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Navratri Day 7 Colour: शारदीय नवरात्रि के सातवें दिन पहनें इस रंग के कपड़े, जानिए महत्व

Updated at : 27 Sep 2025 1:49 PM (IST)
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Maa kali puja

Navratri Day 7 Outfit Colour

Navratri Day 7 Colour: शारदीय नवरात्रि के सातवें दिन मां दुर्गा के सातवें स्वरूप, पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, मां कालरात्रि का स्वरूप अत्यंत उग्र और शक्तिशाली है, और वे नकारात्मक ऊर्जा और बुरी शक्तियों का नाश करती हैं. इस दिन मां के प्रिये रंग के कपड़े पहनने से मां अत्यंत खुश होती हैं.

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Navratri Day 7 Colour: नवरात्रि के सातवें दिन मां कालरात्रि की पूजा का विशेष महत्व है. उनका रूप भयंकर और शक्तिशाली है, जो सभी नकारात्मक ऊर्जा और बुरी शक्तियों का नाश करता है. माना जाता है कि मां कालरात्रि की कृपा से जीवन में भय, असुर, राक्षस और नकारात्मकता दूर होती है, और भक्तों को मानसिक शक्ति, सुरक्षा और शांति प्राप्त होती है. ग्रे रंग के कपड़े इस दिन की पूजा को और प्रभावशाली बनाते हैं, साथ ही यह मां के उग्र स्वरूप का प्रतीक भी है.

मां कालरात्रि की पूजा के दिन का शुभ रंग

ऐसा माना जाता है कि नवरात्रि के प्रत्येक दिन माता के प्रिय रंग के वस्त्र पहनकर पूजा करने से भक्तों की भक्ति और आस्था और अधिक प्रगाढ़ होती है. सातवें दिन, मां कालरात्रि को ग्रे रंग अत्यंत प्रिय है. इसलिए इस दिन भक्तों को ग्रे या धूसर रंग के कपड़े पहनकर ही माता की आराधना करनी चाहिए. इस दिन पूजा करने से जीवन में नकारात्मक शक्तियों का नाश होता है और भक्तों को सुरक्षा, साहस और मानसिक शांति प्राप्त होती है.

(ग्रे) रंग के कपड़े पहनने से बढ़ता है आत्मविश्वास

नवरात्रि के सातवें दिन मां कालरात्रि की पूजा में धूसर (ग्रे) रंग के वस्त्र पहनने का विशेष महत्व माना जाता है. यह रंग निडरता, संतुलन और धैर्य का प्रतीक है. ग्रे वस्त्र धारण करने से नकारात्मक ऊर्जा और भय दूर होते हैं तथा साधक के भीतर शक्ति और आत्मविश्वास बढ़ता है. धार्मिक मान्यता है कि इस रंग के कपड़े पहनकर मां कालरात्रि की आराधना करने से भक्त के जीवन से बुराइयों का नाश होता है और उस पर देवी की विशेष कृपा बनी रहती है.

मां कालरात्रि ध्यान मंत्र

एकवेणी जपाकर्णपूरा नग्ना खरास्थिता।

लम्बोष्ठी कर्णिकाकर्णी तैलाभ्यक्त शरीरिणी॥

वामपादोल्लसल्लोह लताकण्टकभूषणा।

वर्धन मूर्धध्वजा कृष्णा कालरात्रिर्भयङ्करी॥

पूजा विधि

कलश पूजन करने के उपरांत माता के सामने दीपक जलाकर रोली, अक्षत, फल, पुष्प आदि से पूजन करना चाहिए. इस दिन मां दुर्गा के साथ-साथ देवी कालरात्रि के स्वरूप का ध्यान करें. देवी को लाल पुष्प बहुत प्रिय है इसलिए पूजन में गुड़हल अथवा गुलाब के फूल अर्पित करने से माता अति प्रसन्न होती हैं. माता को गुड़ का भोग लगाएं.

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Disclaimer:यहां दी गई जानकारी केवल मान्यताओं और परंपरागत जानकारियों पर आधारित है. प्रभात खबर किसी भी तरह की मान्यता या जानकारी की पुष्टि नहीं करता है.

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JayshreeAnand

लेखक के बारे में

By JayshreeAnand

कहानियों को पढ़ने और लिखने की रुचि ने मुझे पत्रकारिता की ओर प्रेरित किया. सीखने और समझने की इस यात्रा में मैं लगातार नए अनुभवों को अपनाते हुए खुद को बेहतर बनाने की कोशिश करती हूं. वर्तमान मे मैं धार्मिक और सामाजिक पहलुओं को नजदीक से समझने और लोगों तक पहुंचाने का प्रयास कर रही हूं.

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