Uttarkashi Cloudburst: मलबे से 5वां शव निकाला गया, राहत और बचाव जारी, सेना के 11 जवान भी लापता

Published by : Pritish Sahay Updated At : 06 Aug 2025 9:52 PM

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Uttarkashi Cloudburst

Uttarkashi Cloudburst: उत्तराखंड में उत्तरकाशी जिले के धराली में बादल फटने से हाहाकार मच गया. हादसे में पांच लोगों की मौत हो गई है. 50 से ज्यादा लोग लापता है, इनमें सेना के 11 जवान भी शामिल हैं. बादल फटने से आई बाढ़ ने इलाके में भयंकर तबाही मचाई है. लोगों के घर और होटल मलबे में तब्दील हो गए हैं, जिनके नीचे कई लोगों के दबे होने की आशंका है. बुधवार को मलबे से एक शव बरामद हुआ है. हादसे में मरने वालों की संख्या बढ़कर पांच हो गई है.

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Uttarkashi Cloudburst: उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले स्थित धराली गांव में मंगलवार (5 अगस्त) को हुई भयावह त्रासदी के बाद हर तरफ कोहराम मचा हुआ है. अपनों की तलाश में लोग मलबे में जिंदगी तलाश रहे हैं. बुधवार को बचाव दलों ने मलबे से एक और शव बरामद कर लिया. इससे हादसे में मृतकों की संख्या बढ़कर पांच हो गई है. राहत और बचाव दलों ने बुधवार को भारी बारिश के बीच 150 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया है. मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बाढ़ग्रस्त क्षेत्र का हवाई सर्वेक्षण कर स्थिति का जायजा लिया और इस बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने फोन पर बात कर उन्हें पूरी स्थिति की जानकारी दी.

11 जवानों समेत 50 से ज्यादा लोग अभी भी लापता

बीते दिन मंगलवार दोपहर के समय धराली में बादल फटने से खीरगंगा नदी में भीषण बाढ़ आ गयी, इसमें करीब आधा गांव तबाह हो गया था. भूस्खलन से धराली जाने वाली सड़कें पूरी तरह बंद हो गई है. अवरुद्ध हैं जिससे वहां फंसे लोगों तक पहुंचना मुश्किल हो रहा है. स्थानीय लोगों ने बताया कि बाढ़ के कारण 50 से अधिक लोग लापता हैं. लापता लोगों में हर्षिल में प्रभावित हुए सेना के एक शिविर के 11 सैनिक भी शामिल हैं. राष्ट्रीय आपदा मोचन बल के उप महानिरीक्षक ऑपरेशन मोहसिन शहीदी के अनुसार संघीय आकस्मिक बल की तीन टीम धराली के रास्ते में हैं, लेकिन लगातार भूस्खलन से ऋषिकेश-उत्तरकाशी राजमार्ग अवरुद्ध होने के कारण वे वहां नहीं पहुंच पा रही हैं.

राहत और बचाव जारी

मोहसिन शहीदी ने मीडिया से बात करते हुए बताया कि एनडीआरएफ की दो टीम को देहरादून से हवाई मार्ग से ले जाया जाना है लेकिन खराब मौसम इसमें अड़चन पैदा कर रहा है. उन्होंने बताया कि सेना, आईटीबीपी और एसडीआरएफ के दल प्रभावित क्षेत्र में बचाव अभियान में जुटे हैं. उन्होंने अब तक 150 लोगों को सुरक्षित निकाल लिया है. वहीं गंगोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग पर गंगनानी से आगे लिमच्छा बरसाती नाले पर बना एक पुल बाढ़ में बह गया, जिससे धराली जा रही बचाव कर्मियों की एक टीम रास्ते में ही फंस गयी है.

पीएम मोदी लगातार ले रहे हैं जानकारी

इधर, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रदेश के सीएम पुष्कर सिह धामी से लगातार फोन पर बातचीत कर स्थिति का जायजा ले रहे हैं. सीएम धामी ने प्रधानमंत्री को जानकारी देते हुए बताया कि राज्य सरकार पूरी तत्परता से बचाव और राहत कार्यों में जुटी हुई है लेकिन लगातार भारी बारिश के कारण कुछ कठिनाइयां आ रही हैं. उन्होंने प्रधानमंत्री को बताया कि सभी संबंधित एजेंसियां समन्वय के साथ काम कर रही हैं ताकि पीड़ितों को तुरंत सहायता मिल सके.

सीएम धामी ने किया हवाई सर्वेक्षण

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हेलीकॉप्टर से बाढ़ ग्रस्त क्षेत्र का सर्वेक्षण किया. उसके बाद उन्होंने उत्तरकाशी आपदा नियंत्रण कक्ष से राहत एवं बचाव कार्यों की गहन समीक्षा की. सीएम धामी ने प्रदेश के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों और सेना के प्रतिनिधियों से भी स्थिति की जानकारी ली और उन्हें राहत कार्यों को तेजी से आगे बढ़ाने के निर्देश दिए. धामी ने कहा कि भोजन और दवाइयों की व्यवस्था की गयी है और राशन बांटने और उस पर निगरानी के लिए तीन पुलिस अधीक्षक स्तर के अधिकारियों समेत 160 पुलिसकर्मियों की तैनाती की गयी है.

सेना के 11 जवान लापता

सेना के प्रवक्ता लेफ्टिनेंट कर्नल मनीष श्रीवास्तव ने बताया कि लापता लोगों में 11 सैनिक भी शामिल हैं. वहीं सेना के जवान बेस के प्रभावित होने के बावजूद पूरे साहस और दृढ़ संकल्प के साथ बचाव कार्य में जुड़े हुए हैं. अधिकारियों ने यहां बताया कि आपदा में हुए जानमाल के भारी नुकसान को देखते हुए राहत एवं बचाव कार्यों तथा क्षतिग्रस्त परिसंपत्तियों की तत्काल मरम्मत के लिए राज्य आपदा मोचन निधि से 20 करोड़ रुपये की धनराशि जारी की गयी है. इसके अलावा पांच विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम भी तत्काल उत्तरकाशी पहुंच रही है, ताकि प्रभावितों को समय से उचित इलाज उपलब्ध कराया जा सके. इनपुट भाषा

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By Pritish Sahay

प्रीतीश सहाय, इन्हें इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया इंडस्ट्री में 12 वर्षों से अधिक का अनुभव है. ये वर्तमान में प्रभात खबर डॉट कॉम के साथ डिजिटल कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं. मीडिया जगत में अपने अनुभव के दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण विषयों पर काम किया है और डिजिटल पत्रकारिता की बदलती दुनिया के साथ खुद को लगातार अपडेट रखा है. इनकी शिक्षा-दीक्षा झारखंड की राजधानी रांची में हुई है. संत जेवियर कॉलेज से ग्रेजुएट होने के बाद रांची यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता की डिग्री हासिल की. इसके बाद लगातार मीडिया संस्थान से जुड़े रहे हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत जी न्यूज से की थी. इसके बाद आजाद न्यूज, ईटीवी बिहार-झारखंड और न्यूज 11 में काम किया. साल 2018 से प्रभात खबर के साथ जुड़कर काम कर रहे हैं. प्रीतीश सहाय की रुचि मुख्य रूप से राजनीतिक खबरों, नेशनल और इंटरनेशनल इश्यू, स्पेस, साइंस और मौसम जैसे विषयों में रही है. समसामयिक घटनाओं को समझकर उसे सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने की इनकी हमेशा कोशिश रहती है. वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय राजनीति से जुड़े मुद्दों पर लगातार लेखन करते रहे हैं. इसके साथ ही विज्ञान और अंतरिक्ष से जुड़े विषयों पर भी लिखते हैं. डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में काम करते हुए उन्होंने कंटेंट प्लानिंग, न्यूज प्रोडक्शन, ट्रेंडिंग टॉपिक्स जैसे कई क्षेत्रों में काम किया है. तेजी से बदलते डिजिटल दौर में खबरों को सटीक, विश्वसनीय और आकर्षक तरीके से प्रस्तुत करना पत्रकारों के लिए चुनौती भी है और पेशा भी, इनकी कोशिश इन दोनों में तालमेल बनाते हुए बेहतर और सही आलेख प्रस्तुत करना है. वे सोशल मीडिया और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म की जरूरतों को समझते हुए कंटेंट तैयार करते हैं, जिससे पाठकों तक खबरें प्रभावी ढंग से पहुंच सकें. इंटरनेशनल विषयों में रुचि होने कारण देशों के आपसी संबंध, वार अफेयर जैसे मुद्दों पर लिखना पसंद है. इनकी लेखन शैली तथ्यों पर आधारित होने के साथ-साथ पाठकों को विषय की गहराई तक ले जाने का प्रयास करती है. वे हमेशा ऐसी खबरों और विषयों को प्राथमिकता देते हैं जो राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय लिहाज से महत्वपूर्ण हों. रूस यूक्रेन युद्ध, मिडिल ईस्ट संकट जैसे विषयों से लेकर देश की राजनीतिक हालात और चुनाव के दौरान अलग-अलग तरह से खबरों को पेश करते आए हैं.

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