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Watch Video: 10-10 रुपये जोड़कर बेटी के लिए खरीदी स्कूटी, जानें गुमटी चलाने वाले बजरंग राम की कहानी

Updated at : 24 Oct 2025 10:25 PM (IST)
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small shopkeeper buys scooter

छोटे दुकानदार ने बेटी के लिए खरीदा स्कूटी

Watch Video: छत्तीसगढ़ के जशपुर से एक भावुक कर देने वाली खबर सामने आई है. गुमटी चलाने वाले एक पिता ने अपनी बेटी की इच्छा पूरा करने के लिए जो किया आज मिशाल बन गया है. हर ओर उनकी तारीफ हो रही है. आइये आपको बताते हैं गुमटी संचालक बजरंग राम के संघर्ष की कहानी.

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Watch Video: छत्तीसगढ़ जशपुर के रहने वाले बजरंग राम भगत गुमटी चलाते हैं और उपने परिवार को पालते हैं. अपने रोजाना की कमाई से उन्होंने 10-10 रुपये बचाकर अपनी बेटी को इस दिवाली एक स्कूटी गिफ्ट किया. गाड़ी पाकर बच्ची के चेहरे की खुशी बढ़ गई है. उसे अब पढ़ाई करने के लिए पैदल चलने की जरूरत नहीं होगी.

पिता बजरंग राम भगत ने क्या बताया?

पिता बजरंग राम भगत बताते हैं, “मैं अपनी बच्ची की खुशी के लिए स्कूटी खरीदने के अपने सपने को पूरा करने के लिए हर दिन जो भी संभव हो, 10 रुपये या 100 रुपये, जो भी मेरे पास होता था, बचाता था. मैंने दिवाली पर 40,000 रुपये के सिक्कों से एक स्कूटी खरीदा और बाकी नकद था. मैं कभी भी ऋण नहीं लेना चाहता था.”

स्कूटी पाकर भावुक हुई बेटी चंपा

स्कूटी पाकर बेटी चंपा भावुक हो गई. उसने कहा- “मुझे बहुत खुशी है कि मेरे पिता कम से कम रोजाना बचत करते थे और आभारी हूं कि उन्होंने मुझे एक स्कूटी खरीद कर दी. अब मेरे लिए एक जगह से दूसरी जगह जाना आसान हो जाएगा.”

शोरूम के मालिक आनंद गुप्ता ने क्या बताया?

शोरूम के मालिक आनंद गुप्ता ने बताया, “दिवाली पर बजरंग राम ने सिक्कों से स्कूटी खरीदने की इच्छा जताई और हम यह जानकर हैरान रह गए. मैंने तुरंत अपने कर्मचारियों से सिक्के गिनने को कहा. यह हम सभी के लिए एक सुनहरा पल था. यह ईमानदारी की उपलब्धि थी जो उनकी बचत में झलक रही थी… उन्हें स्क्रैच कार्ड ऑफर में एक मिक्सर ग्राइंडर भी मिला. उन्होंने 40,000 रुपये के सिक्कों से और बाकी नकद भुगतान किया. वह इससे बहुत खुश थे और हम भी.”

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ArbindKumar Mishra

लेखक के बारे में

By ArbindKumar Mishra

मुख्यधारा की पत्रकारिता में 14 वर्षों से ज्यादा का अनुभव. खेल जगत में मेरी रुचि है. वैसे, मैं राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय खबरों पर काम करता हूं. झारखंड की संस्कृति में भी मेरी गहरी रुचि है. मैं पिछले 14 वर्षों से प्रभातखबर.कॉम के लिए काम कर रहा हूं. इस दौरान मुझे डिजिटल मीडिया में काम करने का काफी अनुभव प्राप्त हुआ है. फिलहाल मैं बतौर शिफ्ट इंचार्ज कार्यरत हूं.

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