इंटरनेट यूजर हो जाएं सावधान! करते हैं एक ही पासवर्ड का हर जगह यूज तो होगा नुकसान
Published by : Amitabh Kumar Updated At : 30 Oct 2023 10:34 AM
दुनिया भर में ज्यादातर साइबर अपराध कमजोर पासवर्ड से जुड़े हैं. हमारे ऑनलाइन अकाउंट को सुरक्षित रखने के लिए पासवर्ड सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है. जानें दिल्ली पुलिस ने इंटरनेट यूजर से क्या कहा
यदि आप इंटरनेट यूजर हैं तो ये खबर आपके काम की है. जी हां…दिल्ली पुलिस ने देश में इंटरनेट यूजर्स से एक महत्वपूर्ण जानकारी शेयर की है और चेतावनी दी है. चेतावनी पासवर्ड को लेकर पुलिस के द्वारा दी गई है. पुलिस ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर इंटरनेट यूजर्स से कई अकाउंट्स के लिए एक ही पासवर्ड का उपयोग न करने को कहा है. पुलिस की ओर से कहा गया है कि सोशल मीडिया के कई अकाउंट के लिए एक ही पासवर्ड रखना खतरे से खाली नहीं है. यह आपको नुकसान पहुंचा सकता है. हैकर्स से एक कदम आगे रहें! वीक यानी कमजोर पासवर्ड से बचें और उनका दोबारा उपयोग न करें… पुलिस की ओर से जो एक्स पर बात कही गई है उसमें दो तस्वीर लगी है. इन तस्वीरों में भूपेन्द्र जोगी नाम का एक इंटरनेट यूजर इंस्टाग्राम और जीमेल के लिए एक ही पासवर्ड का उपयोग करता हुआ नजर आ रहा है. यूजर जीमेल और सोशल मीडिया प्लेटफार्म इंस्टाग्राम में एक ही पासवर्ड यूज करता दिख रहा है जिसको लेकर पुलिस ने ऐसा ना करने की सलाह दी है.
बताया गया है कि दुनिया भर में ज्यादातर साइबर अपराध कमजोर पासवर्ड से जुड़े हैं. हमारे ऑनलाइन अकाउंट को सुरक्षित रखने के लिए पासवर्ड सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है. दिल्ली पुलिस ने महत्वपूर्ण साइबर सुरक्षा के बारे में जानकारी साझा की. अपने सोशल मीडिया पोस्ट में पुलिस ने कहा है कि क्षेत्र के विशेषज्ञ भी गलतियां करते नजर आते हैं. इसलिए बेहतर होगा कि आप एक ऐसा पासवर्ड यूज करें जो कोई अन्य किसी गलत तरीके से यूज ना कर सके. अपनी साइबर सुरक्षा पर ध्यान देने की जरूरत है. पोस्ट के साथ दो अखबारों की कटिंग भी लगाई गई है. इसमें से एक में कथित तौर पर एक टेक्निकल जानकार को ई-घोटाले में 50 लाख रुपये का नुकसान होने की बात कही गई है. वहीं, सबसे बड़े ई-टास्क धोखाधड़ी में एक सेवानिवृत्त कर्नल को 2.5 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ.
साइबर फ्रॉड होने पर कहां करें कम्प्लेन
आपको बता दें कि दिल्ली पुलिस के पास साइबर अपराध की रिपोर्ट करने के लिए एक हेल्पलाइन और वेबसाइट है. इंटरनेट यूजर्स http://cybercrime.gov.in पर साइबर अपराध के बारे में रिपोर्ट या शिकायत दर्ज कराने में सक्षम है. वे किसी भी साइबर अपराध के बारे में रिपोर्ट करने या शिकायत करने के लिए 1930 भी डायल कर सकते हैं. इसको लेकर भारत सरकार ने भी पहल की है. सरकार ने cybercrime.gov.in पीड़ितों/शिकायतकर्ताओं को साइबर अपराध की शिकायतों को ऑनलाइन रिपोर्ट करने की सुविधा प्रदान की है. इस पोर्टल पर दर्ज की गई शिकायतों का निपटारा कानून प्रवर्तन एजेंसियों/पुलिस द्वारा शिकायतों में उपलब्ध जानकारी के आधार पर किया जाता है. जल्द से जल्द कार्रवाई के लिए शिकायत दर्ज करते समय सही और सटीक विवरण प्रदान करना बहुत जरूरी है.
Using the same password for multiple accounts can be risky.
Stay one step ahead of hackers! 🚫 Avoid weak passwords and never reuse them.Report cyber crime @ https://t.co/31HYfBIJGu#ProtectYourBytes#CyberAwarenessMonth#CyberSafeCitizen pic.twitter.com/MooxSSAP2N
— Delhi Police (@DelhiPolice) October 29, 2023
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साबइर अपराधी लोगों को लगाते हैं लाखों का चूना
आपको बता दें कि प्रत्येक दिन देश के किसी ना किसी कोने से साइबर अपराध की खबर आती है. इसको लेकर पुलिस के पास लोग शिकायत लेकर पहुंचते हैं. साइबर अपराधी बहुत ही चलाकी से डाटा एक एकत्रित करते हैं और लोगों को लाखों का चूना लगाते हैं. यही वजह है कि इंटरनेट यूजर को सावधानी से सोशल मीडिया प्लेटफार्म का यूज करना चाहिए.
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By Amitabh Kumar
अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.
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