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ranchi

  • Jun 12 2019 5:12PM
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Video : रोजगार मेला से श्रम मंत्री की कंपनियों को हिदायत, सेवा शर्तों का हुआ उल्लंघन, तो होगी कार्रवाई

Video : रोजगार मेला से श्रम मंत्री की कंपनियों को हिदायत, सेवा शर्तों का हुआ उल्लंघन, तो होगी कार्रवाई
रोजगार मेला में आये लोगों को संबोधित करते श्रम मंत्री राज पलिवार. फोटो : अरविंद कुमार सिंह.

रांची : झारखंड (Jharkhand) की राजधानी रांची (Ranchi) के आईटीआई (ITI) ग्राउंड में आयोजित दत्तोपंत ठेंगड़ी रोजगार मेला 2019 (Dattopant Thengri Rojgar Mela 2019) से श्रम मंत्री (Labour Minister) राज पलिवार (Raj Paliwar) ने कंपनियों को सेवा-शर्तों और न्यूनतम मानदेय (Minimum Wages) का पालन करने की सख्त हिदायत दी. युवाओं से अपील की कि वे नियोजनालय (Employment Exchange) से जुड़ें, ताकि उन्हें उनकी योग्यता के मुताबिक रोजगार दिलाने में विभाग मदद कर सके.

मेला में आये एक युवा ने सरकार को सलाह दी कि पढ़ाई के दौरान ही छात्रों को स्किल्ड (Skilled) बनाया जाये, ताकि रोजगार (Employment) में जाने के बाद ट्रेनिंग के नाम पर उनका शोषण न हो. स्किल डेवलपमेंट सेंटर्स (Skill Development Centre) को सुधारने की भी सलाह सरकार को दी. उधर, विभाग ने कहा कि जो लोग इस बार मेला में शामिल नहीं हो पाये, वे निराश न हों. विभाग 29 जुलाई 2019, 3 अक्टूबर 2019 और 6 जनवरी 2020 को मेला लगायेगा, जिसके लिए वे अभी से अपना रजिस्ट्रेशन करवा लें.

दत्तोपंत ठेंगड़ी रोजगार मेला 2019 का उद्घाटन करने के बाद श्रम मंत्री राज पलिवार ने कहा कि राज्य में जो भी कंपनियां काम कर रही हैं, लोगों को रोजगार दे रही हैं, वे सेवा-शर्तों का पालन करें और न्यूनतम पारिश्रमिक देना सुनिश्चित करें. ऐसा नहीं करने वाली कंपनियों के खिलाफ विभाग सख्त कार्रवाई करेगा. श्री पलिवार ने नौजवानों से अपील की कि वे जिस किसी कंपनी में चुने जायें, उसकी तरक्की के लिए काम करें. पूरी ईमानदारी से अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन करें. वहीं, कंपनियां यह सुनिश्चित करें कि लोग बेरुखी से उनके संस्थान से न लौटें.

श्री पलिवार ने कहा कि नरेंद्र मोदी ने जब से प्रधानमंत्री की कुर्सी संभाली है, वह युवाओं के बेहतर भविष्य के लिए चिंतित रहते हैं. राज्य सरकारों को उन्होंने सलाह दी है कि युवाओं के लिए रोजगार के अवसर की तलाश करें. उनके चेहरे पर मुस्कान हो, ऐसा काम करें. इसी शृंखला में दत्तोपंत ठेंगड़ी रोजगार मेला का आयोजन राज्य के अलग-अलग भागों में हर साल होता है. इसका लाभ युवाओं को भी मिलता है और कंपनियों को भी.

श्रम मंत्री ने कहा कि सरकार ने कुछ नियम-कानून बना रखे हैं, कंपनियों को उस सीमारेखा का पालन करना चाहिए. इसका उल्लंघन हुआ, तो सरकार की तीसरी आंख खुली हुई है. वह सब देख रही है. रघुवर दास की सरकार इसे कतई बर्दाश्त नहीं करेगी. उन्होंने कहा कि कामगार और मालिकान दोनों के सहयोग से ही खुशहाली की मंजिल मिलेगी. इसलिए दोनों पक्ष समन्वय के साथ काम करें.

समारोह को रांची नगर निगम की मेयर आशा लकड़ा, डिप्टी मेयर संजीव विजयवर्गीय, श्रम विभाग के सचिव ने भी संबोधित किया. मेयर और डिप्टी मेयर ने कहा कि वार्ड और पंचायत स्तर पर भी इस तरह की व्यवस्था होनी चाहिए, ताकि ज्यादा से ज्यादा लोगों को रोजगार मिल सके.

अगस्त में करें बड़ा और भव्य मेला का आयोजन

श्रम मंत्री ने अवर प्रादेशिक नियोजनालय रांची से अपील की कि अगस्त में एक विशाल और भव्य रोजगार मेला का आयोजन करें, जिसमें कम से कम 10 हजार लोगों को रोजगार मिले. श्री पलिवार ने युवाओं से अपील की कि वे कैरियर मॉडल सेंटर से जुड़ें. रोजगार कार्यालय से खुद को निबंधित करें, ताकि सरकार को मालूम हो कि कौन-सा हुनर कहां है. इसके बाद नियोजन कार्यालय उस हुनर को जरूरतमंद कंपनी तक पहुंचायेगा.

रोजगार मेला में उमड़ी भारी भीड़

दत्तोपंत ठेंगड़ी रोजगार मेला 2019 में रोजगार की तलाश में भारी संख्या में युवा पहुंचे. अपनी-अपनी योग्यता और अपनी-अपनी पसंद के अनुसार कंपनियों में अपना बायोडाटा जमा कराया. 38 कंपनियों ने आने का वादा किया था, इसमें से 37 कंपनियां ही पहुंचीं. रजिस्ट्रेशन और पूछताछ समेत 41 काउंटर लगाये गये थे. कुछ काउंटर्स को छोड़कर सभी काउंटर पर भीड़ थी. रोजगार की चाह रखने वाले लोगों ने एक साथ कई कंपनियों में आवेदन दिये.

रजिस्ट्रेशन के लिए परेशान युवा

रजिस्ट्रेशन काउंटर पर युवाओं की भारी भीड़ देखी गयी. हालांकि, सबके लिए रजिस्ट्रेशन कराना अनिवार्य नहीं थी. ऑन स्पॉट रजिस्ट्रेशन की व्यवस्था सिर्फ उन्हीं लोगों के लिए थी, जिन्होंने पहले रजिस्ट्रेशन नहीं करवाया है. लेकिन, मैदान में वैसे अभ्यर्थी भी रजिस्ट्रेशन के लिए परेशान थे, जिन्होंने पहले ही अपना नाम नियोजन कार्यालय में पंजीकृत करवा रखा था.

कंपनियां गलत काम करें, तो शिकायत करें बच्चे : पीके झा

अवर प्रादेशिक नियोजनालय रांची के डिप्टी डायरेक्टर प्रमोद कुमार झा ने prabhatkhabar.com से बातचीत में कहा कि यह पहला मौका है, जब कंपनियों से शपथ पत्र लिया जा रहा है कि वे नौकरी पाने वाले किसी भी व्यक्ति से किसी प्रकार का पैसा नहीं लेंगे, उनसे वही काम लेंगे, जिसके लिए उन्हें नियुक्त कर रहे हैं और बच्चों के मूल प्रमाण पत्र किसी भी सूरत में जमा नहीं लेंगे. उन्होंने कहा कि रोजगार पाने वाले बच्चों को यदि कंपनी किसी भी तरह से परेशान करती है, तो वे चिंतित न हों और सीधे नियोजनालय में शिकायत करें. उनकी शिकायत का निराकरण किया जायेगा और कंपनी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जायेगी.
श्री झा ने बताया कि इस बार रांची और आसपास की कंपनियों ने रोजगार मेला में सबसे ज्यादा भागीदारी की है. इसका फायदा यह होगा कि बच्चों को नौकरी करने के लिए अपने घर से ज्यादा दूर नहीं जाना होगा. यदि बच्चों के साथ कुछ गलत हुआ, तो नियोजनालय उनके खिलाफ कार्रवाई कर सकेगी. श्रम मंत्री ने खुद ही कंपनियों को सचेत किया है, इसलिए नियोजनालय को कार्रवाई करने में आसानी होगी.

युवाओं का आरोप : रोजगार देने के नाम पर होती है खानापूरी

मेला में आये कुछ युवाओं ने कंपनियों पर गंभीर आरोप लगाये. एक दिव्यांग युवा ने बताया कि केंद्र सरकार की कंपनी ने दो महीने की ट्रेनिंग दी. प्लेसमेंट भी कराया. लेकिन, जो काम उसे दिया गया, उसे करने में वह सक्षम नहीं था. उसने बताया कि एक दिव्यांग को सेल्समैन की नौकरी दी गयी, जिसे नौ घंटे तक खड़ा रहना था. क्या यह संभव है कि पैर से लाचार कोई व्यक्ति नौ घंटे तक खड़ा रहे.

स्किल डेवलपमेंट केंद्र को सुधारने की सलाह

एक अन्य युवक ने सरकार को सलाह दी कि कॉलेज में शिक्षण के दौरान ही युवाओं के हुनर को निखारा जाये. उसका स्किल डेवलप किया जाये, ताकि कंपनियों में जाने के बाद उन्हें ट्रेनिंग की जरूरत नहीं रहे, क्योंकि ट्रेनिंग के नाम पर कंपनियां लोगों का शोषण करती हैं. उसने कहा कि जगह-जगह स्किल डेवलपमेंट सेंटर्स तो खुल गये हैं, लेकिन उसमें प्रॉपर ट्रेनिंग की व्यवस्था नहीं है. कहीं इन्फ्रास्ट्रक्चर नहीं है, तो कहीं ट्रेनर नहीं है.

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