सामाजिक न्याय की सार्थकता

Updated at : 07 Jun 2018 6:23 AM (IST)
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सामाजिक न्याय की सार्थकता

एससी-एसटी वर्गों को प्रोमोशन में आरक्षण देने का फैसला सामाजिक समता को बढ़ावा देगी. आजादी के 70 सालों के बाद भी इन वर्गों के लोगों को सरकारी नौकरियों में खास प्रतिनिधित्व नहीं मिल पाया है. अभी भी उच्च वर्ग के लोगों में दलितों के प्रति दुर्भावना है. ऐसे में अगर वे सरकारी व्यवस्था में आ […]

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एससी-एसटी वर्गों को प्रोमोशन में आरक्षण देने का फैसला सामाजिक समता को बढ़ावा देगी. आजादी के 70 सालों के बाद भी इन वर्गों के लोगों को सरकारी नौकरियों में खास प्रतिनिधित्व नहीं मिल पाया है.

अभी भी उच्च वर्ग के लोगों में दलितों के प्रति दुर्भावना है. ऐसे में अगर वे सरकारी व्यवस्था में आ भी जाते हैं, तो उन्हें विभिन्न प्रकार के उत्पीड़न से गुजरना पड़ता है. एससी-एसटी के लोगों को दबाने का प्रयास किया जाता है. आगे बढ़ने से रोका जाता है.

उन्हें पूरी सुविधाएं नहीं दी जाती. ऐसी खबरें भी सामने आयी है जिसमें दलित कर्मचारी के रिकॉर्ड जान-बूझकर खराब कर दिये गये हैं ताकि उनका प्रोमोशन न हो सके. सुप्रीम कोर्ट का यह निर्णय काफी सराहनीय है जो समाज में आरक्षण को मूल रूप से लागू करेगा और उचित सुरक्षा प्रदान करेगा.

गौरव कुमार निशांत, इमेल से

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