ़ोतरी के लालच में माता समिति के सदस्यों की जगह ग्राम शिक्षा समिति के सदस्य अपनी संकीर्ण मानसिकता के तहत अपने गुटों की महिलाओं को काम पर लगाने की कोशिश करेंगे. ऐसे में इन असहाय महिलाओं को शिक्षेतर कर्मियों की श्रेणी में रखने और इनके लिए आचार संहिता बनाने की जरूरत है.

(बिरेंद्र प्रसाद शर्मा, गोविंदपुर, धनबाद)

विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola