WhatsApp के नए ‘यूजरनेम’ फीचर पर सरकार की रोक: मेटा को थमाया नोटिस, पूछा- क्यों न की जाए कार्रवाई?
WhatsApp Logo, फोटो एक्स
WhatsApp Usernames Feature: केंद्र सरकार ने भारत में WhatsApp पर यूजरनेम फीचर के रोल-आउट के संबंध में मेटा को नोटिस जारी किया है.
WhatsApp Usernames Feature: सरकार ने मेटा को इस नोटिस का जवाब देने के लिए मात्र 3 दिनों का समय दिया है. जब तक सरकार इस मामले में पूरी तरह संतुष्ट नहीं हो जाती, तब तक WhatsApp भारत में इस फीचर को लॉन्च नहीं कर पाएगा.
नोटिस में सरकार ने क्या कहा?
सरकार की ओर से जारी नोटिस में लिखा है, “ऐसा महसूस होता है कि यह फीचर ऑनलाइन धोखाधड़ी, फिशिंग, डिजिटल अरेस्ट स्कैम और नकली पहचान वाले हमलों के मामलों को काफी हद तक बढ़ा सकता है, क्योंकि इससे बुरे लोग पीड़ितों को लुभाने और मैसेज करने में मदद कर सकते हैं.
Central Government has issued notice to Meta regarding roll-out of the “usernames” feature on WhatsApp in India.
— ANI (@ANI) July 1, 2026
The notice reads, "…It is felt that the feature may materially increase the incidence of online fraud, phishing, digital arrest scams and impersonation attacks, by… https://t.co/XvNmgoST5G pic.twitter.com/9JkzuVncuR
सरकार ने पूछा आप पर कानूनी कार्रवाई क्यों न की जाए?
सरकार ने साफ कहा है कि जब आप जानते हैं कि इस नए फीचर से ऑनलाइन ठगी और स्कैम बढ़ेंगे, तो फिर देश के आईटी कानून (IT Act, 2000) और नियमों को तोड़ने के आरोप में आप पर कानूनी कार्रवाई क्यों न की जाए? मेटा को इसका लिखित और विस्तृत जवाब देना होगा.
सरकार को किस बात का है डर?
डिजिटल अरेस्ट और स्कैम बढ़ सकते हैं: सरकार का मानना है कि बिना फोन नंबर के सिर्फ यूजरनेम के जरिए मैसेज करने की सुविधा से अपराधी और स्कैमर्स आसानी से छिपे रह सकेंगे. इससे वे मासूम लोगों को अपना शिकार बना सकते हैं.
फर्जी पहचान का खतरा: इस फीचर के जरिए धोखेबाज किसी भी असली व्यक्ति, नामी कंपनी या सरकारी अधिकारी के नाम से मिलता-जुलता यूजरनेम बना सकते हैं.
सरकारी एजेंसियों की नकल: अपराधी खुद को सीबीआई, पुलिस या बैंक अधिकारी बताकर लोगों को डरा-धमका सकते हैं और ठगी को अंजाम दे सकते हैं.
यह भी पढ़ें: WhatsApp पर बिना नंबर शेयर किए शुरू करें चैट, जानें Username सेट करने का तरीका
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
लेखक के बारे में
By अरबिंद कुमार मिश्रा
अरबिंद कुमार मिश्रा मुख्यधारा की पत्रकारिता में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले एक वरिष्ठ पत्रकार और लेखक हैं. वर्तमान में, वह प्रभात खबर डॉट कॉम (Prabhat Khabar) में सीनियर कंटेंट राइटर के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. अरबिंद नेशनल, इंटरनेशनल और स्पोर्ट्स कैटेगरी में अपनी लेखनी के लिए जाने जाते हैं. गहरी रिसर्च पर आधारित स्पेशल स्टोरीज, रिपोर्टिंग और जटिल मुद्दों पर आसान भाषा में 'एक्सप्लेनर' लिखना उनकी मुख्य यूएसपी (USP) है.
झारखंड की समृद्ध संस्कृति और लोक परंपराओं में उनकी गहरी रुचि है. अपनी उत्कृष्ट और सरोकार से जुड़ी रिपोर्टिंग के लिए उन्हें संस्थान स्तर पर कई बार सम्मानित और पुरस्कृत भी किया जा चुका है.
करियर का सफरनामा
अरबिंद ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत देश की प्रतिष्ठित बहुभाषी न्यूज एजेंसी 'हिंदुस्थान समाचार' से बतौर रिपोर्टर की थी. इसके बाद उन्होंने प्रसार भारती के अंग दूरदर्शन और आकाशवाणी के साथ भी काम किया, जहां उन्होंने एंकरिंग, वॉइस-ओवर और रिपोर्टिंग के गुर सीखे. साल 2011 में वह 'प्रभात खबर डॉट कॉम' से जुड़े और तब से लगातार डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं.
प्रमुख उपलब्धियां और ग्राउंड रिपोर्टिंग
खेल पत्रकारिता और जमीनी रिपोर्टिंग में अरबिंद का योगदान उल्लेखनीय रहा है. उनकी कुछ सबसे बड़ी उपलब्धियों में शामिल हैं:
34वें राष्ट्रीय खेल: झारखंड में आयोजित ऐतिहासिक 34वें नेशनल गेम्स की बेहतरीन और व्यापक ग्राउंड रिपोर्टिंग.
अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट: रांची के जेएससीए (JSCA) स्टेडियम में आयोजित कई इंटरनेशनल क्रिकेट मैचों को करीब से कवर किया.
पुरुष हॉकी वर्ल्ड कप (2018): भुवनेश्वर में आयोजित वर्ल्ड कप के फाइनल मुकाबले की शानदार स्पोर्ट्स रिपोर्टिंग.
पंचायतनामा: प्रभात खबर के इस खास विंग के लिए ग्रामीण इलाकों का दौरा कर कई प्रेरक 'सक्सेस स्टोरीज' लिखीं.
शैक्षणिक योग्यता (Education & Credentials)
UGC NET: साल 2019 में यूजीसी नेट (UGC NET) की परीक्षा उत्तीर्ण की.
बैचलर ऑफ जर्नलिज्म (BJMC): रांची विश्वविद्यालय से साल 2011 में पत्रकारिता में स्नातक की डिग्री हासिल की.
एम.ए. (नागपुरी भाषा): रांची विश्वविद्यालय के 'जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग' से साल 2009 में नागपुरी भाषा में स्नातकोत्तर (MA) की डिग्री हासिल की.
लेखन शैली और विशेषज्ञता: एक्सप्लेनर, रिसर्च बेस्ड स्टोरीज, स्पोर्ट्स जर्नलिज्म, इंटरनेशनल अफेयर्स और झारखंड की लोक-संस्कृति.
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए










