इस बेमेल गंठबंधन के मायने!

Published at :12 Aug 2014 4:01 AM (IST)
विज्ञापन
इस बेमेल गंठबंधन के मायने!

इसे समय का तकाजा कहें या बिहार की तकदीर. केंद्र सरकार के विपरीत प्रदेश की सरकार बनती है. दुर्भाग्यवश जनता इसे सौतेला व्यवहार मानती है. तीर से लालटेन फोड़ने की बात कहनेवाले अभी लालटेन के सहारे ही अपनी सरकार चला रहे हैं. पंजा नहीं पड़ने देंगे, पर वही पंजा भी साथ हो लिया. अब तिकड़ी […]

विज्ञापन

इसे समय का तकाजा कहें या बिहार की तकदीर. केंद्र सरकार के विपरीत प्रदेश की सरकार बनती है. दुर्भाग्यवश जनता इसे सौतेला व्यवहार मानती है. तीर से लालटेन फोड़ने की बात कहनेवाले अभी लालटेन के सहारे ही अपनी सरकार चला रहे हैं.

पंजा नहीं पड़ने देंगे, पर वही पंजा भी साथ हो लिया. अब तिकड़ी की सोच लालटेन जला कर पंजे के सहारे तीर चलाने की और कीचड़ से कमल खत्म करने की है. इस तिकड़ी के मेल से बिहार में कीचड़ बढ़ रहा है. भ्रष्टाचार बढ़ रहा है.

चूंकि युवा वर्ग जागरूक है, जातिवाद कम हो रहा है, नतीजतन कीचड़ में कमल और ज्यादा ही खिलेंगे. बिहार को नीतीश कुमार ने कमल के सहारे खुशहाल बनाया, लेकिन उनकी अहंकारी प्रवृत्ति ने सब कुछ बर्बाद कर दिया. लेकिन अब जनता को जातिवाद नहीं विकास चाहिए, नया बिहार चाहिए.

संतोष, जमशेदपुर

विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola