भगवान राम का छत्तीसगढ़ से क्या था कनेक्शन? वनवास के दौरान अधिकतर समय गुजारा था यहां

Updated at : 09 Dec 2025 1:10 PM (IST)
विज्ञापन
Rama bhagwan Chhattisgarh connection

राम भगवान छत्तीसगढ़ कनेक्शन (Photo: AI)

Lord Ram Connection With Chhattisgarh : छत्तीसगढ़ का इतिहास बहुत पुराना है जिसमें रामायण काल का भी जिक्र है. वनवास के दौरान भगवान राम ने अपना अधिकतर समय छत्तीसगढ़ में गुजारा था जिसके पीछे एक खास वजह थी. आइए जानते हैं इस वजह के बारे में यहां.

विज्ञापन

Lord Ram Connection With Chhattisgarh : छत्तीसगढ़ का इतिहास बहुत पुराना और समृद्ध है. यह क्षेत्र प्राचीन समय से सांस्कृतिक, धार्मिक और राजनीतिक गतिविधियों का मुख्य केंद्र रहा है. इसके इतिहास को चार चरणों में बांटा जाता है. 1. प्राचीन काल 2. मध्यकाल 3. ब्रिटिश काल और 4. आधुनिक काल, जिनमें हर दौर की अपनी खास पहचान है. छत्तीसगढ़ का पुराना नाम दक्षिण कोसल था, जिसका जिक्र रामायण, महाभारत और कई पुराणों में मिलता है. रामायण के अनुसार भगवान राम ने अपने 14 साल के वनवास का बड़ा हिस्सा इसी क्षेत्र में बिताया था. माना जाता है कि उनकी माता कौशल्या का जन्म छत्तीसगढ़ के चंदखुरी में हुआ था, इसलिए यह क्षेत्र धार्मिक रूप से भी महत्वपूर्ण है.

राम की माता कौशल्या, राजा भानुमंत की पुत्री थीं. कौशल्या का नाम उनके पिता के नाम पर होने के कारण भानुमती भी कहा जाता था. राजा दशरथ से विवाह के बाद, भानुमति को कोसल देश से होने के कारण कौशल्या नाम से पुकारा गया.

भानुमंत का कोई पुत्र नहीं था

‘कोसल खंड’ नामक एक अप्रकाशित ग्रंथ से जानकारी मिलती है कि दंडक पर्वत के दक्षिण में नागपुर के पास कोसल नाम का एक शक्तिशाली राजा था. उसी राजा के नाम पर इस क्षेत्र का नाम ‘कोसल’ पड़ा. राजा कोसल के वंश में भानुमंत नाम का राजा हुआ, जिसकी पुत्री का विवाह अयोध्या के राजा दशरथ से हुआ था. भानुमंत का कोई पुत्र नहीं था, इसलिए कोसल (छत्तीसगढ़) का राज्य राजा दशरथ को प्राप्त हुआ.

यह भी पढ़ें : झारखंड की राजधानी रांची के पास मौजूद हैं भगवान राम-लक्ष्मण के पदचिन्ह? जानें सच

दशरथ के समय से पहले ही इस क्षेत्र का नाम ‘कोसल’ प्रचलित था

इस प्रकार स्पष्ट होता है कि राजा दशरथ के समय से पहले ही इस क्षेत्र का नाम ‘कोसल’ प्रचलित था. मान्यता है कि वनवास के दौरान भगवान राम ने अपना अधिकतर समय छत्तीसगढ़ और उसके आसपास के क्षेत्रों में बिताया था. भगवान राम के बाद ‘उत्तर कोसल’ के राजा उनके ज्येष्ठ पुत्र लव बने, जिनकी राजधानी श्रावस्ती थी. छोटे पुत्र कुश को ‘दक्षिण कोसल’ मिला, जिसकी राजधानी कुशस्थली थी.

विज्ञापन
Amitabh Kumar

लेखक के बारे में

By Amitabh Kumar

डिजिटल जर्नलिज्म में 14 वर्षों से अधिक का अनुभव है. करियर की शुरुआत Prabhatkhabar.com से की. राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय खबरों पर अच्छी पकड़ है. राजनीति और सामाजिक मुद्दों पर गहन लेखन का अनुभव रहा है. तथ्यपरक रिपोर्टिंग और विश्लेषणात्मक लेखन में विशेष रुचि है. ट्रेंडिंग और ब्रेकिंग खबरों पर लगातार फोकस रहता है.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola