पाक को संदेश देना होगा
Updated at : 01 Jun 2018 1:27 AM (IST)
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पाकिस्तानी सरकार के द्वारा गिलगित- बाल्टिस्तान आदेश, 2018 लागू किया गया है. इसके द्वारा इस विवादित क्षेत्र के मामलों को निबटाने के लिए बने स्थानीय परिषद के महत्वपूर्ण अधिकारों को छीन लिया गया है. यह साफ तौर पर इस क्षेत्र को पाकिस्तान के पांचवें प्रांत के रूप में शामिल करने की एक चाल है. यह […]
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पाकिस्तानी सरकार के द्वारा गिलगित- बाल्टिस्तान आदेश, 2018 लागू किया गया है. इसके द्वारा इस विवादित क्षेत्र के मामलों को निबटाने के लिए बने स्थानीय परिषद के महत्वपूर्ण अधिकारों को छीन लिया गया है.
यह साफ तौर पर इस क्षेत्र को पाकिस्तान के पांचवें प्रांत के रूप में शामिल करने की एक चाल है. यह न सिर्फ क्षेत्र के लोगों के मानवीय अधिकारों का उल्लंघन है, बल्कि भारत के अंदरूनी मामले में खुल्लम-खुल्ला हस्तक्षेप भी है.
ज्ञातव्य है कि 1947 में हुए विलय के आधार पर गिलगित-बाल्टिस्तान अपने देश का ही हिस्सा है. भारत सरकार इस मामले को यूं ही न जाने दे. उसे पाकिस्तान को कड़ा संदेश मिलना चाहिए कि वह अपने फैसले पर पुनर्विचार करे, अन्यथा उसे गंभीर परिणाम भुगतने होंगे. यह खुशी की बात है कि क्षेत्र के स्थानीय लोगों के द्वारा भी पाक सरकार के इस फैसले का कड़ा विरोध किया जा रहा है.
विद्या कर्ण, देवघर
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