Yes Bank मामले की जांच CBI को सहयोग नहीं कर रहे वधावन बंधु, विशेष अदालत ने 1 मई तक बढ़ायी हिरासत
Author : KumarVishwat Sen Published by : Prabhat Khabar Updated At : 29 Apr 2020 9:01 PM
यस बैंक घोटाले के सिलसिले में कारोबारी बंधुओं कपिल और धीरज वधावन की सीबीआई हिरासत यहां एक विशेष अदालत ने एक मई तक के लिए बढ़ा दी है.
मुंबई : यस बैंक घोटाले के सिलसिले में कारोबारी बंधुओं कपिल और धीरज वधावन की सीबीआई हिरासत यहां एक विशेष अदालत ने एक मई तक के लिए बढ़ा दी है. कपिल और धीरज वधावन दीवान हाउसिंग फाइनेंस लिमिटेड (डीएचएफएल) और आरकेडब्ल्यू डेवलपर्स के प्रवर्तक हैं. उन्हें रविवार को महाराष्ट्र में सतारा जिले के एक पृथकवास से गिरफ्तार किया गया. यस बैंक के पूर्व सीईओ एवं सह-संस्थापक राणा कपूर की संलिप्तता वाले करोड़ों रुपये के घोटाले में इससे (गिरफ्तारी से) करीब 50 दिन पहले इन दोनों को नामजद किया गया था.
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बुधवार को दोनों भाइयों को यहां एक विशेष अदालत में पेश किया गया, क्योंकि उनकी रिमांड की अवधि खत्म हो गयी थी. सीबीआई ने आगे के लिए उनकी हिरासत मांगते हुए कहा कि आरोपी जांच में सहयोग नहीं कर रहे हैं. जांच एजेंसी ने कहा कि साजिश का खुलासा करने के लिए और कपूर के साथ उनके संबंधों का पता लगाने के लिए आगे भी छानबीन करने की जरूरत है. बचाव पक्ष के वकील सुबोध देसाई ने दलील दी कि अपराध की प्रकृति को देखते हुए उन्हें हिरासत में सौंपे जाने की जरूरत नहीं है. हालांकि, अदालत ने उनकी सीबीआई हिरासत एक मई तक के लिए बढ़ा दी.
अधिकारियों ने बताया कि वधावन बंधुओं को कपूर और अन्य द्वारा की गयी बैंकिंग धोखाधड़ी के सिलसिले में सीबीआई की प्राथमिकी में नामजद किया गया है. जांच एजेंसी ने आरोप लगाया है कि कपूर (62) ने खुद को और अपने परिवार को उनके मालिकाना हक वाली कंपनियों के मार्फत अनुचित फायदा पहुंचाने के एवज में यस बैंक के जरिये डीएचएफएल को वित्तीय सहायता उपलब्ध करायी थी.
सीबीआई की प्राथमिकी के मुताबिक, यह घोटाला अप्रैल से जून 2018 के बीच हुआ था, जब यस बैंक ने घोटाला प्रभावित डीएचएफएल के अल्प अवधि के ऋणपत्र में 3,700 करोड़ रुपये निवेश किये थे. इसके एवज में वधावन ने कथित तौर पर कपूर और उनके परिवार के सदस्यों को ऋण के रूप में 600 करोड़ रुपये की कथित तौर पर रिश्वत दी थी. सीबीआई के अलावा, प्रवर्तन निदेशालय भी यस बैंक घोटाले के सिलसिले में दोनों भाइयों की भूमिका की जांच कर रहा है.
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कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.
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