आतंक के खिलाफ भारत को मिल ही गयी सफलता

Updated at : 08 May 2019 6:12 AM (IST)
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आतंक के खिलाफ भारत को मिल ही गयी सफलता

अक्सर ताकतवर देश अपने व्यक्तिगत हितों को ध्यान में रखते हुए आतंकवाद पर दोहरा मापदंड अपनाते हैं, जिससे कहीं-न-कहीं उन्हें एक बड़ा नेटवर्क बनाने में मदद मिलती है, लेकिन यह विश्व शांति और सुरक्षा के लिए ठीक नहीं है. पूरी दुनिया जानती है कि मसूद अजहर आतंकवादी है और पाकिस्तान इसका पनाहगार है. 2001 में […]

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अक्सर ताकतवर देश अपने व्यक्तिगत हितों को ध्यान में रखते हुए आतंकवाद पर दोहरा मापदंड अपनाते हैं, जिससे कहीं-न-कहीं उन्हें एक बड़ा नेटवर्क बनाने में मदद मिलती है, लेकिन यह विश्व शांति और सुरक्षा के लिए ठीक नहीं है. पूरी दुनिया जानती है कि मसूद अजहर आतंकवादी है और पाकिस्तान इसका पनाहगार है. 2001 में संसद पर, 2016 में पठानकोट और 2019 में पुलवामा में हमला हुआ. इसके अलावा कश्मीर में रोजाना सेना के साथ मुठभेड़ होती है, इन सभी में पाक आतंकी शामिल रहते हैं.

भारत ने 2009 में ही यूएन में मसूद को वैश्विक आतंकी घोषित करने का प्रस्ताव दिया था, परंतु चीन की अड़ियल नीति से वह बचता रहा. लेकिन, अंतरराष्ट्रीय दबाव से चीन ने वीटो हटा लिया. इसके बाद मसूद को वैश्विक आतंकी घोषित कर दिया गया.

नवीन के यादव, मेहसी (पूर्वी चंपारण)

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