निजी हाथों में पर्यटन

Updated at : 04 May 2018 1:29 AM (IST)
विज्ञापन
निजी हाथों में पर्यटन

सरकार ने ‘एडॉप्ट ए हेरिटेज’ के जरिये लाल किले समेत देश की दस ऐतिहासिक धरोहरों को निजी कंपनियों के हाथों में सौपने का निर्णय लिया है. इन इमारतों से इतिहास की कई घटनाएं जुड़ी हैं जिसे निजी हाथों में सौंपने से पहले जनमानस से राय जरूर लेनी चाहिए. अब निजी हाथों में जाने से पर्यटन […]

विज्ञापन
सरकार ने ‘एडॉप्ट ए हेरिटेज’ के जरिये लाल किले समेत देश की दस ऐतिहासिक धरोहरों को निजी कंपनियों के हाथों में सौपने का निर्णय लिया है.
इन इमारतों से इतिहास की कई घटनाएं जुड़ी हैं जिसे निजी हाथों में सौंपने से पहले जनमानस से राय जरूर लेनी चाहिए. अब निजी हाथों में जाने से पर्यटन स्थलों पर विज्ञापन जैसे कार्यो में देश सर्वोपरि न होकर उद्योगों के हित को प्राथमिकता मिलेगी.
सरकार ने 25 करोड़ का अनुबंध अगले पांच साल के लिए किया. ऐसे में क्या सरकार पांच करोड़ रुपये प्रतिवर्ष ईमानदारी से खर्च नहीं कर सकती है. सरकार ऐसी धरोहरों को निजी कंपनी के हाथों में सौंप देगी, तो संस्कृति मंत्रालय और भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण जैसी संस्थाओं का औचित्य क्या रह जायेगा?
महेश कुमार, इमेल से
विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola