Bangladesh Violence: दिल्ली में हसीना, ‘जीजा’ चलाएंगे बांग्लादेश, जानें कौन हैं आर्मी चीफ जनरल वाकर-उज-जमान

Bangladesh Army Chief
Bangladesh Violence: बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना ने पद से इस्तीफा दे दिया है और अब अंतरिम सरकार कार्यभार संभालेगी. बांग्लादेश के सेना प्रमुख जनरल वकार-उज-जमां ने सोमवार को यह घोषणा की.
Bangladesh Violence: बांग्लादेश में उस समय स्थिति और खराब हो गई जब प्रदर्शनकारियों ने प्रधानमंत्री आवास पर कब्जा कर लिया. प्रधानमंत्री शेख हसीना ने अपने पद से इस्तीफा देना पड़ा और जान बचाकर देश छोड़कर भागना पड़ा. हसीना के पद से इस्तीफा देने के बाद सेना ने मोर्चा संभाल लिया है. सेना प्रमुख जनरल वकार-उज-जमान सत्ता पर काबिज होंगे. सेना प्रमुख वकार-उज-जमान ने कहा कि उन्होंने राजनीतिक नेताओं से मुलाकात की और उन्हें बताया कि सेना कानून-व्यवस्था की जिम्मेदारी संभालेगी. बैठक में हालांकि हसीना की अवामी लीग पार्टी का कोई नेता मौजूद नहीं था.
शेख हसीना के जीजा हैं सेना प्रमुख जनरल वकार-उज-जमान
सेना प्रमुख जनरल वकार-उज-जमान के बारे में खबर है कि वो शेख हसीना के जीजा हैं. मुस्तफिजुर रहमान की बेटी बेगम साराहनाज कमालिका रहमान से जनरल वकार-उज-जमान ने शादी की है. मुस्तफिजुर रहमान शेख हसीना के चाचा थे, जो 24 दिसंबर 1997 से 23 दिसंबर 2000 तक बांग्लादेश के सेना अध्यक्ष रहे. इसी साल 23 जून को वकार-उज-जमान को सेना प्रमुख के पद पर बैठाया गया था.
छात्रों के प्रदर्शन को लेकर शेख हसीना और सेना के बीच बन गई थी टकराव की स्थिति
बांग्लादेश में छात्रों के प्रदर्शन को लेकर शेख हसीना और सेना के बीच टकराव की स्थिति बन गई थी. सभी जनरलों ने शेख हसीना के सेना उतारने के फैसले का विरोध किया था. पूर्व सेना अफसर भी सरकार के विरोध में उतरे. सेना ने सरकार से तुरंत पीछे हटने को कहा था. सेना ने प्रदर्शनकारियों पर सख्ती से इनकार किया था.
बांग्लादेश के संस्थापक शेख मुजीबर रहमान की बेटी हैं शेख हसीना
बांग्लादेश के संस्थापक शेख मुजीबर रहमान की 76 वर्षीय बेटी हसीना 2009 से सामरिक रूप से महत्वपूर्ण इस दक्षिण एशियाई देश की बागडोर संभाल रही थीं. उन्हें जनवरी में हुए 12वें आम चुनाव में लगातार चौथी बार और कुल पांचवीं बार प्रधानमंत्री चुना गया. पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया की मुख्य विपक्षी पार्टी बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) और उसके सहयोगियों ने चुनाव का बहिष्कार किया था.
क्यों गुस्से में हैं बांग्लादेशी छात्र?
बांग्लादेश में प्रदर्शनकारी छात्र विवादास्पद कोटा प्रणाली को समाप्त करने की मांग कर रहे थे, जिसके तहत 1971 में बांग्लादेश के स्वतंत्रता संग्राम में लड़ने वालों के रिश्तेदारों के लिए सरकारी नौकरियों में 30 प्रतिशत आरक्षण दिया गया था. उसके बाद से 11 हजार से ज्यादा लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है. हिंसा में अबतक सैकड़ों लोगों की जान जा चुकी है.
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By अरबिंद कुमार मिश्रा
अरबिंद कुमार मिश्रा मुख्यधारा की पत्रकारिता में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले एक वरिष्ठ पत्रकार और लेखक हैं. वर्तमान में, वह प्रभात खबर डॉट कॉम (Prabhat Khabar) में सीनियर कंटेंट राइटर के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. अरबिंद नेशनल, इंटरनेशनल और स्पोर्ट्स कैटेगरी में अपनी लेखनी के लिए जाने जाते हैं. गहरी रिसर्च पर आधारित स्पेशल स्टोरीज, रिपोर्टिंग और जटिल मुद्दों पर आसान भाषा में 'एक्सप्लेनर' लिखना उनकी मुख्य यूएसपी (USP) है.
झारखंड की समृद्ध संस्कृति और लोक परंपराओं में उनकी गहरी रुचि है. अपनी उत्कृष्ट और सरोकार से जुड़ी रिपोर्टिंग के लिए उन्हें संस्थान स्तर पर कई बार सम्मानित और पुरस्कृत भी किया जा चुका है.
करियर का सफरनामा
अरबिंद ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत देश की प्रतिष्ठित बहुभाषी न्यूज एजेंसी 'हिंदुस्थान समाचार' से बतौर रिपोर्टर की थी. इसके बाद उन्होंने प्रसार भारती के अंग दूरदर्शन और आकाशवाणी के साथ भी काम किया, जहां उन्होंने एंकरिंग, वॉइस-ओवर और रिपोर्टिंग के गुर सीखे. साल 2011 में वह 'प्रभात खबर डॉट कॉम' से जुड़े और तब से लगातार डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं.
प्रमुख उपलब्धियां और ग्राउंड रिपोर्टिंग
खेल पत्रकारिता और जमीनी रिपोर्टिंग में अरबिंद का योगदान उल्लेखनीय रहा है. उनकी कुछ सबसे बड़ी उपलब्धियों में शामिल हैं:
34वें राष्ट्रीय खेल: झारखंड में आयोजित ऐतिहासिक 34वें नेशनल गेम्स की बेहतरीन और व्यापक ग्राउंड रिपोर्टिंग.
अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट: रांची के जेएससीए (JSCA) स्टेडियम में आयोजित कई इंटरनेशनल क्रिकेट मैचों को करीब से कवर किया.
पुरुष हॉकी वर्ल्ड कप (2018): भुवनेश्वर में आयोजित वर्ल्ड कप के फाइनल मुकाबले की शानदार स्पोर्ट्स रिपोर्टिंग.
पंचायतनामा: प्रभात खबर के इस खास विंग के लिए ग्रामीण इलाकों का दौरा कर कई प्रेरक 'सक्सेस स्टोरीज' लिखीं.
शैक्षणिक योग्यता (Education & Credentials)
UGC NET: साल 2019 में यूजीसी नेट (UGC NET) की परीक्षा उत्तीर्ण की.
बैचलर ऑफ जर्नलिज्म (BJMC): रांची विश्वविद्यालय से साल 2011 में पत्रकारिता में स्नातक की डिग्री हासिल की.
एम.ए. (नागपुरी भाषा): रांची विश्वविद्यालय के 'जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग' से साल 2009 में नागपुरी भाषा में स्नातकोत्तर (MA) की डिग्री हासिल की.
लेखन शैली और विशेषज्ञता: एक्सप्लेनर, रिसर्च बेस्ड स्टोरीज, स्पोर्ट्स जर्नलिज्म, इंटरनेशनल अफेयर्स और झारखंड की लोक-संस्कृति.
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