बांग्लादेश में हिंसा के बाद भारतीय सीमा पर हाई अलर्ट, BSF ने बढ़ाई सुरक्षा, चौबीसों घंटे निगरानी का निर्देश
Published by : Pritish Sahay Updated At : 06 Aug 2024 10:08 AM
Bangladesh Crisis |PTI
Bangladesh Crisis: भीषण आगजनी और जगह-जगह हिंसा के बीच बांग्लादेश के हालात बेहद खराब हो गए हैं. पड़ोसी देश में हिंसा को देखते हुए भारत ने बांग्लादेश से लगती सीमा पर सुरक्षा टाइट कर दी है. चौबीसों घंटे निगरानी का सेना को निर्देश दिया गया है.
Bangladesh Crisis: बांग्लादेश में हालात बेहद खराब हो गये हैं. खबर है कि प्रधानमंत्री शेख हसीना ने पद से इस्तीफा दे दिया है साथ ही उन्होंने देश भी छोड़ दी है. हसीना फिलाहल दिल्ली आ गई है. खबर है कि भारत से वो इंग्लैंड जा सकती हैं. बता दें, बांग्लादेश में जोरदार हंगामा छिड़ा है. प्रदर्शनकारियों ने आम लोगों से लॉन्ग मार्च टू ढाका कार्यक्रम में हिस्सा लेने का अनुरोध किया. इसके बाद देश में भयंकर उथल-पुथल मची. हिंसा का दौर चला. रविवार से लेकर सोमवार तक हुई हिंसा में 100 से ज्यादा लोगों के मारे जाने की खबर है. सैकड़ों लोग घायल हुए हैं. वहीं पड़ोसी देश की बिगड़ती हालात को देखते हुए भारत ने बांग्लादेश से लगने वाली सीमा पर सुरक्षा टाइट कर दी है. सेना को चौबीसों घंटे बॉर्डर पर कड़ी निगरानी रखने का निर्देश दिया गया है.
बांग्लादेश से लगी सीमा पर हाई अलर्ट
इसी कड़ी में सीमा सुरक्षा बल ने 4,096 किलोमीटर लंबी भारत-बांग्लादेश सीमा पर अपनी सभी यूनिट के लिए सोमवार को हाई अलर्ट जारी किया है. न्यूज एजेंसी पीटीआई की एक रिपोर्ट के मुताबिक बीएसएफ ने अपने सभी फील्ड कमांडर को निर्देश दिया है कि वह सभी कर्मियों को सीमा पर ड्यूटी पर तुरंत तैनात करें. बता दें, बांग्लादेश में इतने बड़े पैमाने पर हो रहे विरोध प्रदर्शन को देखते हुए बीते कुछ हफ्तों के दौरान बांग्लादेश से लगी सीमा पर तैनात सभी कर्मियों की छुट्टियां रद्द कर दी गई थीं और अब सभी यूनिट को पूरी तरह सतर्क रहने के लिए कहा गया है.
बता दें, बीएसएफ देश की पूर्वी सीमा पर भारतीय सरहद की रक्षा करता है. देश की पूर्वी सीमा को पांच राज्य साझा करते हैं. पश्चिम बंगाल बांग्लादेश के साथ कुल 2,217 किलोमीटर बांग्लादेश के साथ शेयर करता है. इसके अलावा त्रिपुरा 856 किमी, मेघालय 443 किमी, असम 262 किमी और मिजोरम 318 किमी सीमा साझा करते हैं.
भारत सरकार ने दी प्रतिक्रिया
इससे पहले भारत सरकार ने बांग्लादेश में जारी हिंसा को देखते हुए भारत ने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है. बीते महीने से जारी प्रदर्शन पर भारत ने किसी भी तरह की टिप्पणी करने से इनकार कर दिया था. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने प्रदर्शन को लेकर कहा था कि भारत इसे बांग्लादेश का घरेलू मामला मानता है. इसपर कुछ भी टिप्पणी करना ठीक नहीं होगा. इससे पहले भारत ने बांग्लादेश में जारी हिंसा को देखते हुए अपने नागरिकों को बांग्लादेश न जाने के लिए एक एडवाइजरी जारी की थी.
रविवार को बांग्लादेश में जोरदार प्रदर्शन
इससे पहले रविवार को छात्रों और प्रदर्शनकारियों ने शेख हसीना से प्रधानमंत्री पद से इस्तीफे की मांग को लेकर इस्तीफे की मांग की. विरोध कर रहे लोगों ने कई जगहों पर प्रदर्शन किया. आंदोलन पर उतारू लोगों ने हाईवे जाम कर दिए. देखते ही देखते पूरे देश में हिंसा फैल गई. रविवार को हुई हिंसा में 100 से ज्यादा लोगों की जान चली गई. इसी कड़ी में रविवार को हसीना ने सेना, नौसेना, वायु सेना, पुलिस और दूसरी एजेंसियों के प्रमुखों के साथ बड़ी बैठक करते हुए हिंसा पर उतारू छात्रों को आतंकवादी करार दे दिया. उन्होंने देशवासियों को आंदोलन में छात्रों का साथ न देने की अपील भी की थी.
तख्तापलट के साथ सेना कर सकती है सरकार का गठन
बांग्लादेश में पूरी तरह बिगड़ चुके हालात को देखते सेना प्रमुख ने देश को संबोधित किया. सेना चीफ जनरल वकार-उज-जमान ने देश को संबोधित करते हुए लोगों से शांत रहने की अपील की है. उन्होंने कहा कि वो राष्ट्रपति से मुलाकात कर देश में अंतरिम सरकार गठन को लेकर चर्चा करेंगे. भाषा इनपुट के साथ
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