नक्सलवाद हो रहा मोहभंग
Published by :Prabhat Khabar Digital Desk
Published at :05 Jun 2015 5:11 AM (IST)
विज्ञापन

बचपन को संवारो तो वतन संवरेगा, यदि बचपन बिगड़ा तो वतन की सूरत बिगड़ जायेगी. देश के बच्चे जो गांवों में रहते हैं, उन्हें शिक्षा की सबसे बड़ी आवश्यकता है. इस बारे में शिक्षा से जुड़े तमामा संसाधन उपलब्ध कराने के लिए सरकार को ध्यान देने की आवश्यकता है, ताकि देश के इन नन्हे कर्णधारों […]
विज्ञापन
बचपन को संवारो तो वतन संवरेगा, यदि बचपन बिगड़ा तो वतन की सूरत बिगड़ जायेगी. देश के बच्चे जो गांवों में रहते हैं, उन्हें शिक्षा की सबसे बड़ी आवश्यकता है. इस बारे में शिक्षा से जुड़े तमामा संसाधन उपलब्ध कराने के लिए सरकार को ध्यान देने की आवश्यकता है, ताकि देश के इन नन्हे कर्णधारों के हाथों से कलम और किताबें कहीं छूट न जायें. सरकार को मजबूत नीतियों पर चलते हुए विकास के ऐसे प्रयास करने होंगे,
जिससे मौजूदा तसवीर बदले. ताकि मजबूर होकर गरीब किसान अपने बच्चों को नक्सलवादियों के हवाले ना करें. इतना तो सरकार को सोचना ही है. नक्सलवादियों के सामने गरीब ग्रामीण माता-पिता असहाय रहते हैं. वे युवक-युवतियों को अपने गिरोह में शामिल होने के लिए मजबूर करते हैं. लेकिन इनसे लोगों का मोहभंग हो रहा है और ऐसे संगठन उद्देश्यहीन हो रहे हैं.
कन्हैया प्रसाद गुंजन, ई-मेल से
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
विज्ञापन
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar Digital Desk
यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए
विज्ञापन




