Uttar Pradesh: संभल के चंदौसी में मिली 150 साल पुरानी बावड़ी, खुदाई का काम जारी

Published by : ArbindKumar Mishra Updated At : 22 Dec 2024 4:12 PM

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Uttar Pradesh: उत्तर प्रदेश के संभल में लगातार खुदाई का काम जारी है. इस बीच 150 साल पुरानी एक बावड़ी मिली है.

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Uttar Pradesh: यूपी के संभल में 46 साल बाद शिव-हनुमान मंदिर को खोला गया. अब जिले के चंदौसी में भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण की टीम ने 150 साल पुरानी एक बावड़ी का पता लगाया है. जो सीढ़ीनुमा है.

जिला मजिस्ट्रेट ने की पुष्टि

150 साल पुराली बावड़ी मिलने की पुष्टि संभल के जिला मजिस्ट्रेट ने कर दी है. अधिकारी राजेंद्र पेंसिया ने बताया, खुदाई में 400 वर्ग मीटर क्षेत्रफल वाली एक बावड़ी मिली है. 4 चेंबर वाली संरचना में संगमरमर की कुछ मंजिलें हैं.

बिलारी के राजा के दादा के समय की है बावड़ी

संभल के जिला मजिस्ट्रेट राजेंद्र पेंसिया ने बताया, “करीब 400 वर्ग मीटर का क्षेत्र अह-बाओली तालाब के रूप में दर्ज है. इस बाओली का निर्माण बिलारी के राजा के दादा के समय में हुआ था. दूसरी और तीसरी मंजिल संगमरमर से बनी है और ऊपरी मंजिलें ईंटों से बनी हैं. उन्होंने बताया, “संरचना पूरी तरह से मिट्टी से ढकी हुई है, नगर पालिका की टीम ऊपरी मिट्टी को हटा रही है. वर्तमान में केवल 210 वर्ग मीटर ही बाहर है और बाकी पर कब्जा है. अतिक्रमण हटाने के लिए कार्रवाई की जाएगी.”

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एएसआई की टीम ने संभल में पांच तीर्थों और 19 कुओं का किया निरीक्षण

नगर निगम चंदौसी के अधिशासी अधिकारी कृष्ण कुमार सोनकर ने कहा, “जैसे ही हमें पता चला कि यहां एक बावली है , हमने यहां खुदाई का काम शुरू कर दिया है, जैसे-जैसे हम काम जारी रखेंगे, हमें इसके बारे में और जानकारी मिलती जाएगी. हम इसे बहाल करने की पूरी कोशिश करेंगे, हम यह देखने के लिए काम कर रहे हैं कि यहां क्या-क्या है.” इससे पहले एएसआई की चार सदस्यीय टीम ने संभल में पांच तीर्थों और 19 कुओं का निरीक्षण किया था.

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लेखक के बारे में

By ArbindKumar Mishra

अरबिंद कुमार मिश्रा वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में एक अनुभवी पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. अप्रैल 2011 से संस्थान का हिस्सा रहे अरबिंद के पास पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर और डेस्क एडिटर 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. वर्तमान में वह नेशनल और इंटरनेशनल डेस्क की जिम्मेदारी संभालने के साथ-साथ एक पूरी शिफ्ट का नेतृत्व (Shift Lead) भी कर रहे हैं. विशेषज्ञता और अनुभव अरबिंद की लेखनी में खबरों की गहराई और स्पष्टता है. उनकी मुख्य विशेषज्ञता इन क्षेत्रों में है. राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मामले: वैश्विक राजनीति और देश की बड़ी घटनाओं पर पैनी नजर. खेल पत्रकारिता: झारखंड में आयोजित 34वें नेशनल गेम्स से लेकर JSCA स्टेडियम में हुए कई अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैचों की ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव. झारखंड की संस्कृति: राज्य की कला, संस्कृति और जनजातीय समुदायों की समस्याओं और उनकी जीवनशैली पर विशेष स्टोरीज. पंचायतनामा: ग्रामीण विकास और जमीनी मुद्दों पर 'पंचायतनामा' के लिए विशेष ग्राउंड रिपोर्टिंग. करियर का सफर प्रभात खबर डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत करने वाले अरबिंद ने पत्रकारिता के हर आयाम को बखूबी जिया है. डिजिटल मीडिया की बारीकियों को समझने से पहले उन्होंने आकाशवाणी (All India Radio) और दूरदर्शन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में एंकरिंग के जरिए अपनी आवाज और व्यक्तित्व की छाप छोड़ी है. शिक्षा और योग्यता UGC NET: अरबिंद मिश्रा ने यूजीसी नेट (UGC NET) उत्तीर्ण की है. मास्टर्स (MA): रांची यूनिवर्सिटी के जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग से एमए की डिग्री. ग्रेजुएशन: रांची यूनिवर्सिटी से ही मास कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म में स्नातक.

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