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WHO की चीफ साइंटिस्ट डॉ सौम्या स्वामीनाथन ने किया आगाह : पूर्ण लॉकडाउन से नहीं है कोई फायदा, अभी कोरोना की कई और लहरें आना बाकी

Updated at : 08 Apr 2021 7:43 AM (IST)
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WHO की चीफ साइंटिस्ट डॉ सौम्या स्वामीनाथन ने किया आगाह : पूर्ण लॉकडाउन से नहीं है कोई फायदा, अभी कोरोना की कई और लहरें आना बाकी

इंडियन एक्सप्रेस से बातचीत के दौरान डॉ स्वामीनाथन ने कहा कि हमें कोरोना की तीसरी लहर आने के पहले दूसरी लहर से बचाव करना होगा, जब तक कि सभी लोगों को टीका नहीं लगा दिया जाता. निश्चित तौर पर महामारी की कई लहरें आ सकती हैं.

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नई दिल्ली : विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) की चीफ साइंटिस्ट डॉ सौम्या स्वामीनाथन ने पूर्ण लॉकडाउन को लेकर आगाह किया है. उन्होंने सचेत करते हुए कहा है कि कोरोना की कई लहरें आ सकती हैं. पूर्ण लॉकडाउन समस्या का समाधान नहीं है. इसके भयानक परिणाम सामने आ रहे हैं. इसके साथ ही, उन्होंने देश के लोगों से कोरोना महामारी की दूसरी लहर से बचने की अपील की है.

इंडियन एक्सप्रेस से बातचीत के दौरान डॉ स्वामीनाथन ने कहा कि हमें कोरोना की तीसरी लहर आने के पहले दूसरी लहर से बचाव करना होगा, जब तक कि सभी लोगों को टीका नहीं लगा दिया जाता. निश्चित तौर पर महामारी की कई लहरें आ सकती हैं.

दो खुराक के बीच 8-12 सप्ताह का हो अंतराल

विश्व स्वास्थ्य संगठन ने कोविशील्ड टीका की दो खुराक के बीच 8-12 सप्ताह के अंतराल पर देने की सलाह दी है. इसके साथ ही, उसने बड़ी संख्या में लाभार्थियों को टीका लगाने की भी बात कही है. डॉ स्वामीनाथन ने कहा कि अभी बच्चों के टीकाकरण की सिफारिश नहीं की गई है लेकिन दो खुराक के बीच का अंतर 8 से 12 सप्ताह तक बढ़ाया जा सकता है.

टीकाकरण में तेजी लाने का किया जाना चाहिए प्रयास

7 अप्रैल को विश्व स्वास्थ्य दिवस के मौके पर विश्व स्वास्थ्य संगठन के क्षेत्रीय निदेशक डॉ पूनम खेत्रपाल ने कहा कि चूंकि, कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर सभी क्षेत्र में फैल रही है. इसलिए टीकाकरण अभियान में तेजी लाने का प्रयास किया जाना चाहिए. अमेरिका के बाद भारत में प्रतिदिन करीब 26 लाख लोगों को कोरोना वैक्सीन की खुराक दी जा रही है, जबकि अमेरिका में औसतन प्रतिदिन 30 लाख से अधिक लोगों को खुराक दी जा रही है.

लॉकडाउन का नहीं आया कोई बेहतर नतीजा

इस बीच, विशेषज्ञों ने पुणे में लॉकडाउन को लेकर कड़ी आपत्ति जाहिर की है. पुणे स्थित आईआईएसईआार और अशोका विश्वविद्यालय की प्रोफेसर एलएस शशिधारा ने इंडियन एक्सप्रेस से बातचीत में बताया कि पिछले साल लॉकडाउन के दौरान भी पुणे में कोरोना के कई हॉटस्पॉट थे. जैसे ही लॉकडाउन हटाया गया, आंशिक रूप से कोरोना संक्रमितों की संख्या बढ़ने लगी. इसके बाद दोबारा 10 दिन के लिए लॉकडाउन लगाया गया, जिसका कोई फायदा नजर नहीं आया. उल्टे संक्रमितों की संख्या और बढ़ ही गई.

लॉकडाउन हटने के बाद तेजी से फैलता है संक्रमण

उन्होंने कहा कि लॉकडाउन के दौरान वायरस का सामुदायिक संक्रमण तेजी के साथ एक इलाके के छोटे समूहों में फैल रहा है. जैसे ही लॉकडाउन हटा दिया जाता है, यह और भी तेजी से फैलने लगता है. लोग लॉकडाउन के तनाव के बाद अधिक राहत महसूस करने लगते हैं. देश में कोरोना की अभी और कई लहरें आ सकते है तथा Breaking News in Hindi से अपडेट के लिए बने रहें हमारे साथ.

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Posted by : Vishwat Sen

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