यह अंग्रेजियत है दोस्त!

Updated at : 06 Jun 2018 7:39 AM (IST)
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यह अंग्रेजियत है दोस्त!

शानदार विवाह समारोह में शामिल हुए हम कई परिचित पति पत्नी बातों का मजा भी ले रहे थे. मित्र पत्नी ने कहा विवाहों में हम भारतीय बड़े शौक से शामिल होते हैं. यहां कितने बड़े-बड़े लोग आये हुए हैं. लड़के के अभिभावक तो मंत्री जी के इंतजार में तीन घंटे स्वागत द्वार पर खड़े रहे. […]

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शानदार विवाह समारोह में शामिल हुए हम कई परिचित पति पत्नी बातों का मजा भी ले रहे थे. मित्र पत्नी ने कहा विवाहों में हम भारतीय बड़े शौक से शामिल होते हैं. यहां कितने बड़े-बड़े लोग आये हुए हैं. लड़के के अभिभावक तो मंत्री जी के इंतजार में तीन घंटे स्वागत द्वार पर खड़े रहे. बात तो सही है, हम शादियों में सब कुछ बड़े दिल से करते हैं, चाहे बाजार से सामान उधार लाना, बैंक से लोन लेना या अफसरों और राजनेताओं के इंतजार में सिर्फ दस बजे तक बजाये जा सकने वाले डीजे पर डांस न कर पाना.
जैसी शादी रिश्तेदार आयोजित करते रहे हैं, वैसी ही करनी सुखी जीवन के लिए लाभकारी होती है. जिनके साथ सामाजिक, राजनीतिक, धार्मिक, व्यावसायिक व प्रशासनिक संबंध होते हैं, उन्हें बुलाना ही पड़ता है. शादी में यह चर्चा भी हुई कि ब्रिटेन के राजकुमार की शादी की सबसे ज्यादा उत्सुकता हमारे देश में थी. होनी भी चाहिए. हमें अपने मामलों में कम दूसरों के मामलों में ज्यादा मजा लेने की आदत जो है.
विवाह के बढ़िया आयोजन में लोग ऐसी बातें भी करते हैं, जैसे एक महिला ने मेरी पत्नी को बताया कि लड़का विदेश में है वहीं किसी से शादी करना चाहता था, मगर इसकी मां नहीं मानी.
बोली, इकलौते लड़के की शादी दूसरी जाति में नहीं करूंगी, दूसरा धर्म तो दूर की बात है. यहां मुझे मेरी दादी की बात याद आ गयी. वह कहती थी, पैसा ज्यादा कमा लेने से या ज्यादा पढ़-लिख लेने से जरूरी नहीं कि समझदार बन जाये. मैंने दोबारा अपने मन को समझाया, ‘नहीं-नहीं, अब समय बदल गया है.
किसी भी तरीके से पैसा कमाकर और पढ़कर बंदा समझदार हो जाता है.’ दादी अंग्रेजों के कई कामों की या फिर खास तौर से उनकी बनायी हुई पुख्ता इमारतों की तारीफ करते हुए कहती थी कि हमने उनसे अच्छी बातें नहीं सीखीं.
शादी से हम पैदल ही लौट रहे थे. एक दोस्त बोला, ये अंग्रेज ही कर सकते हैं कि प्रिंस हैरी की प्रेमिका अमेरिकी, अभिनेत्री, मिश्रित नस्ल की, तलाकशुदा, उम्र में प्रिंस से बड़ी थी, तब भी ब्रिटिश राज परिवार ने विवाह की स्वीकृति दी.
हमारे देश में लगता नहीं कि ऐसा हो सकता है. विकास ने हमें अभी तक यही सिखाया कि विवाह के मामले में जाति, धर्म, मां बाप और खाप अपने-अपने अस्त्र-शस्त्र निकालकर वार करना शुरू कर दें. यह भी हैरानगी की बात है इस शाही शादी में ब्रिटेन की प्रधानमंत्री, विपक्ष के नेता यानी किसी भी राजनेता को नहीं न्योता गया. हो सकता है कि इस मामले में जरूर कोई शाही राजनीति रही होगी.
मेरी पत्नी को शादियों में हमेशा देर से टपकनेवाले छोटे-मोटे सेलेब्रिटी के साथ सेल्फी लेने की होड़ याद आ गयी. कोई कह रहा था, वहां लूट के माल से शादी में दिखावा किया गया, जिस पर दूसरे ने जवाब दिया था कि उन्होंने तो दूसरों को लूटा, हम तो अपने ही देश का माल लूटकर दिखावा कर रहे हैं. क्या अंग्रेजियत की नकल करना राजनीति मानी जायेगी?
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