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उत्तराखंड के नये CM का फैसला 21 मार्च को, दौड़ में सबसे आगे चल रहे पुष्कर सिंह धामी देहरादून रवाना

दिल्ली से रवाना होने से पहले पुष्कर सिंह धामी ने मीडिया से बातचीत में कहा कि कल (सोमवार 21 मार्च 2022 को) देहरादून में भाजपा विधायक दल की बैठक होगी. उसी में नये मुख्यमंत्री का चयन किया जायेगा.

By Prabhat khabar Digital
Updated Date
पुष्कर सिंह धामी होंगे उत्तराखंड के मुख्यमंत्री?
पुष्कर सिंह धामी होंगे उत्तराखंड के मुख्यमंत्री?
सोशल मीडिया

नयी दिल्ली/देहरादून: उत्तराखंड का नया मुख्यमंत्री कौन होगा (Who is New Chief Minister of Uttarakhand) ? इसका फैसला सोमवार को देहरादून में होने वाली भारतीय जनता पार्टी (BJP) के विधायक दल की बैठक में हो जायेगा. सूत्र बता रहे हैं कि निवर्तमान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी (Pushkar Singh Dhami) उत्तराखंड के सीएम की रेस में सबसे आगे हैं. पुष्कर सिंह धामी रविवार को देहरादून के लिए रवाना हो गये.

पुष्कर सिंह धामी देहरादून रवाना

दिल्ली से रवाना होने से पहले पुष्कर सिंह धामी ने मीडिया से बातचीत में कहा कि कल (सोमवार 21 मार्च 2022 को) देहरादून में भाजपा विधायक दल की बैठक होगी. उसी में नये मुख्यमंत्री का चयन किया जायेगा. मैं अब देहरादून जा रहा हूं. वहीं, उत्तराखंड प्रदेश भाजपा अध्यक्ष मदन कौशिक (Madan Kaushik) ने दिल्ली में कहा कि सभी विधायक मिलकर विधायक दल का नेता चुनेंगे.

कल शपथ लेंगे नवनिर्वाचित विधायक

मदन कौशिक ने कहा कि सभी विधायक कल दिन में 11 बजे विधानसभा में शपथ लेंगे. शाम में विधायक दल की बैठक होगी. उसी में नेता का चयन किया जायेगा. वहीं, उत्तराखंड के प्रभारी मानवीर चौहान (Manveer Chauhan) ने कहा कि रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह (Rajnath Singh) और विदेश राज्यमंत्री मीनाक्षी लेखी (Meenakshi Lekhi) कल देहरादून पहुंचेंगी. विधायक दल की बैठक के बाद नये मुख्यमंत्री के नाम की घोषणा की जायेगी. उसके सरकार के शपथ ग्रहण की तारीख तय की जायेगी.

10 दिन से मुख्यमंत्री पर सस्पेंस कायम

पहाड़ी प्रदेश उत्तराखंड में चुनावी नतीजे आने के बाद ही भाजपा की सरकार बननी तय हो गयी थी, लेकिन 10 दिनों तक सरकार गठन को लेकर पार्टी में शीर्ष स्तर पर चली कवायद के बाद भी स्पष्ट नहीं हो सका कि राज्य का अगला मुख्यमंत्री कौन होगा. बहरहाल, यह कवायद रविवार को अंतिम दौर की ओर पहुंचती दिखी.

अमित शाह के आवास पर हुई महत्वपूर्ण बैठक

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के आवास पर भाजपा के वरिष्ठ नेताओं की एक महत्वपूर्ण बैठक हुई. सूत्रों के मुताबिक, पार्टी के शीर्ष नेताओं ने इस बैठक में प्रदेश भाजपा के नेताओं से भावी मुख्यमंत्री के नाम को लेकर रायशुमारी की. सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, बैठक में भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा, संगठन महासचिव बीएल संतोष और राज्य के केंद्रीय चुनाव प्रभारी प्रह्लाद जोशी मौजूद थे.

भावी सीएम के नाम पर शीर्ष नेताओं ने की चर्चा

इन नेताओं ने पुष्कर सिंह धामी, प्रदेश अध्यक्ष मदन कौशिक, पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत, वरिष्ठ नेता सतपाल महाराज और पूर्व केंद्रीय मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक से भावी मुख्यमंत्री के नाम पर विचार-विमर्श किया. बैठक के बाद धामी ने बताया कि सोमवार को विधायक दल की बैठक होगी और इसमें मुख्यमंत्री के नाम पर मुहर लगायी जायेगी.

धामी की अगुवाई में भाजपा को मिली शानदार जीत

ज्ञात हो कि उत्तराखंड में भाजपा ने शानदार बहुमत तो हासिल कर लिया, लेकिन मुख्यमंत्री धामी खटीमा से हार गये. ऐसे में सरकार का नेतृत्व कौन करेगा, इसे लेकर संशय की स्थिति उत्पन्न हो गयी. इसे दूर करने के लिए भाजपा में शीर्ष स्तर पर मंथन का दौर शुरू हो गया, जो लगातार जारी है.

धामी के लिए सीट खाली करने को तैयार कई विधायक

सूत्रों के मुताबिक, हार के बावजूद धामी मुख्यमंत्री पद की दौड़ में सबसे आगे चल रहे हैं. अमित शाह के आवास पर जारी बैठक में धामी की मौजूदगी भी इसका संकेत करती है. बैठक में मौजूद सूत्रों ने बताया कि कई विधायकों ने धामी के लिए अपनी सीट खाली करने का प्रस्ताव दिया है.

ये भी हैं मुख्यमंत्री की रेस में

सूत्रों की मानें, तो चौबट्टाखाले के विधायक सतपाल महाराज, श्रीनगर के विधायक धन सिंह रावत, रक्षा राज्यमंत्री अजय भट्ट, पूर्व केंद्रीय शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक और राज्यसभा सदस्य अनिल बलूनी भी मुख्यमंत्री पद के दावेदारों में शामिल हैं. गौरतलब है कि प्रदेश में 14 फरवरी को हुए विधानसभा चुनाव के इस माह घोषित परिणामों में भाजपा 70 में से 47 सीटों पर जीत हासिल कर लगातार दूसरी बार सत्तासीन होने जा रही है.

धामी के नाम पर भाजपा ने लड़ा था चुनाव

भाजपा की उत्तराखंड इकाई के सूत्रों ने कहा कि धामी के दोबारा मुख्यमंत्री बनने की संभावना ज्यादा है, क्योंकि वह न केवल युवा और ऊर्जावान हैं, बल्कि भाजपा ने पहाड़ी राज्य में उनके नाम पर चुनाव लड़ा था और शानदार जीत दर्ज की. सूत्रों के मुताबिक, पार्टी के धामी के नाम पर मुहर लगाने का फैसला करने की एक और बड़ी वजह यह हो सकती है कि उसे पिछले कार्यकाल में बेहद कम समय में दो मुख्यमंत्रियों को बदलने के लिए काफी आलोचनाओं का सामना करना पड़ा था.

जातीय संतुलन बनाना अहम

सूत्रों ने कहा कि अगर पार्टी किसी नये चेहरे का चयन करने का फैसला लेती है, तो क्षेत्रीय और जातीय संतुलन बैठाना काफी अहम होगा. चूंकि, कुमाऊं के एक ब्राह्मण नेता अजय भट्ट को पहले ही केंद्रीय राज्य मंत्री बनाया जा चुका है, ऐसे में क्षेत्रीय और जातीय संतुलन बैठाने के लिए गढ़वाल के एक ठाकुर या राजपूत नेता को मुख्यमंत्री चुना जा सकता है. अगर ऐसा होता है, तो सतपाल महाराज या धन सिंह रावत, जो गढ़वाल के प्रमुख ठाकुर नेता हैं, मुख्यमंत्री पद के लिए पसंदीदा चेहरा बनकर उभर सकते हैं.

Posted By: Mithilesh Jha

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