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राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की मंजूरी के बाद वक्फ संशोधन बिल बना कानून

Updated at : 06 Apr 2025 6:26 AM (IST)
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Waqf Bill Becomes Law

Waqf Bill Becomes Law

Waqf Bill Becomes Law : राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने वक्फ (संशोधन) विधेयक को मंजूरी दे दी है. अब यह कानून बन चुका है. अब आजादी के पहले का मुसलमान वक्फ अधिनियम निरस्त हो गया है. इस बिल को लोकसभा के बाद राज्यसभा में मंजूरी मिली थी. कई राजनीतिक दल इसके खिलाफ थे. कांग्रेस ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा मामले को लेकर खटखटाया है.

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Waqf Bill Becomes Law : राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने वक्फ (संशोधन) विधेयक-2025 को शनिवार को अपनी मंजूरी दे दी. इसे संसद ने पारित किया था. राष्ट्रपति ने मुसलमान वक्फ (निरसन) विधेयक-2025 को भी अपनी मंजूरी दे दी. इसके कारण स्वतंत्रता पूर्व का मुसलमान वक्फ अधिनियम अब निरस्त हो चुका है. सरकार ने एक अधिसूचना में कहा, ‘‘संसद के निम्नलिखित अधिनियम को पांच अप्रैल, 2025 को राष्ट्रपति की स्वीकृति प्राप्त हुई, तथा इसे सर्वसाधारण की जानकारी के लिए प्रकाशित किया जाता है : वक्फ (संशोधन) अधिनियम-2025.’’

विपक्ष ने किया था बिल का विरोध

संसद ने शुक्रवार तड़के इस विधेयक को मंजूरी दे दी, जब 13 घंटे से अधिक समय तक चली बहस के बाद राज्यसभा ने इस विवादास्पद विधेयक को मंजूरी दे दी. चर्चा में विपक्षी दलों की ओर से कड़ी आपत्तियां व्यक्त की गईं, जिन्होंने विधेयक को ‘मुस्लिम विरोधी’ और ‘असंवैधानिक’ करार दिया, जबकि सरकार ने जवाब दिया कि इस ‘ऐतिहासिक सुधार’ से अल्पसंख्यक समुदाय को लाभ होगा. राज्यसभा ने वक्फ बोर्ड में पारदर्शिता बढ़ाने सहित कई महत्वपूर्ण प्रावधानों वाले वक्फ संशोधन विधेयक, 2025 को लंबी चर्चा के बाद 95 के मुकाबले 128 मतों से मंजूरी दे दी थी.

राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद बना कानून

इस विधेयक के बारे में सरकार ने दावा किया कि इसके कारण देश के गरीब एवं पसमांदा मुसलमानों और इस समुदाय की महिलाओं की स्थिति में सुधाार लाने में काफी मदद मिलेगी. इसे पिछले सप्ताह लोकसभा में पारित कर दिया गया, जिसमें 288 सदस्यों ने इसका समर्थन किया तथा 232 सदस्यों ने इसका विरोध किया. संसद ने मुसलमान वक्फ (निरसन) विधेयक को भी मंजूरी दे दी है, जिसे राज्यसभा ने भी मंजूरी दे दी. लोकसभा ने पहले ही विधेयक को अपनी मंजूरी दे दी है. राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद यह कानून भी बन गया है.

सुप्रीम कोर्ट में वक्फ (संशोधन) विधेयक की वैधता को चुनौती

कांग्रेस सांसद मोहम्मद जावेद और ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट में वक्फ (संशोधन) विधेयक की वैधता को चुनौती देते हुए कहा कि यह संवैधानिक प्रावधानों का उल्लंघन करता है. जावेद की याचिका में आरोप लगाया गया है कि विधेयक में वक्फ संपत्तियों और उनके प्रबंधन पर “मनमाने प्रतिबंध” लगाने के प्रावधान किये गये हैं, जिससे मुस्लिम समुदाय की धार्मिक स्वायत्तता कमजोर होगी. अधिवक्ता अनस तनवीर के माध्यम से दायर याचिका में कहा गया है कि विधेयक में मुस्लिम समुदाय से भेदभाव किया गया है, क्योंकि इसमें “ऐसे प्रतिबंध लगाए गए हैं, जो अन्य धार्मिक बंदोबस्तों में मौजूद नहीं हैं.” ओवैसी की याचिका वकील लजफीर अहमद ने दायर की.

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Amitabh Kumar

लेखक के बारे में

By Amitabh Kumar

डिजिटल जर्नलिज्म में 14 वर्षों से अधिक का अनुभव है. करियर की शुरुआत Prabhatkhabar.com से की. राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय खबरों पर अच्छी पकड़ है. राजनीति और सामाजिक मुद्दों पर गहन लेखन का अनुभव रहा है. तथ्यपरक रिपोर्टिंग और विश्लेषणात्मक लेखन में विशेष रुचि है. ट्रेंडिंग और ब्रेकिंग खबरों पर लगातार फोकस रहता है.

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