राष्ट्र को सुरक्षित रखना परम कर्तव्य

Published at :13 May 2015 11:02 PM (IST)
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राष्ट्र को सुरक्षित रखना परम कर्तव्य

अंगरेजी हुकूमत के बाद स्वतंत्र भारत में बनी कांग्रेस की सरकारों ने हमेशा कमजोरी का परिचय दिया. इस पर पड़ोसी देश हावी रहे. जिसकी घोषणा हो कि हम युद्ध नहीं करेंगे, गोलियों का जवाब विरोध पत्रों से देंगे, तो कोई भी उससे भय क्यों करेगा? इसी कारण आज भी देश आतंकवाद का दंश ङोल रहा […]

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अंगरेजी हुकूमत के बाद स्वतंत्र भारत में बनी कांग्रेस की सरकारों ने हमेशा कमजोरी का परिचय दिया. इस पर पड़ोसी देश हावी रहे. जिसकी घोषणा हो कि हम युद्ध नहीं करेंगे, गोलियों का जवाब विरोध पत्रों से देंगे, तो कोई भी उससे भय क्यों करेगा?
इसी कारण आज भी देश आतंकवाद का दंश ङोल रहा है. सज्जनों के साथ सज्जनता से व्यवहार करना पुण्यकारक है, लेकिन जो अपने देश पर आक्रमण और आतंक करने के लिए आता हो, उसको शस्त्र से कड़ा उत्तर देना हिंदू संस्कृति में पाप नहीं है.
अपना अस्तित्व कायम रखना तथा राष्ट्र को सुरक्षित रखना हमारा परम कर्तव्य है, उस कर्तव्य की पूर्ति के लिए हिंसा जायज है. अगर कांग्रेसी शासन ने पहले से ही आक्रामक नीति अपनायी होती और राष्ट्र को शस्त्रस्त्रों से सुसज्जित कर सबल बनाया होता, तो यह नौबत आज कदापि न आती.
जयदीप कुमार गुप्ता, गढ़वा
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