राजनीति करने का ढंग बदलें राजनेता
Published by :Prabhat Khabar Digital Desk
Published at :12 Feb 2015 5:39 AM (IST)
विज्ञापन

राजनीति में अहंकार का टूटना जरूरी होता है. देश के प्रधानमंत्री ने इतनी ओछी बयानबाजी शायद कभी नहीं की होगी. ये वही प्रधानमंत्री हैं, जो संसद में पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के नक्शेकदम पर चल रहे हैं. दिल्ली के चुनाव प्रचार में दिया गया उनका भाषण लोगों की तालियां तो बटोर सकता है, लेकिन वोट […]
विज्ञापन
राजनीति में अहंकार का टूटना जरूरी होता है. देश के प्रधानमंत्री ने इतनी ओछी बयानबाजी शायद कभी नहीं की होगी. ये वही प्रधानमंत्री हैं, जो संसद में पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के नक्शेकदम पर चल रहे हैं.
दिल्ली के चुनाव प्रचार में दिया गया उनका भाषण लोगों की तालियां तो बटोर सकता है, लेकिन वोट नहीं बटोर पाया. दिल्ली के लोगों ने उनके बयानों के बदले में जो जवाब दिया है, वह सिर्फ पीएम साहब के दल के लिए ही नहीं, बल्कि देश के तमाम राजनीतिक दलों के लिए एक सबक है.
इस चुनाव के नतीजे सामने आने के बाद कोई सबक नहीं लेता है, तो यह उसकी राजनीति की सबसे बड़ी भूल होगी. देश के राजनीतिक दलों के पास अब भी वक्त बचा है. वे या तो राजनीति करने का तरीका बदल लें या फिर बहुमत पाने का लालच छोड़ दें, वरना देश की जनता उन्हें भी नहीं बख्शेगी.
आलोक रंजन, हजारीबाग
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
विज्ञापन
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar Digital Desk
यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए
विज्ञापन




