Uttarakhand Avalanche: जीवित बचे लोगों ने सुनाई खौफनाक कहानी, अब तक 7 की मौत

Updated:
विज्ञापन

Uttarakhand Avalanche

Uttarakhand Avalanche: उत्तराखंड के चमोली जिले में बदरीनाथ के पास माणा गांव में सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) शिविर पर हुए हिमस्खलन में लापता मजदूरों की खोज जारी है. इस घटना में अबतक 7 लोगों की मौत हो चुकी है. रविवार को 3 और शव बरामद हुए. राहत और बचाव कार्य जारी है.

विज्ञापन

Uttarakhand Avalanche: माना (चमोली) हिमस्खलन घटना के बारे में पीआरओ (रक्षा) देहरादून लेफ्टिनेंट कर्नल मनीष श्रीवास्तव ने बताया, सेना ने सर्च ऑपरेशन के दौरान बर्फ में दो और शव बरामद किए हैं. 54 में से 53 श्रमिकों को अब तक बचा लिया गया है. एक व्यक्ति अभी भी लापता है, और तलाशी और बचाव अभियान जारी है.

जीवित बचे लोगों ने सुनाई खौफनाक कहानी

हिमस्खलन में जीवित बचे लोगों ने खौफनाक कहानी सुनाई. जोशीमठ आर्मी अस्पताल में भर्ती हिमस्खलन स्थल से बचाए गए लोगों में से एक विजय पांडे ने कहा, “हम कंटेनर में थे. जब हिमस्खलन हुआ तो यह कंटेनर को बहा ले गया. हमने खुद को बर्फ में पाया. हममें से 9 लोग कंटेनर में थे, और जिनमें से चार यहां भर्ती हैं.” एक अन्य जीवित बचे व्यक्ति ने कहा, “मैंने अपने पूरे जीवन में ऐसा कभी नहीं देखा था. किसी तरह, हममें से कुछ लोग बीआरओ कैंप तक पहुंचने में कामयाब रहे.” एक अन्य ने हिमस्खलन की तीव्रता को याद करते हुए कहा, “यह इतना अचानक हुआ कि हमें कुछ भी पता नहीं चला. हमारे सभी कंटेनर नष्ट हो गए क्योंकि वह खतरनाक तूफान था. किसी तरह, हम सेना के शिविर की ओर भागने में कामयाब रहे.

पढ़ें प्रभात खबर की प्रीमियम स्टोरी: कुत्ते संग 11 महीने की बच्ची की शादी, हो जनजाति की अनोखी परंपरा

3200 मीटर की उंचाई पर बीआरओ शिविर में हिमस्खलन के बाद फंस गए थे 54 मजदूर

करीब 3200 मीटर की उंचाई पर भारत-चीन सीमा पर स्थित आखिरी गांव माना में शुक्रवार को हिमस्खलन होने से बीआरओ शिविर में आठ कंटेनरों में रह रहे सीमा सड़क संगठन के 54 मजूदर बर्फ में फंस गए थे. मजदूरों की संख्या पहले 55 बतायी जा रही थी लेकिन एक मजदूर के हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा स्थित अपने घर सुरक्षित पहुंच जाने की सूचना मिलने के बाद यह संख्या 54 रह गयी.

विज्ञापन
ArbindKumar Mishra

लेखक के बारे में

By ArbindKumar Mishra

अरबिंद कुमार मिश्रा वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में एक अनुभवी पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. अप्रैल 2011 से संस्थान का हिस्सा रहे अरबिंद के पास पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर और डेस्क एडिटर 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. वर्तमान में वह नेशनल और इंटरनेशनल डेस्क की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं. विशेषज्ञता और अनुभव अरबिंद की लेखनी में खबरों की गहराई और स्पष्टता है. उनकी मुख्य विशेषज्ञता इन क्षेत्रों में है. राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मामले: वैश्विक राजनीति और देश की बड़ी घटनाओं पर पैनी नजर. खेल पत्रकारिता: झारखंड में आयोजित 34वें नेशनल गेम्स से लेकर JSCA स्टेडियम में हुए कई अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैचों की ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव. झारखंड की संस्कृति: राज्य की कला, संस्कृति और जनजातीय समुदायों की समस्याओं और उनकी जीवनशैली पर विशेष स्टोरीज. पंचायतनामा: ग्रामीण विकास और जमीनी मुद्दों पर 'पंचायतनामा' के लिए विशेष ग्राउंड रिपोर्टिंग. करियर का सफर प्रभात खबर डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत करने वाले अरबिंद ने पत्रकारिता के हर आयाम को बखूबी जिया है. डिजिटल मीडिया की बारीकियों को समझने से पहले उन्होंने आकाशवाणी (All India Radio) और दूरदर्शन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में एंकरिंग के जरिए अपनी आवाज और व्यक्तित्व की छाप छोड़ी है. शिक्षा और योग्यता UGC NET: अरबिंद मिश्रा ने यूजीसी नेट (UGC NET) उत्तीर्ण की है. मास्टर्स (MA): रांची यूनिवर्सिटी के जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग से एमए की डिग्री. ग्रेजुएशन: रांची यूनिवर्सिटी से ही मास कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म में स्नातक.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola