VB G RAM G: राष्ट्रपति ने G RAM G बिल को दी हरी झंडी, मनरेगा बना इतिहास

Published by : ArbindKumar Mishra Updated At : 21 Dec 2025 5:32 PM

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राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, फोटो पीटीआई

VB G RAM G: भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने विकसित भारत रोजगार और आजीविका मिशन (ग्रामीण) (VB—G RAM G) बिल, 2025 को रविवार को मंजूरी दे दी. इसके साथ ही बिल अब कानून का रूप ले लिया और पूर्व की मनरेगा योजना अब इतिहास बन गई.

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VB G RAM G बिल, 2025 ग्रामीण परिवारों के लिए वैधानिक मजदूरी रोजगार गारंटी को प्रति वित्तीय वर्ष 125 दिन तक बढ़ाता है. मनरेगा के नाम बदलने को लेकर विपक्ष लगातार मोदी सरकार पर हमलावर है. विपक्ष ने नये बिल को काला कानून बताया है.

VB G RAM G: 18 दिसंबर को संसद से पारित हुआ था जी राम जी विधेयक

संसद ने गुरुवार 18 दिसंबर को विपक्ष के विरोध के बीच विकसित भारत-जी राम जी विधेयक, 2025 को पारित कर दिया था. ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने विधेयक पर कहा था, कांग्रेस ने बापू के आदर्शों की हत्या की, जबकि मोदी सरकार ने उन्हें जिंदा रखा है.

100 दिन बदले 125 दिन मिलेगा रोजगार

मनरेगा कानून के तहत पहले 100 दिन के रोजगार की गारंटी थी, जिसे अब बढ़ाकर 125 दिन कर दिया गया है. ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने संसद में कहा था कि इस विस्तार के लिए कुल 1,51,282 करोड़ रुपये की पर्याप्त धनराशि प्रस्तावित की गई है. इस राशि में केंद्र सरकार का हिस्सा 95,000 करोड़ रुपये से अधिक है.

नये कानून के पीछे सरकार की क्या है योजना?

चौहान ने बताया था कि नयी योजना के अनुसार, सरकार गारंटी देने के अलावा एक पूर्ण गांव, एक विकसित गांव, एक रोजगार संपन्न गांव और एक गरीबी मुक्त गांव बनाने की योजना बना रही है.

कांग्रेस ने नये कानून को लेकर मोदी सरकार पर बोला हमला

कांग्रेस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार पर मनरेगा जैसे ऐतिहासिक कानून का अपमान करने का आरोप लगाया. कांग्रेस संसदीय दल की प्रमुख सोनिया गांधी ने नये कानून पर हमला करते हुए कहा था, मोदी सरकार ने मनरेगा पर बुलडोजर चला दिया है और करोड़ों किसानों, श्रमिकों एवं भूमिहीन ग्रामीण वर्ग के गरीबों के हितों पर हमला किया है. उन्होंने कहा था कि पार्टी नए काले कानून के खिलाफ लड़ाई को लेकर प्रतिबद्ध हैं. कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी ने एक वीडियो संदेश में कहा था कि पिछले 11 साल में मोदी सरकार ने ग्रामीण क्षेत्रों के बेरोजगार, गरीबों और वंचितों के हितों को नजरअंदाज कर मनरेगा को कमजोर करने की हर कोशिश की, जबकि कोविड के समय यह गरीब वर्ग के लिए संजीवनी साबित हुआ.

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लेखक के बारे में

By ArbindKumar Mishra

अरबिंद कुमार मिश्रा वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में एक अनुभवी पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. अप्रैल 2011 से संस्थान का हिस्सा रहे अरबिंद के पास पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर और डेस्क एडिटर 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. वर्तमान में वह नेशनल और इंटरनेशनल डेस्क की जिम्मेदारी संभालने के साथ-साथ एक पूरी शिफ्ट का नेतृत्व (Shift Lead) भी कर रहे हैं. विशेषज्ञता और अनुभव अरबिंद की लेखनी में खबरों की गहराई और स्पष्टता है. उनकी मुख्य विशेषज्ञता इन क्षेत्रों में है. राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मामले: वैश्विक राजनीति और देश की बड़ी घटनाओं पर पैनी नजर. खेल पत्रकारिता: झारखंड में आयोजित 34वें नेशनल गेम्स से लेकर JSCA स्टेडियम में हुए कई अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैचों की ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव. झारखंड की संस्कृति: राज्य की कला, संस्कृति और जनजातीय समुदायों की समस्याओं और उनकी जीवनशैली पर विशेष स्टोरीज. पंचायतनामा: ग्रामीण विकास और जमीनी मुद्दों पर 'पंचायतनामा' के लिए विशेष ग्राउंड रिपोर्टिंग. करियर का सफर प्रभात खबर डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत करने वाले अरबिंद ने पत्रकारिता के हर आयाम को बखूबी जिया है. डिजिटल मीडिया की बारीकियों को समझने से पहले उन्होंने आकाशवाणी (All India Radio) और दूरदर्शन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में एंकरिंग के जरिए अपनी आवाज और व्यक्तित्व की छाप छोड़ी है. शिक्षा और योग्यता UGC NET: अरबिंद मिश्रा ने यूजीसी नेट (UGC NET) उत्तीर्ण की है. मास्टर्स (MA): रांची यूनिवर्सिटी के जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग से एमए की डिग्री. ग्रेजुएशन: रांची यूनिवर्सिटी से ही मास कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म में स्नातक.

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