देश के लिए खतरे की घंटी

Updated at : 01 Mar 2018 6:58 AM (IST)
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देश के लिए खतरे की घंटी

बेरोजगार युवाओं के तेजी से बढ़ती तादाद देश के लिए खतरे की घंटी है. और नरेंद्र मोदी की सरकार को तुरंत इस मुद्दे पर ध्यान देना चाहिए. जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय में सेंटर फॉर द स्टडी ऑफ रीजनल डेवलपमट के अमिताभ कुंडू कहते हैं, यह खतरे की स्थिति है. इन युवाओं ने ही बीते साल […]

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बेरोजगार युवाओं के तेजी से बढ़ती तादाद देश के लिए खतरे की घंटी है. और नरेंद्र मोदी की सरकार को तुरंत इस मुद्दे पर ध्यान देना चाहिए. जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय में सेंटर फॉर द स्टडी ऑफ रीजनल डेवलपमट के अमिताभ कुंडू कहते हैं, यह खतरे की स्थिति है.
इन युवाओं ने ही बीते साल भारी तादाद में वोट देकर केंद्र में बीजेपी सरकार के सत्ता में आने का रास्ता साफ किया था. भारी तादाद में रोजगार देने वाले उद्योग नयी नौकरियां पैदा करने में नाकाम रहे हैं. इस समस्या के समाधान के लिए कौशल विकास और लघु उद्योग को बढ़ावा देना जरूरी है.
वे कहते हैं कि युवाओं को नौकरी के लायक बनाने के लिए वोकेशनल ट्रेनिंग के जरिये कौशल विकास बढ़ाने पर ध्यान देना चाहिए. इसके साथ ही उद्योग व तकनीक संस्थान में बेहतर तालमेल जरूरी है. मोदी सरकार ने कौशल विकास को लेकर बड़े-बड़े दावे जरूर किये थे, लेकिन अब तक उसका कोई ठोस नतीजा सामने नहीं आ सका है.
चंदन सोनी, इमेल से
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