चुनाव जीतना प्राथमिकता
Updated at : 21 May 2018 6:50 AM (IST)
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एक जमाने में भारतीय जनता पार्टी के सबसे बड़े चेहरे और देश के पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार महज एक वोट के अल्पमत से गिर गयी थी, क्योंकि गलत तरीके से सरकार बनाने की बजाय उन्होंने सत्ता छोड़ना बेहतर समझा. कई अवसरों पर ऐसे आदर्शों का उदाहरण लगातार सामने तो रखा जाता हैं, […]
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एक जमाने में भारतीय जनता पार्टी के सबसे बड़े चेहरे और देश के पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार महज एक वोट के अल्पमत से गिर गयी थी, क्योंकि गलत तरीके से सरकार बनाने की बजाय उन्होंने सत्ता छोड़ना बेहतर समझा. कई अवसरों पर ऐसे आदर्शों का उदाहरण लगातार सामने तो रखा जाता हैं, लेकिन हाल के घटनाक्रम को देखकर लगता है कि मौजूदा समय में भाजपा के लिए चुनाव जीतना अथवा सरकार बनाकर सत्ता में आना ही प्राथमिकता हो है.
अरुणाचल प्रदेश में जोड़-तोड़ करके सरकार गिराकर बीजेपी की सरकार बनायी, तो गोवा और मणिपुर जैसे राज्यों में तो दूसरे नंबर पर बड़ी पार्टी को दरकिनार कर यानी जनमानस के खिलाफ पीछे के दरवाजे से सरकार बनायी. अब कर्नाटक में सरकार बनाने का दावा किया, लेकिन बहुमत साबित नहीं कर पायी. इन सवालों का जवाब देना आसान नहीं होने वाला है कि नैतिकता की लिहाज से पार्टी दूसरों से अलग कैसे है?
महेश कुमार, इमेल से
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